सिद्धू की डिप्लोमेसी ही मुल्क के काम आई

सिद्धू की डिप्लोमेसी ही मुल्क के काम आई

नुमाइंदा खुसूसी
नई दिल्ली! भारत और पाकिस्तान के दरम्यान कशीदगी की खबर के बीच एक अच्छी खबर भी आई है। पाकिस्तान में नवजोत सिंह सिद्धू के गले मिलने की डिप्लोमेसी का बड़ा असर हुआ है। पाकिस्तान करतारपुर कारीडोर खोलने को राजी हो गया है। अब बगैर वीजा के हिन्दुस्तानी लोग खुसूसन सिख तबके के ेलोग पाकिस्तान में वाके करतारपुर गुरुद्वारा के दर्शन कर पाएंगे। बता दें कि सिख तबका लंबे अरसे से इसे खोलने की मांग कर रहा था और नवजोत सिंह सिद्धू ने भी पाकिस्तान में इसकी मांग की थी।
सिख मजहब के बानी (संस्थापक) गुरु नानक देव जी की 550वीं बरसी के मौके पर करतारपुर कारीडोर को खोला जाएगा। 22 सितंबर को उनकी बरसी है। दरअसल, यह तारीख इसलिए मुकर्रर की गई है, क्योंकि 22 सितंबर, 1539 को गुरु नानक देव जी का इंतकाल करतारपुर में ही हुआ था और वही पर उनकी समाधि है, जिसे करतारपुर साहिब के नाम से जाना जाता है।
वहीं, नवजोत सिंह सिद्धू ने पाकिस्तान सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पाकिस्तान करतारपुर कारीडोर खोलने को तैयार हो गया है। पंजाब के लोगों के लिए इससे बड़ी खुशी और कुछ नहीं हो सकती है। पाकिस्तानी चैनल एआरवाई न्यूज के मुताबिक इनफारमेशन मिनिस्टर फवाद चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान जल्द ही सिख जायरीन के लिए करतारपुर कारीडोर को खोलेगा।
उन्होंने अपने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान सरकार अम्न व अमान के लिए भारत के साथ बातचीत करने की ख्वाहिश रखती है, लेकिन भारत की जानिब से इस्लामाबाद के अम्न के लिए कोई भी मुसबत रद्देअमल (सकारात्मक प्रतिक्रिया) नहीं आया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी आर्मी की कयादत (नेतृत्व) भी भारत के साथ बातचीत करने की सरकार की ख्वाहिश की हिमायत करती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वजीर-ए-आजम इमरान खान और आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा को यह लगता है कि पाकिस्तान अकेले तरक्की नहीं कर सकता है।