रिकार्ड तोड़ते-बनाते विराट कोहली

रिकार्ड तोड़ते-बनाते विराट कोहली

सचिन के रिकार्ड के लिए खतरा नहीं है टीम इंडिया के कप्तान की फार्म

 

नई दिल्ली! टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली इस वक्त जबरदस्त फार्म में हैं और एक के बाद एक रिकार्ड बना और तोड़ रहे हैं। उनकी फार्म को देखकर कुछ लोगों ने यह भी कहना शुरू कर दिया कि विराट जिस फार्म में खेल रहे हैं इसी तरह दो-चार साल और खेल गए तो वह सचिन के सारे रिकार्ड खुसूसन टेस्ट और वनडे में सबसे ज्यादा सेंचुरियोें के रिकार्ड को तोड़ दंेगे। मगर यह सिर्फ एक ख्याल है जो कभी हकीकत नहीं बन सकता। इसकी एक वजह तो यह है कि चार साल तक फार्म बरकरार रखना आसान बात नहीं है। दूसरी बात यह कि विराट इतनी फार्म में हैं तब तो 52 सेंचुरियां (टेस्ट और वनडे मिलाकर) बना पाए हैं। जबकि इस उम्र तक सचिन ने 60 सेंचुरियां बना ली थीं। इसलिए विराट की फार्म सचिन के रिकार्डों के लिए भले खतरा न हो मगर इतना तय है कि सचिन के बाद रिकार्डों के मामले में विराट कोहली का ही नाम लिया जाएगा।

श्रीलंका के खिलाफ नई दिल्ली के फिरोजशाह कोटला ग्राउंड पर हुए तीसरे टेस्ट के पहले दिन हिन्दुस्तानी कप्तान विराट कोहली ने बल्ले से मरिकार्ड का छक्काफ जड़ डाला। इनमें से कुछ के बारे में तो कई लोगों को पता होगा, तो कुछ के बारे में बिल्कुल भी नहीं मालूम होगा। कई रिकार्ड कोहली ने ऐसे बनाए, जो उनसे पहले दुनिया या भारत का कोई भी कप्तान बना नहीं सका। चलिए हम आपको बारी-बारी से बताते हैं कि कोटला टेस्ट के पहले दिन विराट ने बल्ले से कौन-कौन से रिकार्ड बनाए-

विराट से पहले तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में यह कारनामा सचिन तेंदुलकर ने किया था। तब सचिन ने साल 1999-2000 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में  435 रन बनाए थे, लेकिन कोटला के पहले दिन का खेल खत्म होने तक कोहली  सचिन को पीछे छोड़ते हुए कहीं आगे निकल गए।

कोहली ने 76वें ओवर की आखिरी गेंद पर जैसे ही अपनी पारी का 123वां रन लिया, वैसे ही कोहली ने बतौर कप्तान टेस्ट में अपने 3000 रन पूरे कर लिए। आस्टे©ंलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने भी कुछ दिन पहले यह कामयाबी हासिल की थी। साफ है कि दोनों के बीच अगले कुछ साल तक यह रेस चलेगी। तीन हजारी बनने साथ ही कोहली यह रिकार्ड बनाने वाले तीसरे हिन्दुस्तानी कप्तान बन गए। अब उनसे ज्यादा रन महेंद्र सिंह धोनी (3454) और सुनील गावस्कर (3449) के हैं। साफ है इन पर भी कोहली जल्द ही पानी फेर देंगे।

हर सेंचुरी के साथ विराट की संेचुरी लाइन और बड़ी होती जा रही है। अब वह सचिन से सिर्फ 48 संेचुरियां पीछे हैं। विराट की उम्र तक सचिन 60 सेंचुरियां बना चुके थे। सचिन ने हर एक सेंचुरी के लिए 7.20 इनिंग्स खेली, तो कोहली ने 52 सेंचुरियों के लिए 6.73 इनिंग्स खेली हैं। अब देखने की बात यह होगी कि क्या साठ सेंचुरियों तक पहुंचने के लिए विराट इंिनंग्स का यही औसत बरकरार रख पाते हैं।

कोटला में संेचुरी के साथ ही विराट ने बतौर कप्तान बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की। यह दूसरा मौका था, जब उन्होंने बतौर कप्तान  टेस्ट की लगातार तीन इनिंग्स में सेंचुरियां जड़ीं। इससे पहले उन्होंने साल 2014 में कप्तानी करते हुए आस्ट्रेलिया के खिलाफ उसी की जमीन पर लगातार 115, 141 और 147 रन की इंनिंग्स खेली थीं। ऐसा करने वाले वह क्रिकेट की तारीख के पहले कप्तान बन गए।

कोहली की यह बीसवीं सेंचुरी रही। इंनिंग्स के लिहाज से आस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ से तो कोहली पिछड़  गए, लेकिन सचिन को पीछे छोड़ने में कामयाब हो गए। स्टीव स्मिथ ने अपनी 20वीं संेचुरी 99 और सचिन ने अपनी 20वीं संेचुरी के लिए 107 इंनिंग्स खेली थीं। विराट ने इस काम को अपनी 105वीं टेस्ट इनिंग में ही अंजाम दे दिया। वैसे इस मामले में सर डान ब्रेडमैन टाप पर हैं। उन्होंने अपनी 20वीं टेस्ट संेचुरी सिर्फ 55वीं इनिंग्स खेलकर जड़ डाली थी।

विराट ने कोटला टेस्ट के पहले दिन टेस्ट क्रिकेट में अपने पांच हजार रन भी पूरे किए। लेकिन इनिंग्स के मामले में गावस्कर (99), सहवाग (99) और सचिन तेंदुलकर (103) उनसे आगे रहे। बहरहाल सबसे तेज छः हजारी बनने का रास्ता उनके सामने खुला हुआ है देखते हैं विराट वहां तक कब पहुचते हैं।