जम्मू-कश्मीर में नापाक गठजोड़ टूटा

जम्मू-कश्मीर में नापाक गठजोड़ टूटा

शब्बीर बट्ट

श्रीनगर! अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए आखिर कार बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर में अपनी हलीफ पार्टी पीडीपी के साथ 19 जून को अपना नाता तोड कर 2015 में बने इस गठजोड़ को जमींबोस कर दिया और हैरत की बात यह है कि अब की बार दोनों पार्टियों में किसी खास इश्यू पर इख्तिलाफ नहीं था। लेकिन हमेशा यही कहा जा रहा है कि मुल्कगीर सतह पर बीजेपी और खास कर मोदी की गिरती हुई मकबूलियत को देखकर ऐसा फैसला किया गया है और यह फैसला कुछ इस तरह कयि गया कि रियासत की वजीर-ए-आला महबूबा मुफ्ती समेत दीगर पीडीपी वुजरा को भनक तक नहीं लगी। हालांकि एक अखबार ने इस बात का इंकशाफ भी किया कि जम्मू कश्मीर मे पीडीपी से हिमायत लेने का फैसला वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और अजीत डोभाल की मुलाकात के फौरन बाद लिया गया और होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह को भी इस अहम फैसले की खबर मीडिया के जरिए ही लग पाई। जम्मू कश्मीर में खबर मंजरेआम पर आने के साथ ही सिविल सेक्ट्रेरिएट में वुजरा के चेहरों पर मायूसी साफ नजर आ रही थी जो किसी भी तरह अभी एक्तेदार को छोडने के मूड में नहीं थे बहरहाल जब वजीर-ए-आला महबूबा मुफ्ती को खबर मिली तो उन्होने करीबी साथियों के साथ राजभवन में गवर्नर एनएन वोहरा को अपना इस्तीफा पेश किया जबकि साबिक वजीर-ए-आला और नेशनल कांफ्रेस के नायब सदर उमर अब्दुल्लाह ने महबूबा से पहले ही गवर्नर के साथ मुलाकात की और इसके बाद प्रेस कांफ्रेस से खिताब किया और उन्होने वाजेह कर दिया कि वह रियासत में किसी भी नए एत्तेहाद में शामिल होने के लिए रजामंद नहीं हैं क्योकि बकौल उनके 2014 में नेशनल कांफ्रेस को अवामी मैनडेट नहीं मिला।

कांग्रेस के कद्दावर लीडर और रियासत के साबिक वजीर-ए-आला गुलाम नबी आजाद ने इस अहम फैसले पर अपना रद्देअमल जाहिर करते हुए कहा कि पीडीपी बीजेपी एत्तेहाद बडी गलती थी जिसका अब खात्मा हो गया है। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सरकार बनाने के लिए पीडीपी को हिमायत देने के बारे में कांग्रेस सोच भी नहीं सकती जबकि जम्मू कश्मीर को बर्बाद करके बीजेपी सारा गुनाह पीडीपी के सर थोप कर भाग नहीं सकती।

सियासी झटका लगते ही महबूबा मुफ्ती ने सीनियर पीडीपी लीडरों के साथ एक हंगामी मीटिंग में प्रेस कांफ्रेस से खिताब के दौरान वाजेह किया कि वह बीजेपी के फैसले से हैरान नहीं है क्योकि उन्होने बीजेपी के साथ एक्तेदार के लिए सरकार नहीं बनाई थी बल्कि रियासत की खुसूसी हैसियत को तहफ्फुज देने और अम्न व चैन का माहौल पैदा करने के लिए हाथ मिलाया था।

जम्मू कश्मीर में अब जबकि आठवीं बार गवर्नर राज नाफिज हुआ है अवाम में तो खदशात जनम ले रहे हैं एक तास्सुर अवामी सतह पर यह पाया जा रहा है कि गवर्नर राज के होते हुए वादी में सिक्योरिटी फोर्सेज की ज्यादतियों में इजाफा देखने को मिल सकता है। तवक्कोआत यह भी है कि लम्बे अर्से से पढे लिखे यौमिया उजरतों (डेली वेजेज) पर काम करने वाले मुलाजमीन को मुस्तकिल बनाने के लिए हंगामी नौइयत के इकदामात किए जाएंगे। जबकि अवाम के जान व माल का तहफ्फुज यकीनी बनाने के लिए भी कोशिश होगी। अब जबकि एनएन वोहरा ने एक्तेदार की बाग डोर संभाल ली है ऐसा माना जा रह है  कि बीजेपी आने वाले महीनों में जोडतोड करके कुछ नाराज पीडीपी लीडरों को एक्तेदार का लालच देकर सरकार बनाने का दावा भी पेश कर सकती है क्योकि बीजेपी के झटके के बाद कई ऐसे चेहरे हैं जो पीडीपी की नाव को डुबोने में अहम किरदार अदा कर सकते हैं। लेकिन बीजेपी और पीडीपी के रिपोर्ट कार्ड को देखते हुए आने वाले एलक्शन में दोनों पार्टियों के लिए कोई खुशखबरी नहीं है। बीजेपी को फिलवक्त जम्मू  में अवामी नाराजगी का सामना है जबकि हाल ही में उसने लद्दाख में एक सीट खोई है जबकि पीडीपी को अंदरूनी और बैरूनी महाज पर मुश्किलात दरपेश हैं क्योंकि पिछले 6सालों में हुई अवामी हलाकतों , पिलेट गन का इस्तेमाल हुर्रियत कायदीन पर एनआईए के छापे, सरहदों पर जंगी सूरतेहाल और हाल ही में मारूफ सहाफी शुजाअत बुखारी का कत्ल चंद ऐसे मामले हैं जिनकी वजह से पीडीपी की पोजीशन मजहका खेज (हास्यास्पद) बन गई है। नार्थ कश्मीर से पार्टी के एक सीनियर लीडर और साबिक वजीर-ए-आला अब्दुल हक खान के बारे में खबर है कि वह कांग्रेस ज्वाइन कर रहे हैं जबकि हसीब दराबू समेत कई दीगर नाराज लीडरान अपने अपने मिशन पर लगे हुए हैं इन हालात मेंं यह बात कही जा सकती  है कि आने वाला वक्त पीडीपी के लिए कांटों से भरा होगा।

पीडीपी के सीनियर लीडर मोहम्मद खुर्शीद आलम ने जदीद मरकज को बताया कि बीजेपी जिस तरह पिछले सालों मे रियासत की शिनाख्त को पामाल करने की कोशिश की महबूबा मुफ्ती ने उन कोशिशों का मुकाबला डट कर किया और यही वजह है कि बीजेपी ने अपने अजायम को पूरा करने में अब गवर्नर राज का सहारा लिया है खुर्शीद आलम के मुताबिक पीडीपी एक्तेदार हासिल करने के लिए नहीं बल्कि अवाम के जान व माल का तहफ्फुज बनाए रखने के लिए वजूद में आई है और अपने मिशन को कामयाब बनाने के लिए  यह पार्टी हर दम कोशिश करेगी।