काश्तकारों के लिए मोदी का चुनावी तोहफा

काश्तकारों के लिए मोदी का चुनावी तोहफा

मो. सैफुल इस्लाम

नई दिल्ली! साढे चार साल तक मुल्क के काश्तकारों को बेवकूफ बनाकर खुदकुशी के लिए मजबूर करने वाली नरेन्द्र मोदी हुकूमत को लोक सभा एलक्शन सर पर आते ही अचानक काश्तकारों से मोहब्बत जाग पडी तो उनकी उपज की सरकारी कीमतों में अचानक सरकार ने इजाफा कर दिया। दावा यह किया कि इस इजाफे से सरकार पर पन्द्रह हजार करोड का बोझ पडेगा और किसानों को उनकी फसल लागत के मुकाबले डेढ गुंना कीमत मिलेगी। सरकार ने फसल की लागत तय करने का जो फार्मूला बताया वह काश्तकार लीडरों अवामी नुमाइदों और खुद मोदी के कई वजीरों की समझ में नही आया है। मोदी की वजीर हर सिमरत कौर बादल ने मोदी के जरिए तय की गई जमीन की कीमतों पर एतराज करते हुए कहा कि पूरे मुल्क में इसके लिए एक सा फार्मूला नहीं हो सकता क्यांकि जमीन की कीमतें पंजाब में करोडो में है तो बराबर के प्रदेश राजस्थान में कीमत बहुत कम है। कांग्रेस लीडरान का कहना है कि उत्तरप्रदेश जैसे सूबे में ही पच्छिमी उत्तर प्रदेश पूर्वी उत्तर प्रदेश बुंदेलखण्ड और अवध इलाकों की जमीनों की कीमतों में जमीन आसमान का फर्क होता है।

मोरदी हुकूमत ने ‘ए’ ग्रेड धान की कीमत में 180 फी कुटल का इजाफा किया तो जनरल ग्रेड के धान की कीमत में 200 रूपए का इजाफा किया गया है। इस इजाफे का इतना ढोल पीटा जा रहा है जैसे मोदी ने काश्तकारों के लिए खजाने खोल दिए हो। प्रोपगण्डा करते वक्त बीजेपी भूल जाती है कि 2012-13 में मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार ने धान की कीमतों में 170 रूपए फी कुटल का इजाफा किया था। पांच साल बाद मोदी ने 200 रूपए का इजाफा किया यानी सिर्फ 30 रूपए फी कुटल। इन पांच सालों मे फी कुटल लागत में इससे कई गुंना ज्यादा इजाफा हुआ हैं मोदी हुकूमत ने फिलहाल खरीफ की चौदह फसलों की कीमते तय की है। सरकार का मानना है कि इस वक्त धान की लागत कीमत 1166 रूपए फी कुटल है। अब इसका एमएसपी 1750 और 1770 रूपए कर दिया गया है। इस तरह काश्तकारों को डेढ गुना फायदा पहुंचाने का वादा सरकार ने पूरा किया। कपास की कीमतों मे भी इजाफा हुआ है। दरम्यानी दर्जे के रेशे की कीमत 4020 रूपए कुटल से बढाकर 5130 रूपए कुटल लम्बे रेशे के कपास की कीमत 4300से बढाकर 5450 रूपए कुटल, अरहर की कीमत 5450 से बढाकर 5675 रूपए की गई है। यानि 225 रूपए कुटल का इजाफा। इसी तरह मूंग की कीमतों में 400 रूपए कुटल तो उडद की कीमत में 200 रूपए कुटल का इजाफा हुआ है। मूगफली की कीमत में 440 रूपए कुटल सोयाबीन की कीमतों में 349 रूपए कुटल काले तिल की कीमत में 1827 रूपए फी कुटल का सूरजमुखी के बीज की कीमतों में 877 रूपए फी कुटल का इजाफा किया गया है।

कांग्रेस तर्जुमान रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पिछले चार सालों में मोदी सरकार ने देश के 62 करोड काश्तकारों को तबाही के दहाने तक पहुचा दिया। अब सियासी लालीपाप की शक्ल में धान की कीमतों में 200 फी कुटल का इजाफा करके उन्हें बेवकूफ बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होने कहा कि जुमलेबाजों का वादा तो यह था कि काश्तकारों को उनकी फसल लागत पर डेढ गुना फायदा देने वाली  कीमतें तय होगी लेकिन चार सवा चार सालो तक न तो उन्हें  लागत की कीमत मिली न मेहनत का मुआवजा। उन्होने कहा कि चार सालों में खाद बीज पेस्टीसाइडस बिजली और डीजल की कीमतों में काश्तकारों के लिए जो जानलेवा इजाफा हुआ है उसके मुकाबले सरकार के जरिए तय की गई कीमतें कुछ भी नहीं है।