कैरोलिना ने पहली बार जीता आस्टे©ंलियन ओपन – रोजर फेडरर ने साबित की बादशाहत, बोपन्ना चूके

कैरोलिना ने पहली बार जीता आस्टे©ंलियन ओपन – रोजर फेडरर ने साबित की बादशाहत, बोपन्ना चूके

मोहसिन उस्मानी

मेलबर्न! टेनिस की नम्बर वन खातून खिलाड़ी रोमानिया की सिमोना हालेप और नम्बर-2 डेनमार्क की कैरोलिन वोज्यानिकी के बीच आस्टे©ंलियन ओपन का फाइनल हुआ जिसमें कैरोलिन ने बाजी मारी। जबकि मर्दों के मुकाबले में सदाबहार स्विस स्टार रोजर फेडरर ने अपनी बादशाहत साबित करते हुए साल का पहला ग्रैण्ड स्लैम खिताब जीतकर अपने ग्रैण्ड स्लैम की तादाद बीस तक पहुचा दी। उन्होने फाइनल में क्रोएशिया के मारिन सिलिच को हराया। भारत के टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना अपनी खातून जोडीदार टिमिया के साथ मिक्स्ड डबल्स के फाइनल तक तो पहुचे मगर खिताब जीतने से चूक गए।

दुनिया की नम्बर दो खातून खिलाड़ी कैरोलिन ने नम्बर वन सिमोना को हराकर साल का पहला गै्रण्ड स्लैम खिताब अपने नाम किया। यह कैरोलिन के कैरियर का पहला ग्रैण्ड स्लैम है। उन्होने सिमोना को 7-6, 3-6, 6-4 से हराया। खिताब जीतने के बाद कैरालिन वोज्यानिकी ने ट्वीट करते हुए कहा कि मैंने कई सालों पहले इसे जीतने का ख्वाब देखा था और अब मेरा ख्वाब पूरा हो गया। उन्होने कहा कि वह अपनी खुशी को लफ्जों में बयान नहीं कर सकती हैं। सिमोना हालेप अपने कैरियर में पहली बार आस्टे©ंलियन ओपन को फाइनल में पहुची थीं जबकि कैरोलिन तीसरी बार किसी ग्रैण्ड स्लैम                                                                                                                     के फाइनल में पहुची थी। कैरोलिन 2009 और 2014 में यूएस के फाइनल तक पहुची थीं मगर खिताब नहीं जीत सकी थीं। फाइनल में होलेप ने कर्वर को और कैरोलिन ने एलिसे मार्टेन को हराकर कदम रखा था।

स्विट्जरलैंड के दिग्गज टेनिस स्टार रोजर फेडरर ने क्रोएशिया के मारिन सिलिच को हराकर साल के पहले ग्रैंड स्लैम आस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीत लिया। राड लेवर एरेना में खेले गए फाइनल मुकाबले में नंबर-1 खिलाड़ी रह चुके फेडरर ने सिलिच को पांच सेटों तक चले कांटे के मैच में मात दी। फेडरर का यह 20वां ग्रैंड स्लैम खिताब है। फेडरर ने सिलिच को 6-2, 7-6, 6-3, 3-6, 6-1 से मात दी। स्विस खिलाड़ी को अपना छठा आस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीतने के लिए तीन घंटे तीन मिनट का वक्त लगा। इसके साथ ही फेडरर अपना खिताब बचाने में कामयाब रहे। फेडरर ने पिछले साल राफेल नडाल को मात देकर यह खिताब अपने नाम किया था। फेडरर के अलावा सर्बिया के नोवाक जोकोविच और राय इमर्सन ने 6-6 बार यह खिताब जीता है। फेडरर ने सातवीं बार आस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में जगह बनाई थी, जिसमें से छः में उन्हें जीत मिली है। सिलिच की कोशिश फेडरर को मात देकर अपना पहला आस्ट्रेलियन ओपन और दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने की थी जिसमें वह नाकाम रहे। वह पहली बार आस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में पहुंचे थे। उन्होंने तीन बार ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह बनाई है और एक बार खिताब जीता है। इस आस्ट्रेलियन ओपन के अलावा सिलिच ने पिछले साल विबंलडन के फाइनल में जगह बनाई थी जहां वह फेडरर से ही हारे थे। वहीं, 2014 में अमरीकी ओपन का फाइनल जीत उन्होंने अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीता था। इस फाइनल में उन्होंने जापान के केई निशिकोरी को मात दी थी। वैसे, इस खिताबी जीत के बाद फेडरर एटीपी रैंकिंग में दूसरे मकाम पर ही रहेंगे, वहीं सिलिच तीसरे नंबर पर पहुंच जाएंगे। नडाल पहले मकाम पर ही कायम रहेंगे।

रोहन बोपन्नाः- भारत के रोहन बोपन्ना का किसी ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट के मिक्स्ड डबल्स ग्रुप में दूसरी बार चैंपियन बनने का ख्वाब पूरा नहीं हो सका है। रोहन बोपन्ना और हंगरी की उनकी जोड़ीदार टिमिया बाबोस को पहले सेट में जीत के बावजूद आस्ट्रेलियाई ओपन के फाइनल में मैट पाविच और गैब्रियला डाब्रोवस्की के हाथों हार का सामना करना पड़ा। बोपन्ना और बाबोस की पांचवीं रैंिकंग वाली जोड़ी को क्रोएिशया के पाविच और कनाडा की डाब्रोवस्की की आठवीं रैंकिंग वाली जोड़ी के हाथों एक घंटे आठ मिनट तक चले मैच में 6-2, 4-6, 9-11 से हार का सामना करना पड़ा। बोपन्ना ने मिक्स्ड डबल्स ग्रुप में अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब 2017 फ्रेंच ओपन का जीता था। मजे की बात यह है कि उन्होंने कनाडा की गैब्रिएला दाब्रोवस्की के साथ जोड़ी बनाकर ही यह खिताब जीता था। दाब्रोवस्की आस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में इस बार मैट पाविच के साथ जोड़ी बनाकर खेलीं और बोपन्ना और टिमिया बाबोस की जोड़ी को हराकर खिताब जीतीं।