दलित को पीट-पीट कर मार डाला

दलित को पीट-पीट कर मार डाला

राजकोट! एक तरफ वजीरआजम नरेन्द्र मोदी दलितों की हमदर्दी का दम भरते नहीं थकते दूसरी तरफ दलितों पर जुल्म करने और उन्हें कत्ल करते सवर्ण तबके और खुद को हिन्दुत्ववादी कहने वाले भी थकने का नाम नहीं ले रहे हैं। मोदी के गुजरात के ही राजकोट शहर के बाहरी इलाके में बसे शापर कस्बे में शापरवीरावल रोड पर वाके एक फैक्ट्री के पीछे पड़े कूड़े से कुछ चीजें चुनने गए 35 साल के दलित मुकेश वाणीया और उसकी बीवी चम्पा उर्फ जया को फैक्ट्री मालिक के इशारे पर पांच लोगों ने पकड़ कर फैक्ट्री के गेट से बांधा फिर दोनों को बुरी तरह इतना पीटा कि मुकेश ने अस्पताल पहुचते ही दम तोड़ दिया। उसकी बीवी शदीद तौर पर जख्मी हालत में अस्पताल में जेरे इलाज है।

इन दोनों की पिटाई के दौरान जया किसी तरह छूट पाई तो उसने अपने कुछ रिश्तेदारों और पुलिस को इस वाक्ए की इत्तेला दी थी। रिश्तेदारों ने ही इकट्ठा होकर मुकेश औरउसकी बीवी जया को अस्पताल पहुचाया था। पुलिस पहले तो इस मामले में कार्रवाई करने के बजाए टालमटोल करती रही। लेकिन इस पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तभी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रदाडिया इंडस्ट्रीज के मालिक जयसुख रदाडिया उसकी बीवी और दलित को पीटने वाले उसके दोस्त दिव्येश पटेल, तेजस जाला और चिराग पटेल के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दायर करके पांचों को गिरफ्तार कर लिया लेकिन उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे में कत्ल की दफा 302 शामिल नहीं की। मुकेश एक हफ्ता पहले ही अपने गांव राजकोट आया था वह कूड़ा बीनने का काम करता था। उसकी पिटाई कराते वक्त फैक्ट्री मालिक जयसुख रदाडिया ने ही वीडियो बनाया था और खुद उसी ने अगले दिन 21 मई को वीडियो वायरल भी किया था।

भागवत भी तो कुछ बोलेंशिवानन्द तिवारी

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के चीफ मोहन भागवत पर राष्ट्रीय जनता दल के नायब सदर शिवानंद तिवारी ने बड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत बिहार में हैं। नवादा में तीन दिनों तक उनका कयाम था। इस बीच दो दिन पहले गुजरात के राजकोट में एक दलित का पीटपीट कर कत्ल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जिस तरह दलित नौजवान को बांधकर बर्बर तरीके से उसे लाठी से पीटा जा रहा था, सोशल मीडिया पर उसे देश भर में देखा गया। आरजेडी के सीनियर लीडर शिवानंद तिवारी ने कहा कि मुझे उम्मीद थी कि इस वाक्ए पर मोहन भागवत की जानिब से रद्देअमल (प्रतिक्रिया) जरूर आएगा। लेकिन अभी तक उनका कोई रद्देअमल सुनने या देखने को नहीं मिला है। इससे पहले गुजरात के ही उना में पुलिस थाने के सामने सरेआम दलितों को बांध कर पीटा गया था। उस वाक्ए पर वजीरआजम नरेंद्र मोदी का अजीबोगरीब बयान आया था, दलितों को क्यों मारते हो! मारना है तो मुझे मारो। यह वजीरआजम का बयान होकर एक मजबूर श्खख्स का बयान लगा था। उन्होंने कहा कि गुजरात तो हिंदुत्व की लेबोरेट्री रही है। मोहन भागवत के वालिद मधुकर भागवत भी गुजरात में आरएसएस के प्रचारक रहे हैं। हमारे वजीरआजम ने बारह सालों तक गुजरात की सरकार चलाई है। उसके बावजूद वहां दलितों के साथ इस किस्म का गैर इंसानी बर्ताव क्यों हो रहा है! बिहार के अवाम और खास तौर से यहां का दलित समाज मोहन भागवत से इसकी वजह जानना चाहते हैं। आरजेडी को यकीन है कि इस वाक्ए पर भागवत अपनी खामोशी तोड़ेंगे।

याद रहे कि गुजरात के राजकोट में एक दलित नौजवान को कुछ गुण्डों ने लाठीडंडे से पीट कर मार डाला। नौजवान को जानवर की तरह पीटा गया। यह मामला तब गरमा गया, जब उसका वीडियो वायरल हुआ। इस मामले में बताया गया कि मकतूल दलित की बीवी जब कार्रवाई के लिए पुलिस के पास गयी तो पुलिस ने भी उसे भगा दिया। बाद में पुलिस ने कार्रवाई की। इसे लेकर अपोजीशन पार्टियां मरकज और गुजरात सरकार पर हमलावर बनी हुई हैं। इसी कड़ी में आरजेडी के नेशनल नायब सदर शिवानंद तिवारी ने मोहन भागवत को निशाना बनाया। आरएसएस चीफ मोहन भागवत नवादा में मुनअकिद (आयोजित) आरएसएस के तीन रोजा प्रोग्राम में शिरकत करने के लिए नवादा गए हुए थे।