हिन्दू मुस्लिम पर फिर उतरे मोदी

हिन्दू मुस्लिम पर फिर उतरे मोदी

लोक सभा एलक्शन में हिन्दुओं को पोलराइज करने के लिए अब उर्दू अखबार का सतही इस्तेमाल

”नरेन्द्र मोदी ने उर्दू अखबार में छपी यह खबर तो पढ ली कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है। इसका प्रोपगण्डा भी करने लगे लेकिन उर्दू, हिन्दी और अंग्रेजी अखबारात मे काफी तफसील से छपी यह खबरें उन्हें नहीं दिखाई दीं कि उनके दफ्तर से कुछ ही किलोमीटर के फासले पर उन्हीं के परिवार के गुण्डों ने कासिम को पीट-पीट कर मार डाला। यूपी के जेलों मे असलहे पहुच रहे हैं और उनके दो वजीर मुसलमानों की लिंचिंग करने वालों और दंगा कराने वालों की इज्जत और हौसला अफजाई कर रहे हैं।“

”दिग्विजय सिंह ने कहा कि एक बड़े हिन्दी अखबार के राज्य सभा मेम्बर रहे मालिक ने इंकलाब अखबार इन्ही कामों के लिए खरीदा है। बीजेपी बताए कि सौदा कितने में हुआ। सुरजेवाला ने कहा कि नरेन्द्र मोदी नफरत फैलाने और बंटवारा करवाने का काम कर रहे हैं। वह धृतराष्ट्र की तरह अंधे और बेअक्ल (विवेकहीन) हो गए हैं और देश के भाईचारे (सद्भाव) का ‘चीरहरण’ कर रहे हैं। वह देश की ‘अनेकता में एकता’ को खत्म करना चाहते हैं।“
”राहुल गांधी से मिलने वाले मुस्लिम दानिशवरों का कहना है कि राहुल गांधी ने ऐसी कोई बात नहीं की थी। वह नदीम जावेद के इस बयान की तस्दीक करते है जिसमें नदीम ने राहुल गांधी के हवाले से कहा कि कांग्रेस, दबे-कुचलों, दलितों, पिछड़ों, हिन्दुआें और मुसलमानां की पार्टी है। इन सबकी आंखों में धूल झोकते हुए इंकलाब के रिपोर्टर यही कहते रहे कि वह अपनी खबर पर कायम हैं। उन्हें कहना भी चाहिए क्योंकि इसीलिए तो उनके संघी मालिकान ने उर्दू अखबार खरीदा था।“

हिसाम सिद्दीकी
लखनऊ! वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी ने सिर्फ एक उर्दू अखबार में छपी यह खबर तो पढ ली कि राहुल गांधी ने कांग्रेस को मुसलमानों की पार्टी बताया है। लेकिन हिन्दी उर्दू और अंग्रेजी के तमाम अखबारात में छपी यह खबरें उन्होने नहीं पढी कि दिल्ली के नजदीक पिलखुवा के एक गांव में उनके आरएसएस कुन्बे के दहशतगर्दों ने गाय के बहाने कासिम को पीट-पीट कर मार डाला। मरते वक्त कासिम ने पानी मांगा तो उसका मुंह तोड़ दिया गया। उन्होने यह खबरें भी नहीं पढी कि उत्तर प्रदेश की जेलों तक में पिस्तौल और गोला बारूद पहुच रहा है। उन्होंने यह भी नहीं पढा कि उनके वजीरों जयंत सिन्हा और गिरिराज सिंह ने मुसलमानों के कातिलों की इज्जत अफजाई की है। अभी तक उन्होने यह खबरें भी अखबारात में नहीं पढी कि उत्तर प्रदेश के संभल में तीन साल की एक खातून को रेप करके जिंदा जला दिया गया और मोदी के नोटबंदी जैसे नाकिस फैसले से तबाह हुए झारखण्ड के बड़े ताजिर महावीर प्रसाद महेश्वरी ने अपने कुन्बे के सभी छः मेम्बरान के साथ खुदकुशी कर ली। झूट की भी कोई इंतेहा होनी चाहिए। लोक सभा का अगला एलक्शन जीतने के लिए वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी एक बार फिर हिन्दू-मुस्लिम पर उतर आए हैं। उत्तर प्रदेश के दो रोजा दौरे के दौरान उन्होने इस बात पर बार-बार जोर दिया कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है। याद रहे कि 2017 के असम्बली एलक्शन के वक्त भी नरेन्द्र मोदी ने ‘श्मशान-कब्रिस्तान’, ‘ईद-होली’ जैसे मुद्दे उठाकर उत्तर प्रदेश जैसी हस्सास (संवेदनशील) रियासत में हिन्दू वोट पोलराइज करने में बड़ी कामयाबी हासिल की थी। अब आजमगढ से सरकारी खर्चे पर बीजेपी की इंतखाबी मुहिम शुरू करते हुए नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उन्होने अखबारों में पढा है कि राहुल गांधी ने कुछ मुस्लिम दानिशवरों की मीटिंग में कहा कि ‘कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है।’ वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी अपनी आदत के मुताबिक झूट बोल रहे थे। क्योंकि सिर्फ एक उर्दू अखबार में खुद उनकी पार्टी के लोगों ने यह खबर प्लाण्ट कराई थी और नरेन्द्र मोदी को उर्दू पढना भी नहीं आता। उनकी तकरीर के बाद उनकी कैबिनेट के वजीर प्रकाश जावडेकर ने उनके दावे को मजबूती देने के लिए प्रेस कांफ्रेंस की उसमें भी उन्होने उर्दू रोजनामा ‘इंकलाब’ में छपी खबर की फोटो कापी दिखाई। चूंकि मोदी के पास उनके किए हुए कामों के सिलसिले में लोगों को बताने के लिए कुछ नहीं है वह हर मौके पर नाकाम रहे हैं। 2014 में उन्होंने जो वादे किए थे उनमें एक भी पूरा नहीं हुआ। इसलिए हिन्दुओं के जज्बात भड़का कर उन्होने राहुल गांधी के मुबय्यना (कथित) बयान के हवाले से यह प्रोपगण्डा शुरू कर दिया है कि कांग्रेस तो मुसलमानों की पार्टी है। कांग्र्रेस तर्जुमान (प्रवक्ता) रणदीप सुरजेवाला, जनरल सेक्रेटरी दिग्विजय सिंह और कांग्रेस अकलियती शोबे (विभाग) के सदर नदीम जावेद ने मोदी के इस प्रोपगण्डे की सख्त मजम्मत करते हुए कहा कि वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी अपने ओहदे के वकार (सम्मान) को गिराते हुए इस तरह का प्रोपगण्डा कर रहे हैं। कांग्रेस इससे घबराने वाली नहीं है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि जिस उर्दू अखबार में राहुल गांधी के हवाले से यह खबर प्लाण्ट कराई गई उसे भारतीय जनता पार्टी ने अपने राज्य सभा मेम्बर रहे एक हिन्दी अखबार के ग्रुप के मालिक से खरीदवा रखा है। आरएसएस के हाथों बिके हुए उस अखबार की ‘क्रिडेबिलिटी’ कितनी है यह सब जानते हैं।
वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी ने वोट के लालच में अखबार में छपी खबर के मुताबिक कांग्रेस पर यह इल्जाम तो लगा दिया कि वह मुसलमानों की पार्टी है, साथ ही यह भी कहा कि तीन तलाक बिल की मुखालिफत करने वाली कांग्र्रेस को यह भी बताना चाहिए कि क्या वह सिर्फ मुस्लिम मर्दों की पार्टी है। उसे मुस्लिम ख्वातीन की फिक्र क्यों नहीं है। कांग्रेस की जानिब से कहा गया कि नरेन्द्र मोदी मुस्लिम ख्वातीन की फिक्र का ड्रामा करते हैं क्योंकि उन्होने खुद उनकी सरकार की पुश्तपनाही में गुजरात में बेवा हुई मुस्लिम ख्वातीन और आरएसएस की गुण्डा तंजीमों के दहशतगर्दों के हाथों सड़कों पर पीट-पीट कर मारे गए मुसलमानों की बेवा हुई ख्वातीन की कभी खैरियत तक नहीं मालूम की। अगर उन्हें ख्वातीन की इतनी ही फिक्र है तो अपने भाइयों पेंशन की रकम के सहारे जिंदगी गुजार रही खातून जसोदा बेन समेत मुल्क की उन करोड़ों हिन्दू ख्वातीन की फिक्र उन्होने कभी क्यों नहीं की जो ओल्ड एज होम्स में पड़ी हैं। मोदी को उन करोड़ों हिन्दू ख्वातीन की भी फिक्र क्यों नहीं होती जिनके शौहरों ने उन्हें मार-पीट कर घरों से निकाल दिया, बेसहारा कर दिया और उन हिन्दू ख्वातीन की भी फिक्र क्यों नहीं होती जो बेवा हैं और उनके इंतखाबी हलके बनारस व मथुरा के आश्रमों में सिर मुडवाए जानवरों जैसी जिंदगी गुजारने पर मजबूर हैं।
यह तनाजा (विवाद) पैदा होने के बाद राहुल गांधी से मुलाकात करने वाले मुस्लिम ग्रुप में शामिल सीनियर सियासतदां और सुप्रीम कोर्ट के वकील जफरूल हसन खां (जेड के) फैजान ने जदीद मरकज से और तारीखदां (इतिहासकार) दिल्ली युनिवर्सिटी के प्रोफेसर इरफान हबीब ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने ऐसी कोई बात नहीं कही थी। एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने यह कहा था कि ‘कांग्रेस देश के तमाम कमजोर और दबे कुचले तबकों की पार्टी है। कांग्रेस हिन्दुआें की पार्टी है, मुसलमानों की पार्टी है, दलितों, पिछड़ों और आदिवासियो की पार्टी है। इसीलिए कांग्रेस सबको साथ लेकर चलती है। मुसलमानों को कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि कांग्रेस उसकी पार्टी नहीं है।’ उनकी इस बात को अखबार ने तोड़-मरोड़ कर क्यों छापा, यह तो अखबार का रिपोर्टर एडीटर और खबर प्लाण्ट कराने वाले बीजेपी के लोग ही बता सकते हैं।
पिछले पांच-छः सालों से वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी मुल्क और विदेशों तक में जाकर मुसलसल झूट बोलने का काम कर रहे हैं। इसके अलावा वोट हासिल करने का उनके पास दूसरा कोई जरिया ही नहीं दिखता है। दावोस में बोले थे कि भारत के छः सौ करोड़ वोटरों ने उनकी पार्टी को जिताया है तो चंद रोज पहले उत्तर प्रदेश में ही कबीर की सरजमीन पर खड़े होकर कहा कि संत कबीर गुरू नानक और बाबा गोरखनाथ एक साथ बैठकर इसी जगह रूहानी (आध्यात्मिक) बातें किया करते थे। अब उन्होने उर्दू अखबार में छपी खबर पढ ली। उर्दू, हिन्दी और अंग्रेजी अखबारों में पिलखुवा (हापुड़) में तफसील से छपी कासिम को पीट-पीट कर मार डालने की खबर वह नहीं पढ पाए। यह खबरें भी नहीं पढ सके कि उत्तर प्रदेश में रोजाना दर्जनों रेप की वारदातें होती हैं। उनके उत्तर प्रदेश दौरे के दिन ही तमाम अखबारों में छपी यह खबर भी उन्हें नहीं दिखाई दी कि संभल में कुछ दरिंदों ने एक दलित औरत को रेप करके जिंदा जला दिया। उनका चश्मा उन्हें यह खबरें भी नहीं दिखा सका कि उनकी पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार में अब जेलों में भी पिस्टल, रिवाल्वर और गोला बारूद धड़ल्ले से पहुच रहा है। उन्होने यह खबरें भी नहीं पढी कि एक मुसलमान अलीमुद्दीन अंसारी को पीट-पीट कर मारने वाले उनकी पार्टी के दहशतगर्द पब्लिक प्रासीक्यूटर की मिलीभगत से जमानत पर छूट कर आए तो उनके वजीर जयंत सिन्हा ने उन कातिल दहशतगर्दों को हार पहना कर और टीका लगाकर उनकी इज्जत और हौसला अफजाई की। उनके दूसरे वजीर गिरिराज सिंह ने नवादा जेल में बंद बजरंग दल के दंगाई जितेन्द्र सिंह उर्फ जीतू से मिलने गए और उसे जेल में देखकर फूट-फूट कर रोए।
कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है यह खबर लिखने वाले रोजनामा इंकलाब के रिपोर्टर मुमताज आलम रिजवी से जब उनकी खबर के सिलसिले में पूछा गया तो उन्होने कहा कि वह अपनी खबर पर कायम हैं साथ ही उन्होंने आरएसएस और बीजेपी लीडरों की तरह यह भी कह दिया कि अगर हमारी खबर गलत है तो कांग्रेस कहे कि वह मुसलमानों की पार्टी नहीं है। उनके इस जवाब पर राहुल गांधी से मिलने वाले मुस्लिम दानिशवरों के वफ्द में शामिल कई लोगों ने हैरत जाहिर करते हुए कहा कि इंकलाब का रिपोर्टर महाभारत का ‘संजय’ हो गया जो अपने दफ्तर में बैठकर वह खबरें भी देख लेता और वह बातें भी सुन लेता है जो दूर किसी जगह हो रही होती हैं। रिपोर्टर का यह कहना ही पूरी साजिश को बेनकाब करता है कि अगर खबर गलत है तो कांग्रेस कहे कि वह मुसलमानों की पार्टी नहीं है।
चूंकि मोदी को हिन्दुओं के दरम्यान यह जहर फैलाना है कि राहुल गांधी के मुताबिक कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है इसलिए उनके बयान के साथ ही डिफेस मिनिस्टर सीतारमण और एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावडेकर भी मीडिया के सामने इंकलाब की कटिंग लेकर आ गए। निर्मला ने आज तक कभी भी अपनी डिफेंस मिनिस्ट्री के बारे में कोई प्रेस कांफ्रेंस नहीं की, कमोबेश यही हालत एचआरडी वजीर प्रकाश जावडेकर की भी है।
कांग्रेस के चीफ तर्जुमान (प्रवक्ता) रणदीप सुरजेवाला ने इस सिलसिले में मोदी पर हमला करते हुए कहा कि वह नफरत बंटवारे और दंगों की सियासत कर रहे है। वह पूरी तरह नासमझ (विवेकहीन) हो चुके हैं। अपने झूट के जरिए वह समाज में जहर घोलते जा रहे हैं। राज्य सभा में कांग्रेस के डिप्टी लीडर आनन्द शर्मा ने भी इंतेहाई सख्त अल्फाज में नरेन्द्र मोदी के झूट की पोल खोली, नदीम जावेद ने भी कहा कि हां, इंकलाब से उनकी बात हुई थी उन्होने उस वक्त भी राहुल गांधी के हवाले से कहा था कि कांग्रेस इस मुल्क के हर तबके और हर मजहब के लोगों की पार्टी है। इसलिए मुसलमानों की भी है। इसमें गलत क्या है।