शान से गया शानदार खिलाड़ी – एबी डिवीलर्स

शान से गया शानदार खिलाड़ी – एबी डिवीलर्स

पाकिस्तान और भारत को छोड़कर तमाम मुल्कों में यह रिवायत रही है कि उसके क्रिकेटरों ने चोटी पर रहते हुए क्रिकेट को अलविदा कहा। साउथ अफ्रीका के अजीम क्रिकेटर ए बी डिविलियर्स ने भी इस रिवायत को कायम रखते हुए क्रिकेट से सभी फार्मेट से रिटायरमेट लेने का एलान कर दिया। डिविलियर्स की उम्र महज 34 साल है और वह अभी कई साल क्रिकेट खेल सकते थे मगर उन्होने नए खिलाड़ियों के लिए जगह खाली करते हुए कहा कि वह थक चुके हैं। हालांकि अपने रिटयरमेट से पहले उन्होने आईपीएल में जिस तरह से एलेक्स हेल्स का कैच पकडा था वह फुर्ती नौजवान खिलाडियों को भी मात देती है। इसी से लगता है कि डिविलियर्स ने अपने बड़प्पन का सबूत देते हुए खुद को थका हुआ बताकर नए खिलाडी के लिए जगह छोड़ दी। बडेे खिलाडी की शान यह होती है कि वह जब रिटायरमेट का एलान करता है तो सभी को हैरत होती है कि अभी क्यों? जबकि भारत पाकिस्तान के कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो जबरदस्ती टीम में नए खिलाडी की जगह कब्जाए हैं और कई लोग तो पूछते भी है कि रिटायरमेट कब लंेगे। ऐसे खिलाडी मीडिया के जरिए अपनी तारीफों के पुल बंधवाते हैं और टीम मे बने रहते हैं। यही वजह है कि उनके रिटायरमेट लेने पर किसी को हैरत नहीं होती। मगर डिविलियर्स ने बड़े खिलाड़ियों की रिवायत को कायम रखते हुए चोटी पर रहते हुए क्रिकेट को अलविदा कह दिया और एक शानदार खिलाड़ी शान से रूखसत हुआ।

साउथ अफ्रीका के साबिक कप्तान एबी डिविलियर्स ने क्रिकेट के सभी फार्मेट से फौरन रिटायरमेट लेने का एलान कर दिया। साउथ अफ्रीका ही नहीं, वल्र्ड क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाजों में शुमार डिविलियर्स ने 114 टेस्ट, 228 वनडे और 78 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम पर 8765 रन दर्ज हैं। वनडे में उन्होंने 9577 और टी-20 इंटरनेशनल में 1672 रन बनाए हैं। अपने रिटायरमेट का एलान करते हुए 34 साल के इस खिलाड़ी ने कहा, मुझे लगता है कि क्रिकेट को अलविदा कहने का यह सही वक्त है। इस एलान के साथ ही डिविलियर्स ने अपने 14 साल के सुनहरे क्रिकेट कैरियर का खात्मा किया। अब्राहम डिविलियर्स की इमेज विकेट के हर कोने में शाट लगाने वाले बल्लेबाज की थी। शार्टर फार्मेट के क्रिकेट में वह इस अंदाज में बल्लेबाजी करते थे कि मुखालिफ कप्तान को उनके खिलाफ फील्डिंग लगाना मुश्किल होता था। क्रिकेट के मुश्किल से मुश्किल शाट को डिविलियर्स इतनी आसानी से खेलते थे कि हर कोई वाह-वाह कर उठता था। डिविलियर्स ने अपने खेल के फन की बदौलत साउथ अफ्रीका ही नहीं, दुनियाभर में मद्दाह बनाए। डिविलियर्स ने कहा कि हर चीज का कभी न कभी खात्मा होता है। मैं साउथ अफ्रीका और दुनियाभर के क्रिकेट के अपने चाहने वालों के जरिए मिले प्यार और सपोर्ट के लिए दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। मैं घरेलू क्रिकेट में खेलना जारी रखूंगा। साउथ अफ्रीकी क्रिकेट टीम और इसके कप्तान फाफ डुप्लेसिस को पूरा पूरा सपोर्ट हैं और यह आगे भी जारी रहेगा। शुक्रिया…. अपने 114 टेस्ट के कैरियर में एबी ने 22 संेचुरी और 46 हाफ सेंचुरी बनाई। साउथ अफ्रीका के इस खिलाड़ी ने कहा कि 114 टेस्ट, 228 वनडे और 78 टी-20 खेलने के बाद अब वक्त आ गया कि दूसरे खिलाड़ी मेरी जगह लें। मैंने क्रिकेट में अपना वक्त बिता लिया है। मैं थक गया हूं। अब मैं परिवार को वक्त देना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि यह फैसला लेना आसान नहीं था। मैंने यह फैसला लेने के पहले काफी गौर किया। आस्ट्रेलिया और भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जीत हासिल करने के बाद मुझे लगता है कि यह खेल को अलविदा कहने का सही वक्त है।