इमरान सरकार भी हाफिज सईद के साथ

इमरान सरकार भी हाफिज सईद के साथ

जयंत सिन्हा और गिरिराज सिंह, पाकिस्तान के वजीर नूर उल हक कादरी को हाफिज सईद के साथ देख कर खुश हुए होंगे

नुमाइंदा खुसूसी

नई दिल्ली! पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार में मजहबी मामलात के वजीर नूर उल हक कादरी ने दहशतगर्द सरगना और मुंबई हमले के मास्टर माइण्ड हाफिज सईद के साथ डायस पर बैठ कर वाजेह (स्पष्ट) पैगाम दे दिया कि उन्हें न तो भारत के साथ रिश्ते सुधारने की फिक्र है और न ही पाकिस्तानी अवाम की राय इमरान सरकार के लिए कोई अहमियत रखती है। याद रहे कि मुंबई पर हमला कराने के अलावा हिन्दुस्तान में दहशतगर्दी के तकरीबन सभी मामलात में हाफिज सईद का हाथ रहता है। हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे दहशतगर्द सरगनाओं की हरकतों की वजह से भारत और पाकिस्तान के रिश्ते सुधारने की गरज से बातचीत भी नहीं हो पाती है। पाकिस्तान नेशनल असम्बली और रियासती असम्बलियों के पिछले दिनों हुए एलक्शन में अवाम ने हाफिज सईद की पार्टी को धूल चटा दी थी उसके बेटे और दामाद समेत उसकी पार्टी का एक भी उम्मीदवार अपनी जमानत नहीं बचा सका था। अवाम में हाफिज सईद की यही हैसियत है।

पाकिस्तानी अवाम के जरिए ठुकराए हुए हाफिज सईद को दिफाए-पाकिस्तान कांफ्रेंस के बहाने बुलाई गई आल पार्टी मीटिंग में इमरान खान के वजीर ने बुलाया और अपने नजदीक यानी दो लोगों के बाद उसके बैठने की सीट दी। इस मौके पर भी हाफिज सईद हिन्दुस्तान के खिलाफ जहर उगलने से बाज नहीं आया। पाकिस्तान की इस हरकत से जाहिर हो गया कि वहां सरकार किसी भी पार्टी की क्यों न बने दहशतगर्द गरोहों के लिए सभी सरकारों का रवैया एक जैसा ही रहता है। अब तो हाफिज सईद खुल कर सरकारी प्रोग्रामों में शामिल होने लगा है।

इधर हिन्दुस्तान में मोदी सरकार में भी ऐसे वजीरों की कमी नहीं है जो मुल्क के अंदर ही सड़कों पर दहशतगर्दी दिखाने और बेगुनाहों को पीट-पीटकर मार डालने वालों की इज्जत अफजाई करने उन्हें हार फूल पेश करने और जेलों में बंद दंगाइयों से मुलाकात करने में कोई शर्म महसूस नहीं करते हैं। झारखण्ड के हजारीबाग से लोक सभा मेम्बर और नरेन्द्र मोदी वजारत में मिनिस्टर आफ स्टेट जयंत सिन्हा पिछले दिनों उन दहशतगर्दों को अपने घर बुलाकर उन्हें हारफूल पेश कर उन्हें शाबाशा दे चुके हैं। जिन्हें सड़क पर गाय के गोश्त के बहाने एक मुसलमान को पीट-पीट कर मार डालने के जुर्म में उम्र कैद की सजा हो चुकी थी लेकिन हाई कोर्ट से वह जमानत पर छूट कर आए थे। वहीं बिहार से मोदी वजारत में शामिल एक मिनिस्टर आफ स्टेट गिरिराज सिंह भी दंगाइयों से मिलकर उनकी हौसला अफजाई करने जेल पहुंचे। जेल से वह बाकायदा रोते हुए बाहर निकले थे। लगता है हाफिज सईद जैसे खतरनाक हिन्दुस्तान दुश्मन दहशतगर्द सरगना को इमरान खान के वजीर नूर उल हक कादरी के साथ देखकर बहुत खुश हुए होंगे।