कांग्रेसियों पर टूटा योगी पुलिस का कहर लाठी चार्ज के खिलाफ धरना

कांग्रेसियों पर टूटा योगी पुलिस का कहर लाठी चार्ज के खिलाफ धरना

मोहसिन उस्मानी

लखनऊ! लखनऊ में 26 जून को यूथ कांग्रेस के लीडरों और कारकुनों पर पुलिस लाठी चार्ज के खिलाफ हजरतगंज में महात्मा गांधी के मुजस्सिमे पर बड़ी तादाद में कांग्रेसी कारकुनों ने बतौर एहतेजाज धरना दिया। धरने की कयादत उत्तर प्रदेश कांग्र्रेस कमेटी के सदर राज बब्बर ने की। इसमें यूथ कांग्रेस के कौमी सदर केशव चंद यादव के साथ-साथ यूथ कांग्रेस के कारकुन भी बडी तादाद में मौजूद थे। लखनऊ के अलावा दीगर जगहों पर भी कांग्रेसी कारकुनों ने पुलिस लाठी चार्ज के खिलाफ एहतेजाज किया। लखनऊ में धरने को खिताब करते हुए रियासती कांग्रेस के सदर राज बब्बर ने कहा कि इस वक्त मरकज और रियासत में हिटलर की औलादें एक्तेदार पर काबिज हैं। जो पुलिस अवाम के तहफ्फुज के लिए है उसका इस्तेमाल योगी और मोदी के बांउसर के तौर पर किया जा रहा है। उन्होने कहा कि कांग्रेस पार्टी का एक-एक कारकुन पूरी ताकत के साथ यूथ कांग्रेस के सदर के साथ खड़ा है। इस मौके पर केशव चन्द यादव ने कहा कि पुलिस ने हमारे साथियों को लाठियों और बूटों से बड़ी बेरहमी के साथ मारा है।  सरकार के दबाव में हमारे जख्मी साथियों को बगैर दवा इलाज के अस्पताल से भी भगाने की कोशिश की गई।

खबरों के मुताबिक गुजिश्ता 26 जून को मुबय्यना तौर पर गवर्नर का रास्ता रोकने के लिए आगे बढे कांग्रेस के लीडरों और कारकुनों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया जिसमें दर्जन भर से ज्यादा कांग्रेसी शदीद तौर पर जख्मी हो गए। जख्मियों को ट्रामा सेंटर बलरामपुर और सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

गुजिश्ता 26 जून को गांधी भवन में यूथ कांग्रेस के कौमी सदर केशव चन्द यादव की आमद पर उनके एजाज में जलसा हुआ था। दिन में तकरीबन तीन बजे प्रोग्राम खत्म होने पर कांग्रेसी कारकुन बाहर निकले पुलिस का कहना है कि उसी वक्त गवर्नर का काफिला निकलना था इसलिए सडक के दोनां तरफ बैरीकेडिंग लगाकर आमद व रफ्त रोक दी गई। रियासती कांग्रेस के सदर राज बब्बर और दूसरे बडे़ लीडरों के निकल जाने के बाद देर शाम यूथ कांग्रेस के कारकुन बेकाबू हो गए। देर शाम हाई कोर्ट चौकी के इंचार्ज नगेन्द्र तिवारी की जानिब से 80 कांग्रेसी कारकुनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। कांग्रेस के साबिक तर्जुमान अंशु अवस्थी, जीशान हैदर के मुताबिक कांग्रेसी कारकुन भारत बचाओ मुहिम के तहत पुरअम्न तरीके से विधान सभा की तरफ जा रहे थे उसी बीच अचानक पुलिस ने लाठी चार्ज किया उसमें असम्बली में कांग्रेस लेजिसलेचर पार्टी के लीडर अजय कुमार लल्लू, सेंट्रल जोन के सदर अंकित परिहार समेत दर्जन भर से ज्यादा कांग्रेसी लीडर बुरी तरह जख्मी हो गए। यहां तक कि जो लोग उस वक्त गांधी भवन के अंदर थे उन्हें भी पुलिस ने नहीं छोड़ा। लाठी चार्ज में बृजेश बादल का सर फट गया और कई लोगों की हड्डियां टूटी। राज बब्बर जलसे से निकल कर एयरपोर्ट जा चुके थे। वह लाठी चार्ज की खबर सुनकर वहां से वापस लौटे। उन्होने लाठी चार्ज की सख्त लफ्जों में मजम्मत की और कहा कि सडकों पर इतना खून मैंने अपनी जिंदगी में नहीं देखा। असम्बली में पार्टी के लीडर अजय कुमार लल्लू को भी नीचे गिरा कर मारा गया। यह बीजेपी सरकार का ‘जमाना जरायम’ चल रहा है इस लाठी चार्ज में चालीस कांग्रेसी जख्मी हुए हैं जिसमें पांच लोग शदीद तौर पर जख्मी हैं। राज बब्बर ने इल्जाम लगाया कि लाठी चार्ज के वक्त मीडिया को भी वहां से हटा दिया गया। बीएड, टीईटी के तलबा, आंगनबाडी कारकुनों, बेरोजगारों, किसानों और अब यूथ कांग्रेस के कारकुनों को बगैर किसी आर्डर के मारा पीटा गया जो कोई सरकार नहीं कर सकती। यहां तक कि ख्वातीन को भी पीटा गया। कांग्रेस के सीनियर लीडर प्रमोद तिवारी ने पुलिस लाठी चार्ज पर अपना रद्देअमल जाहिर करते हुए कहा कि यह ‘मोदी सरकार की गैर एलानिया इमरजेसी’ है। लखनऊ में जिस तरह पुलिस ने यूथ कांग्रेस की ‘देश बचाओ अवामी तहरीक’ के लिए जा रहे नौजवानों पर लाठी चार्ज किया उससे यह साबित हो गया। उन्होने कहा कि जमीन पर गिरे निहत्थे कारकुनों पर पुलिस ने बेरहमी से लाठियां बरसाई इससे बरतानिया हुकूमत की याद फिर ताजा हो गई जैसे ब्रिटिश हुकूमत मुजाहिदीने आजादी पर लाठी चार्ज कर रही हों। उन्होने हाई कोर्ट के जज से वाक्ए की गैर जानिबदाराना जांच का मतालबा किया है।