धूम से मना नया साल/ बायकाट का नारा देने वाले बिलों में घुसे

धूम से मना नया साल/ बायकाट का नारा देने वाले बिलों में घुसे

मुंबई! नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, बंगलौर, गोवा, अमृतसर, हैदराबाद, तिरूअनन्तपुरम, चण्डीगढ, नोएडा, गुड़गांव, भुवनेश्वर, पटना, शिमला, रायपुर, भोपाल, श्रीनगर, रांची और अहमदाबाद समेत पूरे मुल्क में नए साल का जश्न जोर-शोर से मनाया गया। अमृतसर में सुनहरी गुरूद्वारा पर हजारों लोगों ने इकट्ठा होकर नया साल मनाया। क्रिसमस और नया साल न मनाने की वानिंग देने वाले खुदसाख्ता (स्वयंभू) हिन्दुत्व के ठेकेदारों ने अपनी नाकामी देखी तो वह बिलों मंे घुसे रहे। कर्नाटक में राम सेने, उत्तर भारत में हिन्दू जागरण मंच समेत खुद को हिन्दुत्व का ठेकेदार बताने वाले कई गरोहों ने आम हिन्दुस्तानियों को वार्निंग दी थी कि वह लोग ईसाइयों का त्यौहार क्रिसमस न मनाएं और अंग्रेजी नया साल पहली जनवरी के जश्न में शामिल न हों। क्योंकि इन जश्नों में शामिल होने से भारतीय तहजीब (संस्कृति) पर बुरा असर पड़ता है। रामसेने ने यह तक कहा था कि अगर बंगलौर मंे लड़कियां, क्रिसमस और नया साल के जश्न में शामिल होंगी, होटलों मंे नाचगाना करती पाई जाएंगी तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्रिसमस और नया साल का बायकाट करने का नारा देने वाले मजहबी दहशतगर्द शायद सड़कों पर निकल कर गुण्डई भी करते, लेकिन चूंकि बड़ी तादाद में शहरों के लोग इन जश्नों में शामिल हुए इसलिए डर के मारे यह दहशतगर्द या तो अपने बिलों में छुपे रहे या खुद भी कई जगह जश्न मंे शामिल हो लिए, इससे इतना तो साबित ही हो गया कि यह लोग गुण्डई भी तभी करते हैं जब इनका शिकार बनने वाले लोगोें की तादाद कम हो, अगर दूसरी तरफ ज्यादा लोग होते हैं तो यह गुण्डे अपने बिलों में ही छुपे रहते हैं। यही वजह है कि नए साल के जश्न में शरीक होने से लोगों को रोक नहीं सके।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अजायब घर में घूमने आए लोगों ने नए साल के मौके पर एक रिकार्ड बना दिया। साल के पहले दिन 26000 से ज्यादा लोग चिड़ियाघर आए। चिड़ियाघर (जू) के डायरेक्टर आर के सिंह ने बताया कि जू के 95 साल की तारीख (इतिहास) में इतने लोग एक दिन में कभी नहीं आए। इसके अलावा जनेश्वर मिश्र पार्क, गोमती के किनारे रिवर फ्रण्ट के अलावा हाथी पार्क, बुद्धा पार्क, नीबू पार्क और लोहिया पार्क में भी बडी भीड़ दिखी। आसिफी इमामबाड़े से सतखण्डे तक बडी तादाद में लोग आए। नए साल की शुरूआत में मंदिरों में भी सुबह से बड़ी भीड़ जुटी। डालीगंज का  मनकामेश्वर मंदिर हो या हनुमान सेतु का बजरंग बलि मंदिर सभी जगह अकीदतमंदों की लाइन सुबह से ही लग गई थी। पुलिस की सख्ती की वजह से बहुत हुडदंग नहीं हुआ। लेकिन चूंकि नए साल का जश्न मनाने पूरा शहर सड़क पर था नतीजा यह कि शहर का पूरा ट्राफिक सिस्टम तबाह हो गया था। शहर का शायद ही कोई ऐसा इलाका हो जहां जाम न लगा हो मगर हजरत गंज, गोमतीनगर, पालीटेक्निक चैराहा वगैरह में ज्यादा दिक्कत थी। उधर इंटौंजा से अटरिया तक सात किलोमीटर लम्बा जाम पुलिस की हिमाकत से लगा जो दो बजे दिन के बाद से खत्म होना शुरू हुआ था।

बंगलौर पुलिस ने नए साल का जश्न मनाने के दौरान सड़कों पर बेवजह हंगामा और शोरगुल करने के इल्जाम में साठ लोगों को गिरफ्तार किया। एडीशनल पुलिस कमिशनर सीमान्त कुमार ने बताया कि जिन साठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें ज्यादातर लोग नशे में थे और कुछ को लोगों की जेेबें काटने के इल्जाम में भी पकड़ा गया है। उन्होने कहा कि इस बार नए साल के जश्न के मौके पर ख्वातीन के साथ छेड़खानी का कोई मामला सामने नहीं आया है। जबकि पिछले साल एमजी रोड ब्रिगेड रोड से बडे पैमाने पर ख्वातीन के साथ छेड़खानी के वाक्यात पेश आए थे इसीलिए इस बार एमजी रोड समेत पूरे बंगलौर में सिक्योरिटी बंदोबस्त बहुत मजबूत किए गए थे सभी 19 डीसीपी को ड्यूटी पर लगाया गया था तो तकरीबन 15000 पुलिस वाले तैनात किए गए थे। यह शायद पुलिस के मजबूत बंदोबस्त का ही नतीजा था कि नए साल का जश्न मनाने वालों को सबक सिखाने की बात कहने वाले श्रीराम सेने के मबयान बहादुरफ अपने बिलों से नहीं निकले। यह लोग पब में घुसकर लड़कियों से छेड़खानी और मारपीट करते रहे हैं। लेकिन जब पुलिस की सख्ती नजर आई तो यह लोग सड़कों पर सामने नहीं आए। पिछले साल जश्न के दौरान ख्वातीन से छेड़खानी करने वाले गुण्डे भी इस साल नजर नहीं आए।

हालांकि इससे पहले सुक्षेत्र कालिका आश्रम से जुड़ी तंजीमों (संगठनों) ने कर्नाटक के वजीर-ए-आला सिद्धारमैय्या के साथ-साथ होम मिनिस्टर राम लिंगा रेड्डी और बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सुनील कुमार को खत लिखकर मांग की थी कि 31 दिसम्बर की रात बेंगलुरु शहर में होने वाले जश्न को रोका जाए नहीं तो वह इसकी मुखालिफत करेंगे। वाल्मीकि आश्रम के वाल्मीकि ब्रह्मानंद स्वामी ने कहा था कि कर्नाटक के लोगों का नया साल उगादि है न कि जनवरी की पहली तारीख। उनका कहना है कि अदालत में भी उन्होंने अर्जी लगाई है ताकि इस पर रोक लग सके। अगर ऐसा नहीं होता है तो 31 दिसंबर की रात में मुखालिफत की जाएगी। बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सुनील कुमार ने कहा कि किसी को भी नए साल का जश्न मनाने के लिए खास तौर पर इजाजत नहीं दी गई है। ऐसे में अगर कोई शख्स या तंजीम किसी शख्स की कानून के जरिए दी गई इजहारे ख्याल की आजादी पर रोक लगाने की कोशिश करता है तो इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बेंगलुरु के एमजी रोड ब्रिगेड रोड पर नए साल के मौके पर काफी भीड़ इकट्ठा होती है। लिहाजा यहां इस बार सिक्योरिटी के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।  पिछले साल यहां बड़े पैमाने पर ख्वातीन के साथ छेड़खानी की खबर आई थी।

इस साल सन्नी लियोन का शो नए साल के मौके पर किया जाना था, लेकिन पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। बाद में कर्नाटक हाईकोर्ट ने भी पुलिस के फैसले पर अपनी मुहर लगा दी। उधर कर्नाटक के साहिली शहर मंगलोर में भी कुछ राइटिस्ट तंजीमों (संगठनों) ने नए साल के जश्न पर रोक लगाने की मांग की थी। मगर उनकी मांग नहीं मानी गई और पुलिस की सख्ती देखकर हंगामा करने की उनकी हिम्मत नहीं पड़ी।

मुल्क की राजधानी दिल्ली समेत पूरी दुनिया में लोगों ने पूरे जोशो खरोश और मौज मस्ती के साथ नाच गाकर नए साल का इस्तकबाल किया। पूरी दुनिया में नए साल के इस्तकबाल में जश्न मनाया गया। इसकी शुरूआत न्यूजीलैंड के सबसे बड़े शहर आकलैंड से हुई जहां नए साल  होने वाली स्ट्रीट पार्टी में हजारों लोग शामिल हुए। इस मौके पर स्काई टावर से आतिशबाजी भी की गई।

मुम्बई में पब में आग के हादसे के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने रेस्त्रां और होटल मैनेजमेंट से खुसूसी एहतियात बरतने को कहा था। रात के 12 बजते ही लोगों ने आतिशबाजी करके नए साल का इस्तकबाल किया और अपने अजीजों को सोशल मीडिया साइट फेसबुक, व्हाट्सऐप और ट्विटर, एसएमएस के जरिए नए साल की मुबारकबाद देनी शुरू कर दी थी।

सदर-ए-जम्हूरिया (राष्ट्रपति) रामनाथ कोविंद ने देश को नए साल की मुबारकबाद ंदेते हुए लिखा, मसभी को नए साल की दिली मुबारकबाद!2018 में सभी मुल्क के शहरियों और पूरी आलमी बिरादरी मे अम्न चैन खुशहाली और जोश का जज्बा बढता  रहे।फ

वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी ने देश के लोगों को नए साल की मुबारकबाद देते हुए ट्वीट किया। कांग्रेस सदर राहुल गांधी ने ट्वीट करके देश के शहरियों को नए साल की मुबारकबाद दी।

नए साल की मुबारकबाद देने वाले दीगर अहम लोगों में जम्मू कश्मीर के गवर्नर एनएन वोहरा, जम्मू कश्मीर की वजीर-ए-आला महबूबा मुफ्ती, बिहार के गवर्नर सत्य पाल मलिक और वजीर-ए-आला नितीश कुमार, हिमाचल प्रदेश के चीफ मिनिस्टर जय राम ठाकुर, अरूणाचल प्रदेश के गवर्नर ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) डाक्टरॉ बी डी मिश्रा और वजीर-ए-आला पेमा खांडू, पुडुचेरी की एलजी किरन बेदी और नगालैंड के वजीर-ए-आला टी आर जेलियांग शामिल है।

नए साल के मौके पर मुम्बई में छत्रपति शिवाजी टर्मिनल और बीएमसी इमारत को रोशनी से सजाया गया था। इस मौके पर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को भी सजाया गया। इसके साथ ही उड़ीसा के पुरी में तस्वीर सुदर्शन पटनायक ने रेत की तस्वीर बनाकर नए साल का इस्तकबाल किया। होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह नए साल का जश्न आईटीबीपी के जवानों के साथ मनाने के लिए उत्तराखंड के मातली कैम्प पहुंचे थे।