नए साल के पैगाम में किम जोंग की धमकी

नए साल के पैगाम में किम जोंग की धमकी

मेरी पहुंच में है एटमी हथियारों का बटन

 

सियोल! उत्तर कोरियाई के लीडर किम जोंग उन ने अपने नए साल के एक पैगाम में कहा कि एटमी हथियारों का लान्च बटन उनकी डेस्क पर रहता है यानि हमेशा उसकी पहुंच में है। पिछले कई महीने से उसके एटमी प्रोग्रामों को लेकर आलमी सतह पर तनाव की हालत है। नार्थ कोरिया के एटमी हथियार बनानेे के अपने दावों को दोहराते हुए किम ने कहा, ममएटमी हथियारों का लान्च बटन हमेशा मेरी पहुंच में है। यह कोई ब्लैकमेलिंग नहीं बल्कि हकीकत है कि पूरा अमरीका नार्थ कोरिया के एटमी हथियारों की जद में है।

किम जोंग उन ने नए साल के पैगाम में अपने एटमी प्रोग्राम को आगे बढ़ाने का इशारा देते हुए देश से बड़े पैमाने पर एटमी हथियारों और मिसाइलों को बनाने की अपील की। नार्थ कोरिया ने उसके एटमी  प्रोग्रामों को लेकर आलमी सतह पर पैदा तनाव और इंटरनेशनल पाबंदियों के बाजवूद 2017 में ड्रामाई तौर से अपने एटमी प्रोग्राम को लगातार बढ़ाया।

नार्थ कोरिया ने किम की कयादत में हालिया महीनों में कई मिसाइल टेस्ट किए। नार्थ कोरिया ने सितंबर 2017 में देश का छठा और सबसे ताकतवर एटमी टेस्ट ( जिसे हाइड्रोजन बम बताया जा रहा है) किया। इसके बाद नवम्बर 2017 में उसने हवासोग-15 मिसाइल का टेस्ट किया जो 4475 किलोमीटर तक गई। यह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से भी दस गुना ज्यादा ऊंचाई है।

नार्थ कोरिया ने कहा, एटमी प्रोग्राम अमरीका को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। उसने साल 2017 में लंबी दूरी वाली बैलिस्टिक मिसाइलों (आईसीबीएम) का कई बार टेस्ट किया। किम ने कहा, ममनार्थ कोरिया, अमरीका के किसी भी तरह के एटमी खतरे का सामना कर सकता है और हमारे पास अमरीका को आग से खेलने से रोकने के लिए एक मजबूत एटमी रूकावट है।फफ  उन्होंने कहा, ममएटमी हथियारों का लान्च बटन हमेशा मेरी पहुंच में है क्योंकि वह मेेरी मेज पर लगा है। यह कोई ब्लैकमेलिंग नहीं बल्कि हकीकत है।फफ उन्होंने कहा, मनार्थ कोरिया को भारी मिकदार में एटमी हथियार और बैलिस्टिक मिसाइल बनाने चाहिए और उन्हें तैनात करने का काम तेजी से करना चाहिए।फ किम ने इस साल साउथ कोरिया के साथ रिश्ते सुधरने की उम्मीद जताई।

2018 नार्थ और साउथ कोरिया के लिए एक अहम साल है। नार्थ कोरिया अपने 70 साल पूरे कर रहा है और साउथ कोरिया विंटर ओलंपिक करा रहा है। किम जोंग ने कहा कि वह फरवरी में प्योंगयांग में होने वाले खेलों में मएक टीम भेजने पर गौर कर रहे हैं।फ गौरतलब है कि साउथ कोरिया कह चुका है कि मऐसे किसी कदम का इस्तकबाल किया जाएगा।फ किम ने कहा, मविंटर ओलंपिक में नार्थ कोरिया की हिस्सेदारी एकजुटता दिखाने का बढ़िया मौका होगी। हम दुआ करते हैं कि यह खेल पूरी कामयाबी से  हो।फ

पड़ोसी मुल्क पर बोलते हुए किम ने आगे कहा, मदोनों कोरियाई देशों के अफसरान को इमकानात तलाशने के लिए फौरन मिलना चाहिए।फ

नार्थ कोरिया ने एक और इंटर-कान्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का कामयाब टेस्ट किया। पेंटागन ने बताया कि माहिरीन का अंदाजा है कि अमरीका की राजधानी वाशिंगटन अब तकनीकी तौर से किम जोंग उन की पहुंच में है।

फाक्स न्यूज के मुताबिक, नार्थ कोरिया की जानिब से दागी गई मिसाइल ने जापानी समन्दर में गिरने से पहले लगभग 1,000 किलोमीटर का सफर तय किया।  अमरीकी डिफंेस मिनिस्ट्री ने शुरुआती अंदाजों की बुनियाद पर इसे इंटर-कान्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) बताया है।

साउथ कोरिया की न्यूज एजेंसी योनहाप का कहना है कि मिसाइल मकामी वक्त के मुताबिक सुबह तड़के  तीन बजे दागी गई। साउथ कोरिया ने ही सबसे पहले इस मिसाइल के टेस्ट की खबर दी थी।

वहीं अमरीका के डिफंेस मिनिस्टर जिम मैटिस ने खदशा जाहिर किया कि नार्थ कोरिया गालिबन ऐसी मिसाइलें बना  रहा है जो ममदुनिया में कहीं भीफफ मार करने में अहल होंगी। जेम्स मैटिस ने बताया कि साउथ कोरिया ने रद्देअमल के नतीजे में आसपास में मिसाइल दागी ताकि नार्थ कोरिया समझ सके उसकी इस हरकत को गलत तरीके से लिया गया है।

अमरीका के सदर डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया नुमाइंदों को बताया, मयह एक ऐसा वाक्या है, जिसे हम संभाल लेंगे। अमरीका इसे संभाल लेगा।फ व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी साराह सैंडर्स ने ट्वीट कर कहा कि जब मिसाइल हवा में ही थी तभी सदर को इस बाबत जानकारी दे दी गई थी।

नार्थ कोरिया ने यूनाइटेड नेशन की नई पाबंदियों की तजवीज की मजम्मत (निंदा) करने वाला एक बयान जारी करते हुए इस तजवीज को जंग की सिम्त में उठाया गया कदम बताया। एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, नार्थ कोरिया के फारेन मामलात की वजारत के तर्जुमान ने देश पर लगाई गई सख्त पाबंदियों के लिए अमरीका को जिम्मेदार ठहराया।

कोरियन सेंट्रल टेलीविजन के मुताबिक, यूएन की सिक्योरिटी कौंसिल की तजवीज 2397 के तहत इत्तेफाके राय से पेश कर दिया गया था, जिसके तहत नार्थ कोरिया को किए जाने वाले तेल एक्सपोर्ट पर पाबंदी लगाई गई है। बयान के मुताबिक, महम इन पाबंदियों को अमरीका और उनके हामियों के जरिए हमारे देश की खुदमुख्तारी की संगीन खिलाफवर्जी है। यह कोरियाई जजीरे में अम्न और इस्तेहकाम की खिलाफवर्जी करने वाला काम है।फ