अखिलेश और मायावती का मोदी और योगी पर सख्त हमला

अखिलेश और मायावती का मोदी और योगी पर सख्त हमला

जेबा खान

लखनऊ! समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी पर सख्त हमला करते हुए कहा कि यह पार्टी एलक्शन जीतने के लिए कुछ भी कर सकती है और यह आरएसएस की कठपुतली है। बीजेपी  इमरजेसी की याद बार-बार ताजा कराती रहती है कि कांग्रेस ने इमरजेसी थोपी थी मगर बीजेपी की सरकार में नोटबंदी की मआशी इमरजेसी के साथ पिछले चार साल से हर मामले में पूरे मुल्क में गैर एलानिया इमरजेसी जैसा माहौल पाया जा रहा है। वाजेह हो कि इन दोनां पार्टियों का उत्तर प्रदेश में खासा असर है और दोनों के पास अपना मजबूत वोट बैंक है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रियासत में हुए तमाम बाई एलक्शन में चाहे वह  गोरखपुर की लोक सभा सीट हो या फिर फूलपुर की या फिर कैराना की लोक सभा सीट और नूरपुर असम्बली सीट पर हुआ बाई एलक्शन हो इन सब पर भारतीय जनता पार्टी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। सभी बाई एलक्शन में बीएसपी समाजवादी पार्टी और आरएलडी के गठजोड़ ने बीजेपी को दिन में तारे दिखा दिए। 2019 के लोक सभा एलक्शन के पेशेनजर आरएसएस के कंट्रोल वाली बीजेपी ने अपनी तैयारियां तो शुरू कर दीं हैं लेकिन उसे कदम-कदम पर दिक्कतों और दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है यही वजह है कि वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी और वजीर-ए-आला आदित्यनाथ योगी वोट बैंक साधने के लिए कभी मगहर जा रहे हैं तो कभी अयोध्या में साधु-संतों के प्रोग्राम में शिरकत करके राम मंदिर की तामीर की बातें कर रहे हैं तो कहीं बंजारा समाज के जलसे में यह कहकर कि कश्मीरी पंडितों को अपना मजहब तब्दील करने के लिए औरंजेब ने मजबूर किया था।

समाजवादी पार्टी के सदर और साबिक वजीर-ए-आला अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी पूरी तरह आरएसएस के कंट्रोल में है। चुनाव जीतने के लिए यह कुछ भी कर सकती है। मुल्क और सूबे के वोटरों को उनके बहकावे में नहीं आना है। संघ और बीजेपी की साजिशी चालों को बेनकाब करना है। उन्होने कहा कि संघ ने वजीर-ए-आला योगी को कई हिदायात दी हैं जिनमें खास निशाना 2019 का एलक्शन जीतने के लिए समाज को फिर बांटने पर जोर देना है। बीजेपी का ध्यान कभी तरक्की पर नहीं रहा वह समाजी मेल जोल की दुश्मन है। मरकज और रियासती सरकार के पास बताने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होने कहा कि अवाम ने बीजेपी को एक्तेदार तक पहुचाया और उसे बदले में नोटबंदी और जीएसटी मिली। महंगाई रूकी नहीं, गरीब की रोजी छिन गई। सनअती कारोबार और दीगर धंधे चौपट हो गए। लॉ एण्ड आर्डर तो पूरी तरह चरमरा गया है। ख्वातीन और बच्चों के साथ जिन्सी जरायम थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उन्होने कहा कि बीजेपी की रियासती सरकार पन्द्रह महीने की अब तक की अपनी मुद्दतकार में एक भी कामयाबी बताने की पोजीशन में नहीं है। मफादे आम्मा का कोई भी काम शुरू नहीं हुआ। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में गोमती नदी को साफ करने का मंसूबा बनाया गया था और ठोस कदम उठाए गए थे। गोमती नदी के किनारे आलमी सतह का रीवर फ्रण्ट बनाया गया जहां बड़ी तादाद में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। बीजेपी सरकार ने आते ही इंतकाम के जज्बे से शुरू किए गए काम रूकवा दिए। गोमती नदी की सफाई की महज बातें हो रही हैं। दिखावे के लिए वजीर-ए-आला भी पहुच गए।

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने मरकज और रियासतों की बीजेपी सरकारों पर गरीब, मजदूर, किसान, दलित और पिछड़े तबकों की मुखालिफ होने का इल्जाम लगाया। उन्होने कहा कि रिजर्वेशन को मनफी नहीं मुसबत सोच के साथ देखना चाहिए। सही तौर पर कहा जाए तो मुल्क में गैर एलानिया इमरजेसी का माहौल है। उन्होने कहा कि कांग्रेस ने तो सियासी इमरजेसी थोपी थी। बीजेपी सरकार उसकी बार-बार याद ताजा करा रही है। नोटबंदी की मआशी इमरजेसी के साथ पिछले चार साल से हर मामले में गैर एलानिया इमरजेसी का माहौल है। उत्तर प्रदेश सरकार का रवैया दलितों, आदिवासियों और पिछड़े तबकों के रिजर्वेशन के मामले में बहुत भेदभाव भरा है। यही वजह है कि रिजर्वेशन को पूरी तरह गैर मुअस्सर बना दिया गया है। मायावती ने अदलिया, तालीमी इदारों और निजी शोबों में भी रिजर्वेशन की मांग की। उन्होने कहा कि बीएसपी सवर्ण समाज और अकलियती तबके के गरीबों को रिजर्वेशन देने की हामी है। उन्होने कहा कि बीजेपी लीडरों की तानाशाही इतनी बढ गई है कि वह मीडिया के लोगों को जान की धमकी देने लगे हैं। वजीर-ए-आजम को देखना चाहिए कि वह मुल्क के आम लोगों के साथ गैर एलानिया इमरजेसी जैसा सुलूक क्यों कर रहे हैं।