राहुल के मोदी से गले मिलने पर बीजेपी के एतराज की अस्ल वजह

राहुल के मोदी से गले मिलने पर बीजेपी के एतराज की अस्ल वजह

हिसाम सिद्दीकी
नई दिल्ली! गुजिश्ता दिनों लोक सभा में मोदी हुकूमत के खिलाफ तल्ख तकरीर करने के बाद राहुल गांधी जाकर नरेन्द्र मोदी के गले मिले। पहले तो मोदी समेत पूरी बीजेपी को खुश होते देखा गया क्योंकि गले मिलकर राहुल जब चलने लगे तो मोदी ने उन्हें वापस बुलाया हाथ पकड़ कर कान में कुछ कहा, पीठ पर हाथ रखकर दुबारा गले लगाया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान बीजेपी के कई वजीरों और मेम्बरान लोक सभा को खुशी में ताली बजाते और मेजें थपथपाते देखा गया फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि दोपहर के बाद होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने राहुल पर तंज किया। स्पीकर सुमित्रा महाजन ने राहुल के कदम को लोक सभा के वकार (सम्मान) के खिलाफ बता दिया। मोदी जब जवाब देने खडे़ हुए तो उन्होने इंतहाई छोटी बात करते हुए कहा कि वजीर-ए-आजम बनने के लिए इतना उतावलापन है कि आकर मुझसे कह रहे थे कि कुर्सी से उठो-उठो, मैं कुछ समझ पाता तब तक वह (राहुल) मेरे गले ही पड़ गए। राहल गांधी के गले मिलने की बात पर मोदी ने खूब मजाक उड़ाया, फिर बहस में उनकी पार्टी के जितने लोगों ने शिरकत की तकरीबन सभी ने राहुल गांधी का मजाक उड़ाया।
हुआ यूं था कि राहुल गांधी को इस तरह मोदी से जाकर गले मिलते देखने के बाद पूरे मुल्क में यह चर्चा होने लगी कि राहुल गांधी का यह अच्छा कदम है। सभी टीवी चैनलों पर मौजूद सियासी मुबस्सिरीन (टीकाकारों) और एंकरों ने भी राहुल की तारीफ शुरू कर दी। लोक सभा के बाहर बैठकर टीवी चैनल देखने वाले बीजेपी लीडरान को बेचैनी होने लगी कि इस तरह चैनलों पर हो रही तारीफ से राहुल गांधी को सियासी फायदा मिल जाएगा। इस ख्याल से परेशान बीजेपी लीडरान ने फौरन मोदी और लोक सभा में बैठे दीगर वजीरों को इसकी इत्तेला कराई तो फौरन पार्टी ने अपनी हिकमते अमली (रणनीति) तब्दील कर दी। तय हुआ कि राहुल गांधी के इस कदम की मुखालिफत और मजम्मत करनी है।
स्पीकर सुमित्रा महाजन से बात की गई तो राजनाथ सिंह के जवाब के दौरान स्पीकर ने दस मिनट के लिए एवान (सदन) की कार्रवाई मुल्तवी कर दी। दस मिनट बाद कार्रवाई शुरू हुई तो राजनाथ सिंह ने कहा कि आज तो एवान में चिपको आंदोलन शुरू हो गया। फौरन ही स्पीकर सुमित्रा महाजन ने राजनाथ सिंह को रोक कर राहुल के इस कदम को गलत करार देते हुए कहा कि राहुल ने जिस तरह वजीर-ए-आजम के पास जाकर उन्हें गले लगाया यह पार्लियामेंट के जवाबित (नियमों) के खिलाफ बात है उन्हें ऐसा नही करना चाहिए था। उन्होने राहुल गांधी को अपने बेटे जैसा बताते हुए कहा कि मैं एक मां हूं और मां के नाते ही उन्हें समझा रही हूं। सुमित्रा महाजन की नियत पर शक करने की कोई गुंंजाइश नहीं है। लेकिन इतना तो तय है कि यह बात शायद उनसे कहलवाई गई। अगर गले मिलने की राहुल गांधी की कार्रवाई लोक सभा के जवाबित (नियमों) और डेकोरम के खिलाफ थी तो उन्हें उसी वक्त यह बात कहनी चाहिए थी उस वक्त तो वह खुद भी मुस्कुराती हुई दिखी थी। साफ लगता है कि राजनाथ सिंह की तकरीर के दौरान एवान (सदन) की कार्रवाई मुल्तवी करके जब वह अपने चैम्बर में गई तभी उनसे वहां यह कहा गया कि वह राहुल गांधी की सरजनिश (खिंचाई) करें।
लोक सभा में मोदी से गले मिलकर राहुल गांधी ने देश भर की हमदर्दियां और तारीफें हासिल की इस इत्तेला से वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी इतना बेचैन हो गए कि अपने जवाब के दौरान उन्होने जमकर राहुल गांधी का मजाक उड़ाया और फिर कई दिनों तक पब्लिक रैलियों में भी राहुल गांधी का मजाक उड़ाते रहे वह भी इस अंदाज में कि किसी ने सोशल मीडिया पर उनके तरह-तरह से हाथ हिलाने और राहुल गांधी का मजाक उडने की एक्टिंग के साथ राजकपूर का एक गाना ‘कहता है जोकर सारा जमाना-आधी हकीकत आधा फसाना’ मिक्स करके वायरल कर दिया। इस वाक्ए के कई दिन गुजर जाने के बावजूद बीजेपी के लोग राहुल गांधी की कार्रवाई के खिलाफ कुछ न कुछ बोलते ही रहते हैं। उन्हें यह खौफ है कि कहीं राहुल गांधी को इस तरह मोदी के गले मिलने की वजह से अवाम में मोदी से ज्यादा हमदर्दी न हासिल हो जाए।
राहुल गांधी अब भी यही कह रहे हैं कि वह तो हमेशा मोदी को इसी तरह प्यार ही करते रहेगें भले ही मोदी उन्हें गालियां क्यों न बकते रहें और उनसे नफरत क्यों न करते रहें। राहुल गांधी भी दरअस्ल हकीकत समझ नहीं पा रहे हैं। वह यह नहीं समझ पा रहे हैं कि वह जिन नरेन्द्र मोदी से प्यार करने और उनसे गले मिलते रहने की बातें कर रहे हैं उन मोदी की डिक्शनरी (लुगत) में प्यार नाम का कोई लफ्ज ही नहीं है। उनके यहां तो सिर्फ नफरत और झूट है।