बुजदिल निकले बीएचयू के वीसी

बुजदिल निकले बीएचयू के वीसी

बनारस! बनारस हिन्दू युनिवर्सिटी के आरएसएस वायस चांसलर गिरीश चन्द्र त्रिपाठी बहुत बड़े झूटे और बुजदिल साबित हुए। आरएसएस से गहरा ताल्लुक होने की वजह से युनिवर्सिटी में 22, 23 सितम्बर को लड़कियों पर हुए लाठी चार्ज और छेड़खानी के बावजूद अपने मकान से बाहर न निकलने और हंगामों के बाद खुद की गलती मानने के बजाए तमाम हंगामों को बाहरी और समाज दुश्मन अनासिर (असामाजिक तत्वों) के सर मढने वाले गिरीश चन्द्र त्रिपाठी ने बार-बार यही एलान किया था कि वह न तो छुट्टी पर जा रहे हैं न उन्हें हटाया जा रहा है। वह अपना टर्म पूरा करने के बाद ही युनिवर्सिटी से बाहर जाएंगे।

लड़कियांे पर हुए पुलिस लाठी चार्ज के फौरन बाद वह दिल्ली गए थे। खबर है कि दिल्ली में उनकी मुलाकात आरएसएस के कई सीनियर लीडरान से भी हुई। दिल्ली से बनारस वापस आते-आते उनके अंदर गरूर (घमण्ड) की इतनी हवा भर चुकी थी कि मीडिया नुमाइंदों से उन्होने कह दिया कि अगर उन्हें छुट्टी पर जाने के लिए कहा गया तो वह इस्तीफा दे दंेगे। उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया लेकिन उन्होने इस्तीफा नहीं दिया। क्योंकि वह झूट बोलने के आदी हो चुके हैं। छुट्टी पर जाने के बाद उन्होने अपने खुशामदियों से अफवाह फैलवाई कि दशहरा की छुट्टी के बाद वह वापस अपने काम पर आ जाएंगे।

नवरात्रि और दशहरा की छुट्टियां बिताने वह अपने आबाई शहर इलाहाबाद चले गए थे जहां अपने घर में रह कर उन्होने नवरात्रि के ब्रत रखे और ब्रत पूरे होते ही पहली अक्टूबर को इलाहाबाद के अपने घर से वह किसी नामालूम जगह पर चले गए हैं। दिल्ली में एचआरडी मिनिस्ट्री के जराए का कहना है कि अब बनारस हिन्दू युनिवर्सिटी के लिए नए वाइस चांसलर की तलाश जोरांे से चल रही है। जराए का कहना है कि गिरीश चन्द्र त्रिपाठी  की अब वायस चांसलर की हैसियत से बीएचयू मंे वापसी के इमकानात (संभावना) नहीं है।