हिन्दुस्तान की साख को पड़ोसी मुल्क से धक्का

हिन्दुस्तान की साख को पड़ोसी मुल्क से धक्का

भूटानी ने अपने शहरियों को हिन्दुस्तानी करेंसी नकद में न रखनें को कहा

नई दिल्ली! मोदी के राज में हिन्दुस्तान की साख में इंटरनेशनल सतह पर जबरदस्त इजाफा हुआ है और अब हर कोई चाहे वह बड़ा मुल्क हो चाहे छोटा सभी जगह हिन्दुस्तान की बात को निहायत संजीदगी और गौर से सुना जा रहा है। पहले की हुकूमतों में इंटरनेशनल बिरादरी में हिन्दुस्तान के तयीं ऐसा तास्सुर कभी नहीं देखा गया। मोदी भक्त तो यह भी दावा करते हैं कि जब से मरकजी सरकार का काम-काज वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी ने संभाला है तब से हिन्दुस्तान की साख में चार चांद लग गए हैं। क्योंकि इससे पहले हिन्दुस्तान को इतनी अहल कयादत कभी नसीब ही नहीं हुई। हिन्दुस्तान की बढती साख के इसी शोरगुल में पड़ोसी मुल्क भूटान से यह खबर आई कि वहां की रायल मोनेटरी अथारिटी (आरएमए) ने भूटानी शहरियों को आगाह किया है कि वह हिन्दुस्तानी करेंसी यानी हिन्दुस्तानी रूपए के नकद लेन देन से एहतराज करें और अगर कोई ऐसा करता है तो वह खुद अपने ‘रिस्क’ पर करे क्योंकि इसके लिए भूटानी सरकार जिम्मेदार नहीं होगी।
वाजेह हो कि भूटान में हिन्दुस्तानी करेंसी ‘लीगल टेंडर’ यानी आम चलन में है। इसके बावजूद शहरियों को यह मश्विरा दिया गया है कि वह हिन्दुस्तानी करेंसी बैंकों में जमा करा दें। भूटान सरकार के इस फैसले से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इंतेहाई छोटे मुल्क का भी हिन्दुस्तान पर वह एतबार नहीं रहा जो पहले हुआ करता था। भूटान मोनेटरी अथारिटी का भूटानी शहरियों को हिन्दुस्तानी रूपए में नकद लेन देन न करने का मश्विरा हिन्दुस्तान की साख को बट्टा तो लगाता ही है उन भक्तों को भी आइना दिखाता है जो चौबीसों घंटे सिर्फ मोदी को जादूई ताकत का हामिल शख्स बताने और बनाने में मसरूफ अमल हैं।
भूटान की रायल मोनेटरी अथारिटी की तरफ से जारी हुआ बयान नोटबंदी का नतीजा है जब 8 नवम्बर 2016 को अचानक वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी टीवी स्क्रीन पर नमूदार हुए और एलान किया कि आज रात बारह बजे से एक हजार और पांच सौ रूपए के नोट लीगल टेडर नहीं रहेगे। यह फैसला करीब पौने दो साल पहले का है मगर भूटान ने अपने शहरियों को हिन्दुस्तानी करेंसी के नकद इस्तेमाल से बचने का जो मश्विरा दिया है उससे उन शकूक व शुब्हात को तकवियत मिलती है कि रिजर्व बैंक आफ इंडिया नोटबंदी के ताल्लुक से कोई फैसला ले सकता है। ऐसी खबरें हिन्दुस्तान में महीनों से गर्दिश कर रही हैं।
भूटान की सेंट्रल बैंक ने अपने शहरियों को आगाह किया है कि हिन्दुस्तानी करेंसी में पांच सौ रूपए के जाली नोट हैं और इसने अवाम से अपील की है कि वह इस कीमत के नोट लेने में एहतियात बरतें। रायल मोनेटरी अथारिटी (आरएमए) ने ग्यारह को यह भी कहा कि पांच सौ रूपए की नई सीरीज के नोट 25 हजार की कीमत से ज्यादा अगला नोटिस जारी होने तक न रखें। इन हिदायात के पसेपुश्त यही है कि करेंसी का चलन हद में रहे। हिन्दुस्तानी सिफारतखाने के एक अफसर ने अपना नाम न बताने की शर्त पर यह बातें बताईं। सिफारतखाने के अफसर ने कहा कि आरबीआई की जानिब से किसी दीगर कार्रवाई की कोई नई इत्तेला नहीं है। हिन्दुस्तानी नोटों के ताल्लुक से यह हिदायात महज एहतियाती कदम है।