हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करके मारा फिरकापरस्तों के मुंह पर तमाचा , वसीम ने भीड़ से बचाई पांच हिंदुओं की जान

हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करके मारा फिरकापरस्तों के मुंह पर तमाचा , वसीम ने भीड़ से बचाई पांच हिंदुओं की जान

नुमाइंदा मरकज

मुंबई! देश में भले की मजहब और जात को लेकर जितनी भी सियासत हो लेकिन इसके बरअक्स सच्चाई यह है कि अक्सर हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल भी सामने आती रहती है। बावजूद इसके मजहब के ठेकेदार फिरकापरस्त तकरीर करके समाज को बांटने का काम करते है। खैर ऐसे लोगों की बोलती बंद करने का काम ताजा मामले के जरिए हो रहा है। बता दें कि देश में माब लिंचिंग के कई मामले सामने आ रहे हैं। जिसमे भीड़ शक की बुनियाद पर लोगों को अपना शिकार बनाती है जिससे उन्हें अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ता है।

मालूम हो कि महाराष्ट्र में बच्चा चोरी होने की अफवाह के बीच मनमाड में एक मुस्लिम शख्स वसीम  ने अपनी जान की परवा किये बगैर पांच हिंदुओं की जान बचाई। इस वाक्ये को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। साथ ही जिसने भी इस वाक्ए के बारे में सुना वह वसीम की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाया।

वसीम ने जिन लोगों की जान बचाई उसमे एक औरत और मासूम बच्चा भी शामिल है। यह पूरा मामला मनमाड के आजाद नगर इलाके का है। जानकारी के मुताबिक यहां एक औरत और एक बच्चा समेत पांच लोगों को बच्चा चोर गैंग समझकर हजारों लोगों की भीड़ ने घेर लिया और उनकी पिटाई शुरू कर दी।

गुस्साई भीड़ इन सभी को पीट-पीटकर मार डालती, इसके पहले वहां रहने वाला वसीम नाम का नौजवान सामने आया। वसीम ने भीड़ को समझाने की कोशिश की कि यह सभी बच्चा चोर गिरोह के मेम्बर नहीं है। इसके बाद भी लोगों का गुस्सा कम नहीं हुआ तो वसीम ने अपनी जिंदगी जोखिम में डालते हुए सभी को भीड़ के चंगुल से बचाया और अपने घर में पनाह दी। फिर क्या था ऐसा करने के बाद भीड़ बेकाबू हो गयी और वसीम के घर पर हमला कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस आनन-फानन में मौके पर पहुंची। पुलिस को देख कुछ लोगों ने उनपर हमला बोल दिया और गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। भड़की भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को ताकत का इस्तेमाल करना पड़ा जिसके बाद मामला ठंडा हुआ। बहरहाल वसीम के जरिए की गई इस बहादुरी को सभी ने सराहा। अपर पुलिस कप्तान हर्ष पोद्दार ने कहा कि वसीम की बहादुरी की वजह से ही पांच लोगों की जिंदगी बची है।