मोदी की जुमलेबाजी में फंस गए गुरमीत – हनीप्रीत का इल्जामए बीजेपी ने धोका दिया

मोदी की जुमलेबाजी में फंस गए गुरमीत – हनीप्रीत का इल्जामए बीजेपी ने धोका दिया

चण्डीगढ! जिस तरह एलक्शन मुहिम के दौरान पूरे मुल्क के लोगों को अच्छे दिनोंए 15.15 लाख रूपए अकाउण्ट में लाने और हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देने जैसे ख्वाब दिखाकर नरेन्द्र मोदी ने मुल्क के 31 फीसद लोगोें के वोट ठग लिए और बीजेपी मुकम्मल अक्सरियत के साथ मुल्क के एक्तेदार पर काबिज हो गईए नरेन्द्र मोेदी वजीर.ए.आजम बन गए। प्रदेश टुडे नाम के इवनिंगर अखबार में हनीप्रीत सिंह के हवाले से छपी खबर के मुताबिक नरेन्द्र मोदी ने 2014 में हरियाणा असम्बली का एलक्शन जीतने के लिए डेरा सच्चा सौदा के चीफ गुरमीत राम.रहीम से सौदेबाजी की थी और हरियाणा जीतने के बाद गुरमीत सिंह को फरामोश कर दिया। बीजेपी ने गुरमीत सिंह को धोका दिया है यह इल्जाम किसी सियासी पार्टी ने नहीं लगाया बल्कि गुरमीत की गोद ली गई बेटी और विश्वास गुप्ता के हिसाब से गुरमीत की दाश्ता हनीप्रीत सिंह ने लगाया है। हनीप्रीत सिंह का यह इल्जाम जबलपुर से निकलने वाले शााम नामा ;सांध्य दैनिकद्ध प्रदेश टुडे में भी छपा है।

हनीप्रीत सिंह उर्फ प्रियंका तनेजा के शौहर विश्वास गुप्ता का इल्जाम है कि हनीप्रीत और गुरमीत के बीच नाजायज जिस्मानी रिश्ते हैं। हालांकि अवामी तौर पर गुरमीत हनीप्रीत को अपनी गोद ली बेटी बताता रहा है। मगर जिस तरह से गुरमीत सिंह के साथ हर मौके पर हनीप्रीत ही नजर आई और खुद गुरमीत ने अदालत से दरख्वास्त की थी कि वह हनीप्रीत को उसके साथ जेल में रखने की इजाजत दे उससे तो विश्वास गुप्ता का इल्जाम सच ही लगता है। हनीप्रीत सिंह गुरमीत के हर जायज.नाजायज कामों की राजदार थी। इसे देखते हुए बीजेपी पर लगाया हनीप्रीत का इल्जाम काफी संगीन लगता है। प्रदेश टुडे नाम के इवनिंगर डेली ;सांध्य दैनिकद्ध में छपी खबर के मुताबिक गुरमीत की बेटी ;जो उनके बेहद करीब थीद्ध हनीप्रीत ने साफ इल्जाम लगाया है कि हरियाणा का असम्बली एलक्शन जीतने के लिए वजीर.ए.आजम नरेन्द्र मोदी के अलावा बीजेपी सदर अमित शाह और फारेन मिनिस्टर सुषमा स्वराज ने गुरमीत सिंह से न सिर्फ मुलाकात की थी बल्कि डेरा के समाजी कामों की तारीफ करते हुए गुरमीत सिंह की शान में कसीदे भी पढे थे। इसके साथ ही मोदी समेत सभी बीजेपी लीडरान ने बाकायदा इस शर्त के साथ वादा किया था कि हरियाणा में सरकार बनने के बाद गुरमीत सिंह पर लगे तमाम इल्जाम सरकार हटा लेगी लेकिन बीजेपी ने उनके साथ धोका किया और कोई इल्जाम नहीं हटाया गया। जिसकी वजह से गुरमीत सिंह को जेल जाना पड़ा।

डेरा सच्चा सौदा के पूरे मुल्क में पांच करोड और सिर्फ हरियाणा में तकरीबन 25 लाख फालोअर बताए जाते हैं। हरियाणा के तकरीबन एक दर्जन जिलों की तीन दर्जन के करीब असम्बली सीटों पर डेरा का जबरदस्त असर बताया जाता है। हनीप्रीत सिंह का कहना था कि असम्बली एलक्शन के वक्त मनोहर लाल खट्टर ;जो इस वक्त वजीर.ए.आला हैंद्ध ने बीजेपी सदर अमित शाह से गुरमीत सिंह की मुलाकात कराई थी। इसी दौरान दोनो के बीच यह डील हुई थी कि अगर डेरा चीफ बीजेपी उम्मीदवारों की हिमायत करते हैं तो सरकार बनने के बाद उनपर लगे केस हटा दिए जांएगे। लेकिन बीजेपी ने धोका दिया। हनीप्रीत का कहना है कि हरियाणा असम्बली की 90 सीटों में से 47 सीटें जीतने में बीजेपी इसीलिए कामयाब हो सकी क्योंकि तकरीबन तीन दर्जन असम्बली सीटें तो डेरा की हिमायत की वजह से ही मिली। हनीप्रीत ने कहा कि कभी भी डेरे ने खुलकर किसी सियासी पार्टी की हिमायत नहीं की थी लेकिन अपने ऊपर चल रहे केसेज से परेशान गुरमीत सिंह बीजेपीए नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के झांसे में आ गए। हरियाणा में बीजेपी की सरकार बनवाने के बावजूद गुरमीत सिंह खुद को जेल जाने से नहीं बचा सके। जिस रेप केस में गुरमीत को सजा हुई  बीजेपी ने उस केस को खत्म करा देने का वादा किया था।

हनीप्रीत सिंह और गुरमीत सिंह ने अगर लोक सभा एलक्शन के दौरान हुए बीजेपी के वादों पर नजर डाली होती तो वह शायद उन लोगों के झांसे में नहीं आते। एलक्शन मुहिम के दौरान अच्छे दिन लाने का वादा तोे बुरे दिनों में बदल ही चुका है। हर शख्स के खाते में 15.15 लाख रूपए आने के वादे को बीजेपी सदर चुनावी जुमला बता चुके हैं। हर साल दो करोड़ नौकरियां देने के वादे के जवाब में हर साल दो लाख लोगों को भी रोजगार नहीं मिल रहा है। गुरमीत सिंह भी अवाम की तरह नरेन्द्र मोदी के झूटे वादों के जाल मंे फंस गया। इसीलिए उसने बीजेपी की हिमायत करने का एलान कर दिया। बीजेपी ने तो गुरमीत से फायदा उठाकर हरियाणा में सरकार बना लीए लेकिन खुद गुरमीत जेल की सलाखों के पीछे पहुच गया। उसके जरिए बनाया गया अकीदत का भ्रम भी टूट गया। उसके डेरे के अंदर पुलिस घुस गई और उसके जरायम की नई नई कहानियां रोज सामने आ रही हैं। ऐसे में यह कहना बहुत मुश्किल है कि जब दो साल बाद हरियाणा असम्बली के एलक्शन होगे तो डेरा बीजेपी को नुक्सान पहुचाने की हैसियत में रहेगा भी या नहीं।