अण्डर-19 वल्र्ड कप में रचा इतिहास – भारत ने लगाया खिताबी चैका

अण्डर-19 वल्र्ड कप में रचा इतिहास – भारत ने लगाया खिताबी चैका

गेंदबाजों के बेहतरीन मुजाहिरे के बाद ओपनर मनजोत कालरा की नाट आउट सेंचुरी (101) की बदौलत भारतीय टीम ने आस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराकर आईसीसी अंडर 19 वल्र्ड कप जीत लिया है। न्यूजीलैंड के माउंट माउंगानुइ में हुए इस खिताबी मुकाबले में आस्ट्रेलिया की टीम ने टास जीतकर पहले बैटिंग की  और 216 रन बनाकर आउट हो गई। जवाब में मनजोत की संेचुरी की बदौलत भारत ने 38.5 ओवर में महज दो विकेट खोकर यह निशाना (लक्ष्य) हासिल कर लिया। मनजोत के साथ विकेटकीपर बल्लेबाज हार्विक देसाई 47 रन बनाकर नाटआउट रहे। इस जीत के साथ अंडर 19 वल्र्ड कप चैथी बार जीतकर भारत ने इतिहास रच दिया है। कोई भी टीम चार बार यह वल्र्ड कप नहीं जीत पाई है। इस मामले में भारत के बाद आस्ट्रेलिया का नम्बर आता है जो तीन बार चैंपियन बना है। भारतीय टीम ने इससे पहले मोहम्मद कैफ (2002), विराट कोहली (2008) और उन्मुक्त चंद (2012) की अगुवाई में जूनियर वल्र्ड कप जीता था। फाइनल मुकाबला पूरी तरह एकतरफा रहा और आस्ट्रेलियाई टीम भारत को कभी भी टक्कर देते हुए नजर नहीं आई। वैसे पूरे टूर्नामेंट में ही पृथ्वी शाॉ की कप्तानी वाली भारतीय टीम का मुजाहिरा जबर्दस्त रहा और सभी मैच उसने बेहद आसानी से जीते। मनजोत कालरा को मैन आफ द मैच का अवार्ड दिया गया और पूरे टूर्नामेंट में 124 के औसत से 372 रन बनाने वाले शुभमन गिल को मैन आफ द टूर्नामेंट का अवार्ड दिया गया।

भारत की इस जीत में कोच राहुल द्रविड़ की सोच और मेहनत का बहुत ही बड़ा रोल रहा। जिस जिम्मेदारी को उन्होंने हाथ में लिया था, उसे उन्होंने अंजाम पहुंचाकर ही दम लिया। जूनियर टीम इंडिया की जीत में इन छः खिलाड़ियों ने बेहद अहम रोल निभाया है-

शुभम गिल- पंजाब के इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने अपनी बैटिंग से सभी का दिल जीत लिया। फाइनल में शुभम ने भले ही सिर्फ 31 रन बनाए, लेकिन शुभम का  बहुत ही शानदार औसत उनके तआवुन (योगदान) को बताने और समझाने के लिए काफी है। शुभम गिल ने 6 मैचों में 181.00 के औसत से 362 रन बनाए। इसमें एक संेचुरी और दो हाफ सेंचुरियां भी शामिल हैं। दूसरा नाम मनजोत कालरा का है। यह भी पंजाब के खिलाड़ी हैं। पंजाब के ही लेफ्टी बल्लेबाज मनजोत कालरा ने जैसे अपना बेस्ट फाइनल के लिए ही बचा कर रखा था। फाइनल में कालरा की नाटआउट 101 रन की इनिंग उन्हें टाप-3 भारतीय बल्लेबाजों में जगह दिला गई। कालरा ने 6 मैचों की पांच इनिग्स में 84.00 के औसत से 252 रन बनाए। तीसरा नाम कप्तान पृथ्वी शा का है। यह सही है कि बहुत बड़ी उम्मीदों के साथ टूर्नामेंट खेलने न्यूजीलैंड गए भारतीय जूनियर कप्तान पृथ्वी शाॉका मुजाहिरा भले ही उनके कद के हिसाब से नहीं रहा। कम स्कोर ही सही, लेकिन उन्होंने रेगुलर तौर से अपना रोल निभाया। पृथ्वी 6 मैचों की 5 इनिग्सं में 65.25 के औसत से 261 रन बनाकर भारत के दूसरे सबसे कामयाब बल्लेबाज रहे। उनका सबसे ज्यादा स्कोर 94 का रहा, जो उन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले ही मैच में बनाया था। अगला नाम अनुकूल राय का हैै। झारखंड के लिए अभी भी अपने फस्र्ट क्लास कैरियर शुरू न कर सके बाएं हाथ के स्पिनर अनुकूल राय ने मुस्तकिल वक्फे (अंतराल) पर विकेट चटकाए। अनुकूल राय 14 विकेट चटकाकर टूर्नामेंट के सबसे कामयाब गेंदबाज बने। नागरकोटी और शिवम का नाम भी लिस्ट में शामिल है। भारत के इन दो उभरते हुए तेज गेंदबाजों ने साबिक क्रिकेटरों समेत देश के क्रिकेट शायकीन को यह दिखाया कि अब भारत के 19 साल के लड़के भी 145 फी घंटा से ऊपर की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं। यह दोनों लगातार सामने वाली टीम पर भारी पड़े। दोनों ने नौ-नौ विकेट चटकाए और दोनों ही आईपीएल में तीन करोड़ के आस-पास की अच्छी खासी रकम में बिके।

राहुल द्रविड़ की रहनुमाई में जूनियरों ने दिखा दिया कि हाल-फिलहाल अंडर-19 लेवल पर भारत का कोई जोड़ नहीं है। कैरियर में कुछ खिलाड़ियों ने पहला बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। अब सभी की निगाहें इस पर होंगी कि यह रणजी ट्राफी और भारत के लिए कैसा मुजाहिरा करते हैं क्योंकि सीनियर टीम में दरवाजे उनके लिए यहीं से खुलेंगे।

साबिक कप्तान राहुल द्रविड़ की रहनुमाई में आस्ट्रेलिया को हराकर अंडर-19 वल्र्ड कप जीतने वाली जूनियर भारतीय टीम के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने मोटी इनामी रकम का एलान किया है साथ ही, बोर्ड ने कोच राहुल द्रविड़ और सपोर्ट स्टाफ के हर एक मेम्बर के लिए भी इनामी रकम दिए जाने वाला एलान किया है। मालूम हो कि बीसीसीआई ने वल्र्ड कप जीतने के कुछ ही देर बाद टीम और स्टाफ के लिए इनामी रकम दिए जाने का एलान कर दिया। सबसे ज्यादा रकम कोच राहुल द्रविड़ के हिस्से में आयी है और वह पूरी तरह से इसके या कहें इससे भी ज्यादा इनाम दिए जाने के हकदार हैं। राहुल द्रविड़ को बीसीसीआई इनामी रकम के तौर पर पचास लाख रुपये देगा। इसमें भी कोई शक नहीं कि अगर टीम चैंपियन बनी, तो इसमें  सपोर्ट स्टाफ की अपनी बहुत ही बड़ा रोल रहा, जिसने खिलाड़ियों की फिटनेस, कोचिंग और उनकी मेंटल ट्रेनिंग पर जमकर काम किया। इसमें रेलवे के साबिक कप्तान और राहुल द्रविड़ के असिस्टेट रहे अभय शर्मा भी शामिल हैं। सपोर्ट स्टाफ के हर एक मेम्बर को बीसीसीआई बतौर इनाम 20 लाख रुपये देगा। इसके अलावा पृथ्वी शाॉएंड कंपनी मतलब जूनियर टीम इंडिया के हर एक मेम्बर को बोर्ड इनाम के तौर पर तीस लाख रूपए देगा।