शुजाअत बुखारी का कत्ल, सहाफत की बेखौफ आवाज खामोश कर दी गई,

शुजाअत बुखारी का कत्ल, सहाफत की बेखौफ आवाज खामोश कर दी गई,
शब्बीर बट्ट
श्रीनगर! बेबाक अवाम दोस्त और हक परस्त रोजनामा राइजिंग कश्मीर के एडीटर और उसकी हिफाजत पर मामूर सिक्योरिटी गार्डों पर प्रेस कालोनी श्रीनगर में नामालूम बंदूकबरदारों ने अंधाधुंध फायरिंग की जिसके नतीजे में शुजाअत बुखारी समेत तीन लोग शदीद तौर पर  जख्मी हुए अगरचे तीनों को पास के अस्पताल में मुंतकिल किया गया, मगर डाक्टरों ने शुजाअत बुखारी और उनके दोनों सिक्योरिटी गार्डो को मुर्दा करार दिया। पुलिस सरबराह के मुताबिक सात बजकर 30 मिनट के करीब शुजाअत बुखारी जब अपने दफ्तर से  इफ्तार के  निकले और जब बाहर आकर कार में बैठ गए इस दौरान मोटर साइकिल पर सवार दहशतगर्दों ने अंधाधुंध फायरिंग की जिससे शुजाअत बुखारी और उसके सिक्योरिटी गार्डों की मौत हुई। मालूम हुआ है कि  बंदूकबरदारों ने उनकी गाडी पर कई मिनटों तक घेर कर फायरिंग की। जिससे शुजाअत बुखारी के सिर और सीने में कई गोलियां लगी और उनकी जान चली गई। कश्मीर वादी में उनके इंतकाल की खबर फैलते ही सीनियर सहाफी अस्पताल की तरफ दौड़ पड़े। पुलिस सरबराह डाक्टर एसपी वेद का कहना था कि इंतेहा पसंदों ने इफ्तार का वक्त चुना जब वह घर लौट रहे थे। उधर सहाफती तंजीमों जे एडीटर्स एसोसिएशन, जे एंड के एडीटर्स मंच, समाचार एजेंसीज एसोसिएशन ने शुजाअत बुखारी पर हमले की सख्त लफजोंं मे मजम्मत करते हुए कहा कि आज का दिन एडीटर्स के लिए काला दिन है। सहाफी संगठनों ने शुजाअत बुखारी को बेखौफ, निडर सहाफी बताते हुए कहा कि शुजाअत बुखारी की मौत से एक बहुत बड़ा खला पैदा हो गया है और उसे भरना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है।
कांग्रेस सदर राहुल गांधी ने शुजाअत बुखारी के कत्ल को इंसानियत का कत्ल करार देते हुए कहा कि शुजाअत साहब बेबाक सहाफी थे। शुजाअत बुखारी की मौत को बर्बर करार देते हुए कांग्रेस सदर राहुल गांधी ने कहा कि उसकी जितनी भी मजम्मत की जाए कम है। उन्होंने कहा कि शुजाअत बुखारी ने हमेशा रियासत खास कर कश्मीर वादी में अम्न व अमान कायम करने के लिए अपने आपको वक्फ (समर्पित) कर रखा था। उन्होंने कहा कि उनकी मौत से सहाफत को बहुत नुकसान हुआ है।
जम्मू-कश्मीर की वजीर-ए-आला महबूबा मुफ्ती और साबिक सीएम उमर अब्दुल्लाह ने बुखारी की मौत की मजम्मत की है। जम्मू कश्मीर की वजीर-ए-आला महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वह बुखारी की मर्गे नागहानी की खबर सुनकर हैरान और दुखी हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘दहशतगर्दी की बुराई ने ईद से पहले अपना घिनौना चेहरा दिखाया है। मैं बर्बर हिंसा की हरकत की सख्त मजम्मत करती हूं और अल्लाह से दुआ करती हूं कि उनकी (बुखारी) मगफिरत करे। उनके परिवार के लिए मेरी गहरी हमदर्दी है। महबूबा ने रोते हुए कहा कि बुखारी के कत्ल से दहशतगर्दी का चेहरा सामने आया है। उन्होने कहा कि अम्न बहाल करने की हमारी कोशिशों के खिलाफ खड़ी ताकतों के खिलाफ हमें एकजुट होना चाहिए। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में काफी लंबे वक्त के बाद पहली बार किसी सहाफी को निशाना बनाया गया है। शुजाअत बुखारी को 2000 में उनपर हुए हमले के बाद सिक्योरिटी मुहैया कराई गई थी। शुजाअत बुखारी पर यह हमला उस वक्त हुआ जब कुछ घंटे पहले होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने 28 जून से जम्मू-कश्मीर में शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा की सिक्योरिटी के लिए मीटिंग की थी। पुंलिस अफसरान ने बताया कि हमले में जख्मी दोनों लोगों की हालत नाजुक है। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि हमलावरों की तादाद कितनी थी। बुखारी ने इससे पहले ‘द हिन्दू के कश्मीर नुमाइंदे के तौर पर भी काम किया था। उन्होंने कश्मीर वादी में कई ‘शांति सम्मेलनो’ के इनअकाद में अहम रोल  निभाया था। वह पाकिस्तान के साथ ट्रैक-2 अमल का भी हिस्सा थे। 
होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया है कि राइजिंग कश्मीर के एडीटर शुजाअत बुखारी का कत्ल बुजदिलाना हरकत है। यह कश्मीर की दानिशवराना आवाजों को खामोश करने की कोशिश है। वह एक बेखौफ और हिम्मतवर सहाफी थे। उनके इंतकाल पर बेहद दुख और अफसोस हुआ है। मेरी हमदर्दी उनके परिवार के साथ हैं। कांग्रेस सदर राहुल गांधी ने भी शुजाअत बुखारी के कत्ल पर अफसोस जाहिर किया और कहा कि बुखारी एक निडर सहाफी थे, जिन्होंने इंसाफ और अम्न के लिए बेखौफ होकर लड़ाई लड़ी।