फुटबाल की दिग्गज टीमों और खिलाड़ियों के लिए अच्छा नहीं रहा वर्ल्ड कप

फुटबाल की दिग्गज टीमों और खिलाड़ियों के लिए अच्छा नहीं रहा वर्ल्ड कप

मो. सैफुल इस्लाम

फुटबाल के खेल में बड़ी कही जाने वाली जर्मनी, स्पेन, पुर्तगाल और अर्जेंटीना की टीमों के लिए रूस में चल रहा फुटबाल वर्ल्ड कप अच्छा नही रहा। जर्मनी तो पिछले वर्ल्डकप की चैम्पियन टीम थी मगर उसकी शुरूआत ही अच्छी नहीं रही और वह वर्ल्ड कप से बाहर होने वाली पहली टीम बनी। उसे साउथ अफ्रीका ने टूर्नामेंट से बाहर किया। जबकि फ्रांस ने प्री-क्वार्टर फाइनल में अर्जेटीना को बाहर कर दिया। उनकी टीम के बेस्ट फुटबालर लियोनल मेसी इस हार से इतना मायूस हुए हैं कि उनके रिटायरमेट की खबरे गश्त करने लगी यही हाल क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे दिग्गज खिलाड़ी की पुर्तगाल टीम का हुआ जो उरूग्वे से हार कर बाहर हो गई। रूस ने स्पेन को टूर्नामेट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। रोनाल्डो का यह चौथा वर्ल्ड कप था जब उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। 33 साल के रोनाल्डो को कतर में अगला वर्ल्ड कप खेलने के लिए चार साल इंतजार करना पड़ेगा और तब तक वह 37 साल के हो जाएंगे। अगर वह फिट रहे तो कतर में खेलते नजर आएंगे। अर्जेटीना के स्टार लियोनल मैसी 31 साल के हो चुके हैं। क्लब की सतह पर बेहतरीन मुजाहिरा करने वाले मैसी अपनी टीम को जिताने में कई मौकों पर नाकाम रहे हैं। 2014 में वर्ल्ड कप फाइनल मे जर्मनी से अर्जेटीना हारी फिर 2015 कोपा अमरीका और 2016 कोपा अमरीका सेंटेनारियो के फाइनल में अर्जेटीना के बाहर होने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या मैसी भी रिटायरमेट लेगे। फिलहाल अपने रिटायरमेट के सवाल पर मैसी और रोनाल्डो दोनों ने खामोशी अख्तियार कर ली है।

फीफा वर्ल्ड कप मैच में साउथ कोरिया ने जर्मनी को 2-0 से हराकर इस वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा उलटफेर किया है। वैसे भी इस वर्ल्ड कप में जर्मनी की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। जर्मनी को अपने पहले ही मैच में मैक्सिको के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। 2014 की वर्ल्ड चैंपियन अपने फर्स्ट राउंड के तीन मैच में से दो में हार जाएगी, इसका किसी को भी अंदाजा नहीं था। टूर्नामेंट के पहले जर्मनी फेवरेट मानी जा रही थी मगर पहले ही मैच से जानकारों को लग गया था कि इस टीम में वह बात नहीं है जो 2014 की वर्ल्ड कप टीम में थी। 2014 के वर्ल्ड कप के एक मैच में जर्मनी ने ब्राजील पर 7 गोल मारे थे और 7-1 से मैच जीता था। मगर वही टीम 2018 में साउथ कोरिया से हारेगी इस बात का भी अंदाजा किसी को नहीं था। जर्मनी की यह टीम थकी हारी टीम लग रही थी, एकदम से उम्रदराजों की टीम। 2014 की टीम के कई खिलाड़ी इस टीम में थे जो अब ढलान पर नजर आ रहे थे।

वर्ल्ड कप फुटबाल के इतिहास में ऐसा सिर्फ 6 बार हुआ है जब कोई चैंपियन टीम फर्स्ट राउंड में बाहर हुई हो। पिछली बार 2014 में चैंपियन स्पेन बाहर हुई थी। 2010 में इटली के साथ भी यही हुआ था। 2002 में फ्रांस फर्स्ट राउंड में बाहर हुई थी और तो और 1996 में ब्राजील भी फर्स्ट राउंड में हार गई थी।  अब बात करते हैं साउथ कोरिया और जर्मनी की। थोड़ा इतिहास में जाना पड़ेगा 2002 में साउथ कोरिया और जापान ने मिलकर वर्ल्ड कप को कराया था। 2002 वर्ल्ड कप में साउथ कोरिया ने पहले पुर्तगाल को हराया, राउंड आफ 16 में इटली को मात दी। क्वार्टर फाइनल में स्पेन को पेनाल्टी शूट आउट में 5-3 से हराया। मगर सेमी फाइनल में जर्मनी के हाथों 0-1 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई। कई जानकर मानते हैं कि साउथ कोरिया ने जर्मनी से 2002 वर्ल्ड की हार का बदला ले लिया और चैंपियन जर्मनी को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।

इस बार के वर्ल्ड कप मैचों में एशिया की टीम भले ही दूसरे राउंड में नहीं जा पाई हो मगर उसने अपने खेल से सबको मुतास्सिर किया है। ईरान ने तो तकरीबन अर्जेंटीना को वर्ल्ड कप से बाहर ही कर दिया था। इजिप्ट के स्ट्राइकर मो सालाह जो इंग्लिश प्रीमियर लीग में लिवरपूल की तरफ से खेलते हैं, दुनिया के सबसे बेहतरीन स्ट्राइकर माने जाते हैं। उसी तरह जापान ने अपने पहले मैच में जिस तरह से कोलंबिया को मात दी, पूरी दुनिया दंग रह गई। जापान का यह लगातार छठा वर्ल्ड कप है।

दरअसल एशिया में उस तरह का फुटबाल कल्चर नहीं पनप पाया है जैसा कि साउथ अमरीका या यूरोप में है। यहां तक कि अफ्रीका भी फुटबाल के मामले में एशिया से काफी आगे है। जिस तरह का क्लब कल्चर यूरोप में है वैसा एशिया में नहीं है। इंग्लैंड का प्रीमियर लीग हो या स्पेन की ला लीगा, दुनिया के सभी बड़े फुटबालर यहीं खेलते हैं और सैकड़ों करोड़ के मालिक हैं। आबादी के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े दो देश चीन और भारत फुटबाल में कहीं नहीं हैं। इतना जरूर है हम फुटबाल देखना जरूर पसंद करते हैं। अभी भी एशिया में फुटबाल गरीबों के जरिए खेला जाने वाला खेल है। मगर साउथ कोरिया, जापान, ईरान और इजिप्ट ने एक उम्मीद तो उम्मीद है। जरूरत है इसको आगे ले जाने की।  अगला फीफा वर्ल्ड कप 2022 में दोहा, जो कि कतर की राजधानी है, में होने वाला है। एक बार फिर फीफा वर्ल्ड कप एशिया में होगा और उम्मीद यही की जानी चाहिए कि यहां से एशियाई फुटबाल एक नई सिम्त पकड़ेगी।