श्रीलंका पर जीत के साथ टीम इंडिया ने रची तारीख

श्रीलंका पर जीत के साथ टीम इंडिया ने रची तारीख

नई दिल्ली! रोहित शर्मा के और रवि शास्त्री के चेलों ने विशाखापट्टनम में श्रीलंका को आठ विकेट से पटखनी देने के साथ ही एक और कारनामा कर डाला। यह वह कारनामा जो पहले कभी नहीं हुआ। विशाखापट्टनम में तीसरे वनडे के लिए टीम इंडिया के मैदान पर उतरने से पहले यह कारनामा क्रिकेट शायकीन के बीच चर्चा का मौजूअ बना हुआ था कि क्या भारतीय टीम तीसरा वनडे जीतकर इस कारनामे को अंजाम दे पाएगी। वजह यह थी कि धर्मशाला में पहला वनडे मुकाबला हारने के बाद भारतीय टीम पहले ही रैंकिंग में नम्बर वन बनने का मौका गंवा चुकी थी। ऐसे में यह एक ऐसा रिकार्ड था, जो क्रिकेट शायकीन के इस दुख को कम कर सकता था भारत ने पहली बार यह कारनामा साल 2007 में किया था। इसके बाद इस कारनामे को टीम इंडिया ने साल 2012 में एक बार फिर से दोहराया। साल 2007 और 2012 की बात करें, तो इन दोनों ही सालाों में भारतीय टीम ने अलग-अलग फार्मेट में मिलाकर 12-12 सीरीज जीती थीं। लेकिन साल 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ 2-1 से जीत के साथ शुरू हुआ सफर साल 2017 के आखिर में श्रीलंका पर 2-1 से जीत के साथ ही साल की 13वीं सीरीज जीत के साथ खत्म हुआ। कुल मिलाकर टीम इंडिया ने अपने मुजाहिरे  से साल 2017 में एक ऐसी नई इबारत लिख दी है, जिसे आने वाले सालों में विराट कोहली ही नहीं बाकी कप्तानों के लिए भी इससे आगे निकल पाना एक बड़ी चुनौती साबित होगा।

युजवेन्द्र चहल और कुलदीप यादव के कमाल के बाद शिखर धवन की नाबाद नाटआउट सेंचुरी की बदलौत भारतीय क्रिकेट टीम ने फाइनल बन चुके तीसरे और आखिरी वनडे में श्रीलंका को 8 विकेट से हरा दिया। श्रीलंका को 215 रनों पर समेटने के बाद टीम इंडिया ने दो विकेट खोकर 107 गेंद पहले हासिल कर लिया। दिनेश कार्तिक (26 नाबाद) ने धनंजय सिल्वी की गेंद पर चैका लगाकर सीरीज भारत के नाम किया।

धर्मशाला में खेले गए पहले वनडे में भारत को शर्मनाक हार झेलनी पड़ी थी लेकिन उसके बाद रोहित शर्मा की अगुवाई में टीम ने मोहाली और विशाखापट्टनम में शानदार खेल दिखाते हुए सीरीज अपने नाम कर ली। 216 के आसान निशाने (लक्ष्य) को हासिल करने उतरी भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दूसरे वनडे में तीसरी डबल सेंचुरी लगाने वाले कप्तान रोहित शर्मा सिर्फ सात रन बनाकर पवेलियन लौट गए लेकिन उसके बाद धवन और श्रेयस अय्यर(65) ने दूसरे विकेट के लिए 15 रनों की साझेदारी कर जीत की कहानी लिख दी। अय्यर ने लगातार दूसरे वनडे में हाफ सेंचुरी लगाई लेकिन एक बार फिर अपनी इनिंग को संेचुरी में नहीं बदल पाए। दूसरी तरफ बेहतरीन फार्म में चल रहे धवन ने अपनी इनिंग वहीं से शुरू की जहां उन्होंने मोहाली में खत्म की। 85 गेंद की अपनी इनिंग में धवन ने 13 चैके और दो बेहतरीन छक्के लगाए। अपनी सेंचुरी के दौरान वह 4000 रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बने। भारत की तरफ से कोहली के बाद धवन सबसे तेज 4000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने।

भारत ने इस तरह से लगातार आठवीं बार दो देशों के बीच खेली गई वनडे सीरीज जीती और श्रीलंका के खिलाफ होम ग्राउंड पर कोई सीरीज नहीं गंवाने का रिकार्ड जारी रखा। धर्मशाला में पहला वनडे जीतने वाले श्रीलंका के पास भारत में पहली बार सीरीज जीतने का बेहतरीन मौका था लेकिन फिर से उसके बल्लेबाजों ने उसे मायूस किया। श्रीलंका 1997 के बाद से भारत के खिलाफ सीरीज नहीं जीत पाया है। भारत ने इससे पहले श्रीलंका से टेस्ट सीरीज 1-0 से जीती थी। अब इन दोनों टीमों के बीच टी-20 सीरीज खेली जाएगी जिसका पहला मैच 20 दिसंबर को कटक में खेला जाएगा।

इससे पहले भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने टास जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया जो सही साबित हुआ। उपुल थंरगा (95) और सादिरा सामराविक्रमा (42) ने दूसरे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी को छोड़ दें तो एक भी पल ऐसा नहीं आया जिससे कप्तान रोहित परेशान होते। भारतीय गेंदबाजों ने थरंगा और समाराविक्रमा की साझेदारी को तोड़ते हुए मैच में वापसी की और श्रीलंका को 44.5 ओवरों में 215 रनों पर ढेर कर दिया। भारत के लिए युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव ने तीन-तीन विकेट लिए। हार्दिक पांड्या ने दो विकेट लिए। भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह को एक-एक विकेट मिला। 15 रनों के कुल स्कोर पर बुमराह ने जब दानुष्का गुणाथिलका (13) को पवेलियन भेजा तो लगा की भारतीय गेंदबाज दूसरे मैच की तरह ही श्रीलंकाई विकटों की झड़ी लगा देंगे, लेकिन थरंगा ने अपने तजुर्बे का बखूबी इस्तेमाल किया और समाराविक्रमा के साथ पारी को संभाला। थरंगा ने हार्दिक पांड्या के जरिए फेंके गए इनिंग के नौवें ओवर में लगातार पांच चैके जड़े। इसके बाद उन्होंने अपनी हाफ संेचुरी पूरी की, लेकिन वह अपनी सेंचुरी बनानेे में पांच रनों से चूक गए। 82 गेंदों पर 12 चैके और तीन छक्के मारने वाले थरंगा कुलदीप की गेंद पर महेंद्र सिंह धौनी के जरिए स्टम्प कर दिए गए।

थरंगा ने इस साल वनडे में अपने 1000 रन पूरे किए। वह इस साल ऐसा करने वाले तीसरे बल्लेबाज बने। उनसे पहले विराट कोहली और रोहित शर्मा ने ऐसा किया है। थरंगा 160 के कुल स्कोर पर आउट हुए। उनसे पहले चहल ने समाराविक्रमा को 136 के कुल स्कोर पर शिखर धवन के हाथों कैच कराया। इन दोनों बल्लेबाजों के जाने के बाद श्रीलंकाई टीम संभल नहीं पाई और लगातार विकेट खोती रही। श्रीलंका ने अपने सात विकेट महज 55 रनों में ही खो दिए। दूसरे मैच में संेचुरी लगाने वाले एंजेलो मैथ्यूज (17) को चहल ने बोल्ड किया। निरोशन डिकवेला (8) को कुलदीप ने श्रेयस अय्यर के हाथों कैच कराया। कप्तान थिसारा परेरा (6) को चहल ने एलबीडब्ल्यू आउट कराया। सचिथा पाथिराना (7) को पांड्या ने 208 रनों के कुल स्कोर पर आउट किया। दो रन बाद अकिला धनंजय (1) को कुलदीप ने बोल्ड किया। पांड्या ने सुरंगा लकमल और भुवनेश्वर ने असेला गुणारत्ने (17) को आउट कर श्रीलंकाई इनिंग का खात्मा किया।