भगवान नरेन्द्र मोदी को अक्ल दे-मायावती

भगवान नरेन्द्र मोदी को अक्ल दे-मायावती

नए साल की मुबारकबाद देने के बहाने बीएसपी सुप्रीमो ने साधा वजीर-ए-आजम पर निशाना

लखनऊ! बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती में लोकल बाडीज एलक्शन के नतीजों ने ऐसा जोश भर दिया है कि वह पूरी ताकत से वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी और बीजेपी पर हमलावर हो रही है। नए साल की  मुबारकबाद देने के बहाने उन्होने बीजेपी और नरेन्द्र मोदी पर सख्त हमला करते हुए कहा कि वह भगवान (कुदरत) से दुआ करती हैं कि वह वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी को अक्ल दे ताकि वह नए साल में अवाम मुखालिफ फैसले लागू न कर पाए। उन्होने कहा कि नरेन्द्र मोदी की सारी तरक्की (विकास) दौलतमंदों और थैलीशाहों के लिए होता है। गरीबों के लिए नहीं, गरीबों के तो घर में रखे बुरे वक्त के लिए बचाए गए पैसे भी उन्होने नोटबंदी करके बैंकों में रखवा लिए। अमीरों को कर्ज देकर डूबने वाले बैंकों को बचाने के लिए बेल आउट पैकेज दिया जा रहा है। जबकि गरीब अवाम के सर पर एफआरडीआई की तलवार लटक रही है और वह बेचारे यही सोचते रहते हैं कि न जाने कब उनका पैसा बैंक जब्त कर ले।

बीएसपी सुप्रीमो ने कहा कि 2016 में हुई नोटबंदी एक बेहद बचकाना फैसला था जो हिन्दुस्तान में एक बदनुमा दाग के तौर पर याद किया जाएगा। उन्होने कहा  कि नोटबंदी की वजह से 2017 भी बड़ी माली परेशानियों के साथ गुजरा है। वह दुआ करती हैं कि 2018 में नरेन्द्र मोदी को अक्ल आ जाए और वह अवाम मुखालिफ फैसले करना बंद कर दें। नोटबंदी की मार से जब आम आदमी और छोटे व्यापारी उभर भी नहीं पाए थे कि 2017 में एक और अवाम मुखालिफ  फैसला नरेन्द्र मोदी ने जीएसटी की शक्ल में थोप दिया। अब नए साल 2018 में आम लोगों की धड़कने यह सोच कर बढने लगी हैं कि अगर नरेन्द्र मोदी सरकार ने एफआरडीआई बिल पास करवा लिया तो फिर बैंकों में रखी उनके खून-पसीने की कमाई पर उनका कोई हक नहीं रह जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो यह फैसला गरीबों की कमर तोड़ने वाला साबित होगा। इसीलिए वह नरेन्द्र मोदी से गुजारिश करती हैं कि वह अवाम मुखालिफ पालीसियों के बजाए अवाम पर मरकूज (जनकेद्रित) डेवलपमेंट पालीसी बनाए, साथ ही कुदरत से  दुआ करती हैं कि वह वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी को अक्ल दे ताकि वह अवाम मुखालिफ पालीसियां लागू न कर सके।

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने नए साल की मुबारकबाद देते हुए बीजेपी और पीएम मोदी पर तंज कसा। बीएसपी सुप्रीमो ने कहा कि कुदरत (भगवान) इन दोनों को नए साल में अवाम मुखाफिल पालीसियों को लागू ना करने के लिए अक्ले सलीम (सद्बुद्धि) दे। मायावती ने नोटबंदी और जीएसटी का जिक्र करते हुए एफआरडीआई का भी जिक्र किया और कहा कि कुदरत (भगवान) से यही दुआ है कि वह बीजेपी और मोदी की सरकार को इतनी अक्ल जरूर दे कि वह नए साल 2018 में अपनी जबरदस्त अवाम मुखालिफ सोच और पालीसियों को लागू करने से बचें।

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि पीएम मोदी की कयादत वाली मगरूर (अहंकारी) और बेलगाम (निरंकुश) सरकार ने अपनी सियासी खुदगरजी की वजह से नोटबंदी कर पहले तो देश को इकनामिक इमरजेसी (आर्थिक आपातकाल) जैसी सूरतेहाल में डालकर परेशान किया। इसके बाद अब यह खदशा सभी देश के लोगों को परेशान कर रहा है कि बैंकों में रखा उनकी मेहनत की कमाई का पैसा भी उनका नहीं रह जाएगा।

उन्होंने कहा कि बैंकों में जमा रकम के लिए अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से भागने के लिए मोदी सरकार बहुत जल्द नया कानून बनाने जा रही है। ऐसी हालत में नया साल देश के सवा सौ करोड़ अवाम के लिए कितना मुसीबत भरा और तनाव वाला गुजरेगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

मायावती ने कहा कि साल 2016 की तरह 2017 भी देश-प्रदेश के 90 फीसद से ज्यादा ईमानदार और मेहनतकश अवाम के लिए गहरे मआशी (आर्थिक) बोहरान (संकट) और मुसीबतों के पहाड़ जैसा गुजरा है। उसके मद्देनजर भगवान (कुदरत) से यह खुसूसी दुआ है कि नया साल सुकून, अम्न और नई उम्मीदों वाला साबित हो।

मायावती ने नोटबंदी के लिए वजीर-ए-आजम नरेंद्र मोदी की सरकार पर  निशाना साधा है।  उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने नोटबंदी का फैसला जल्दबाजी में और काफी इम्मैच्योर (अपरिपक्व) तरीके से लिया। उनके इस फैसले से मुट्ठीभर लीडरान और सनअतकारों (उद्योगपतियों) को छोड़कर देश के सवा सौ करोड़ लोगों को तंगी और बेरोजगारी जैसे कई मसायल का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं मरकजी सरकार का यह फैसला भारत के इतिहास का एक स्याल बाब (काला अध्याय) है।

मायावती ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार बड़े-बड़े सरमायादारों व थैलीशाहों की ही सरकार है जो उनके मफाद व फायदे के लिये सबकुछ करने को तैयार रहती है, जिसकी एक और मिसाल तब सामने आई जब अभी हाल ही में सरकारी बैंकों को 2.11 लाख करोड़ रुपये की इजाफी रकम मुहैया कराई गई है जबकि इन्ही धन्नासेठों को नामुनासिब फायदा पहुंचाने की पालीसी की वजह से ही सरकारी बैंक कंगाल बन गये हैं और देश के अवाम की गाढ़ी कमाई का पैसा बैंकों में डूबता जा रहा है। उन्होंने कहा कि अवाम पर मरकूज (केद्रित) डेवलपमेट पालीसी अपनाने के बजाय अपने देश की बीजेपी और नरेन्द्र मोदी सरकार  मुखालिफ डेवलपमेंट पालीसी अपनाती जा रही है जिसका ही बुरा नतीजा है कि तरक्की का थोड़ा भी फायदा देश के करोड़ों गरीबों, किसानों, नौजवानों, बेरोजगारों व दीगर जरुरतमन्द लोगों को नहीं मिल पा रहा है और न ही रोजगार के मौके ही पैदा हो पा रहे हैं जिससे मुल्क का नुक्सान हो रहा है।