गुरमीत के गुनाहों को सरकारी पुश्तपनाही

गुरमीत के गुनाहों को सरकारी पुश्तपनाही

डेरा सच्चा सौदा अय्याशी करने और दहशतगर्द पैदा करने के अड्डे की शक्ल में तब्दील

 

”डिजाइनर कपडे़ पहनकर चमचमाते फर्श पर हाथ में झाड़ू लिए गुरमीत ने अपनी तस्वीर खिंचवाई थी तो वजीर.ए.आजम नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट के जरिए कहा था कि बाबा गुरमीत भी उनके स्वच्छता अभियान से जुड़ गए हैं अब देश में गंदगी खत्म होना लाजमी है। महाराष्ट्र के वजीर.ए.आला देवेन्द्र फण्डनवीस ने गुरमीत की खुशामद में एक बडा जलसा करके उस जोेकर को ‘वर्सेटाइल पर्सनालिटी’ अवार्ड दिया था।“

 

”हरियाणा की पूरी खट्टर सरकार को अपने कदमों में रखने वाले बुजदिल बलात्कारी गुरमीत सिंह को जब 20 साल की सजा सुनाई गई तो वह फूट.फूट कर रोने लगाए जमीन पर बैठ गया और रहम की भीक मांगने लगा। स्पेशल जज जगदीप सिह लोहान ने उसके जुर्म को जंगली जानवरों जैसी हरकत करार दियाए कहा कि उसका जुर्म इतना घिनौना है कि रहम की कोई गुंजाइश नहीं है।“

 

”गुरमीत कितना बडा बदकिरदारए जालिम और घटिया इंसान है कि जिस प्रियंका तनेजा उर्फ हनीप्रीत सिंह को वह अपनी मुंह बोली बेटी बताता रहा है। हकीकत में वह उसकी दाश्ता है जो गुरमीत के हरम में रहने वाली 200 खूबसूरत लड़कियों की टीम की रिंग मास्टर भी रही है। गुरमीत ने उसे जेल में अपने साथ रखने की दरख्वास्त अदालत से की थी।“

 

चण्डीगढ! डेरा सच्चा सौदा के क्रिमिनल मालिक गुरमीत सिंह जो अपना पूरा नाम गुरमीत राम रहीम लिखने लगा था। उसके तमाम गुनाहों में भारतीय जनता पार्टी और हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार की पुश्तपनाही हासिल थी। दो साध्वी बहनों की इज्जत लूटने के मामले में गुरमीत सिंह बीस साल के लिए कैद हो गया लेकिन हरियाणा सरकार की मेहरबानियां उसपर जारी रहीं। गुरमीत के लिए पंचकुला को जलाए जाने के पांचवें दिन तक हरियाणा सरकार ने सिरसा के उसके डेरे की तलाशी नहीं करवाई थी। बताते हैं कि गुरमीत इस डेरे में बाकायदा दहशतगर्द पैदा करने का काम करता था। उसके डेरे पर तैनात प्राइवेट सिक्योरिटी गार्डों के पास से दीगर असलहों के साथ दो एके.47 रायफलें भी बरामद हुईंए पता चला कि अंदर बडी तादाद में एके.47 और दूसरे असलहे मौजूद हैं लेकिन मनोहर लाल खट्टर और उनकी सरकार ने डेरे की तलाशी करवाने के बजाए गुरमीत के साथियों को पूरा मौका दे दिया कि वह नाजायज असलहा ठिकाने लगा सके। 2014 के लोक सभा और उसके बाद हुए हरियाणा असम्बली के एलक्शन में गुरमीत ने भारतीय जनता पार्टी को वोट देने की मुहिम अवाम मंे चलाई थी। इसलिए वजीर.ए.आजम नरेन्द्र मोदी से खट्टर तक पूरी बीजेपी और दोनों सरकारें उसके कदमों में पड़ी दिख रही थीं। गुरमीत ने डिजाइनर कपड़े पहनकर चमचमाते साफ  सुथरे फर्श पर झाड़ू लगाने का ड्रामा किया था तो नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट करके कहा था कि ‘बाबा गुरमीत सिंह भी उनके स्वच्छता अभियान में शामिल हो गए हैं। अब देश में गदंगी नहीं रहने पाएगी।’ लेकिन दो बेसहारा बहनों ने पन्द्रह साल तक पूरी हिम्मत के साथ कानूनी लड़ाई लड़ कर अय्याश गुरमीत को उसके कैफर ए किरदार तक पहुचाया तो हरियाणा से ही ‘बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ मुहिम शुरू करने वाले नरेन्द्र मोदी और उनकी पार्टी के किसी भी शख्स ने उन लड़कियों को शाबाशी देने की जहमत नहीं की। उल्टे मोदी के लोक सभा मेम्बर सच्चिदानन्द साक्षी ने बडी बेशर्मी से गुरमीत जैसे मुजरिम की हिमायत में अदालतों तक को द्दमका दिया। गुरमीत जिना ;बलात्कारद्ध के मुकदमे का मुल्जिम था जल्द ही उसका फैसला आने वाला था। इसके बावजूद फैसले से ठीक दस दिन पहले पन्द्रह अगस्त को हरियाणा के तीन वजीरों अनिल विजए राम बिलास शर्मा और मुनीष ग्रोवर गुरमीत के सामने हाजिर हुए उसके कदमों में गिरे और तीनों ने उसके कदमों पर इक्यावन.इक्यावन ;51.51द्ध का चढावा चढाया। आरएसएस के इन तीनों प्रचारकों से पूछा जाना चाहिए कि यह रकम वह कहां से वसूल करके लाए थेघ्

28 अगस्त को रोहतक के सुनारिया जेल की लाइब्रेरी मंे बनाई गई स्पेशल सीबीआई अदालत में स्पेशल जज जगदीप सिंह लोहान ने जैसे ही फैसला सुनाया कि दोनों साध्वियों की इज्जत लूटने के मामले में गुरमीत सिंह को दस.दस साल की कैद बामशक्कत और दोनों मामलात में 15.15 लाख का जुर्माना किया जाता हैए वजीरों और सरकारों को अपने कदमांे मंे झुकाए रखने वाला गुरमीत फूट.फूट कर रोने लगा। वह जमीन पर बैठ गया और हाथ जोड़कर यह कहकर माफी मांगने लगा कि उसने समाज के लिए नशाबंदी समेत कई बेहतरीन काम किए हैंै। इसीलिए उसे माफ किया जाए। अदालत पर द्दौंस जमाने की गरज से उसने वजीर.ए.आजम नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान का भी जिक्र किया और कहा कि इस अभियान से जुडकर उसने मुल्क के लिए बड़ा काम किया है। इसलिए उसपर रहम किया जाना चाहिए। अदालत पर उसके ड्रामे का कोई असर नहीं पड़ा तो वह शोर मचाने लगा। इसपर अदालत ने उसे अदालत के कमरे से बाहर करवा दिया। अपने फैसले मंे स्पेशल जज ने कहा कि गुरमीत ने अपनी ही भक्त लड़कियांे के साथ घिनौनी हरकत की उनपर जुल्म ढाए और उन्हें लावारिस छोड़ दिया। उसकी यह हरकत जंगली जानवरों जैसी है। उसने न सिर्फ गुरू और शागिर्दा के पाक रिश्ते को दागदार किया बल्कि पूरे देश को बदनाम किया। उसका यह गुनाह किसी भी तरह रहम करने लायक नहीं है। अदालत ने उसपर दोनों मामलात में 15.15 लाख का जो जुर्माना लगाया है उसमें से 14.14 लाख रूपए उसकी हवस का शिकार बनी दोनों लड़कियों को दिए जाएंगे। अदालत ने साफ किया कि दोनों मामलात मंे उसे जो 10.10 साल की सजा दी गई है वह अलग.अलग हैं। पहले दस साल की सजा खत्म होने के बाद अगले दिन से ही उसकी दूसरी दस साल की सजा शुरू होगी।

गुरमीत सिंह कितना जालिमए अय्याश और बदकिरदार इंसान है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह जिस खूबसूरत लड़की हनीप्रीत सिंह को अपनी मुंह बोली बेटी बताता था उसे भी अपनी हवस का शिकार बनाता रहता था। सिरसा के अपने डेरे में उसने गुफा के नाम पर जो हरम बना रखा था उसमे दो सौ जवान खूबसूरत लडकियों को रखा जाता था। उन्ही में से बीस.बीस लडकियों को रोजाना गुरमीत के बेडरूम में भेजा जाता था। उसकी अय्याशी के दौरान बाकी लडकियों को भी उसके बेडरूम में मौजूद रहना पड़ता था। उसकी गुफा में मर्दों के दाखिले पर पूरी तरह पाबंदी थी। गुफा के इर्द.गिर्द जो तकरीबन 400 भक्त सिक्योरिटी के नाम पर तैनात थेए उन सबको गुरमीत सिंह ने आप्रेशन करके नामर्द ;नपुंसकद्ध बना रखा था ताकि उनमें से कोई भी गुरमीत के हरम की किसी लडकी को हाथ न लगा सके। 400 भक्तों को नामर्द बनाने का मुकदमा अलग से गुरमीत पर चल रहा है।

फतेहाबाद में टायर की दुकान चलाने वाले रामानन्द तनेजा की बेटी प्रियंका तनेजा पर गुरमीत की नजर तभी पड गई थी जब वह 17 साल की थी। उसकी खूबसूरती देखकर गुरमीत पागल हो गया और उसने प्रियंका तनेजा को अपनी भक्त की शक्ल में अपने डेरे में बुला लिया। उसने प्रियंका का नाम बदलकर हनीप्रीत सिंह इंसान रखा और पंचकुला के अपने एक शागिर्द विश्वास गुप्ता के साथ उसकी शादी करा दी। लेकिन शादी के बाद उसने हनीप्रीत सिंह को एक दिन भी अपने शौहर के साथ नहीं रहने दिया। विश्वास गुप्ता के वालिद रिटायर्ड चीफ इंजीनियर हैं वह गुरमीत के भक्त रहे हैं और उसे अपना भगवान मानते रहे हैं। रिटायरमेंट के बाद उनके पास जितना पैसा था वह सब उन्होने गुरमीत के हवाले कर दिया था। इसीलिए गुरमीत ने विश्वास गुप्ता को डेरे का सिक्योरिटी इंचार्ज बना रखा था। शादी के दो साल बाद एक दिन विश्वास गुप्ता गुरमीत के बेडरूम मे चला गया  तो देखा कि गुरमीत उसकी बीवी और अपनी मुंह बोली बेटी हनीप्रीत के साथ सेक्स में मशगूल था। विश्वास ने इसपर एतराज किया तो उसे जमकर पीटा गया। डेरे से बाहर निकाल दिया गया। बाद में हनीप्रीत ने जहेज मागने समेत घरेलू ंिहंसा के कई मुकदमंे विश्वास पर कायम करा दिए। गुरमीत ने उसपर एहसान जताने के लिए बाप बेटे को डेरे में बुलाया माफी मगवाई और हनीप्रीत को तलाक दिलवा दिया। इस वाक्ए के बाद से हनीप्रीत गुरमीत सिंह की चीफ दाश्ता बन गई। अब भी वह हनीप्रीत के बगैर नहीं रह पाता। अदालत से उसने अपने साथ हनीप्रीत को रखने की इजाजत मांगी थी। जो अदालत ने ठुकरा दी।

हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर हुकूमत गुरमीत के तमाम गुनाहों में उसकी भरपूर पुश्तपनाही करती रही। गुरमीत ने अपने डेरे में जाती कमाण्डों के बहाने दहशतगर्दों की एक टीम बना रखी थी। जिनके पास एके.47 जैसे खतरनाक हथियार भी थे। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्टों के बावजूद खट्टर हुकूमत ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नही की। पच्चीस अगस्त को पंचकुला की स्पेशल अदालत मंे उसका फैसला होना था। 22 अगस्त से ही उसने पंचकुला में अपने असलहा बरदार गुण्डों को पहुचाना शुरू कर दिया था। उसके बदमाशों मंे इतने शातिर लोग शामिल थे कि वह कुछ भी कर गुजरने के लिए तैयार रहते थे। इन लोगों के पास तरह.तरह के असलहे थे। हरियाणा सरकार के वजीर तालीम राम बिलास शर्मा समेत कई वजीर और मेम्बरान असम्बली गुरमीत के गुण्डों के लिए खाने का पैकेटों बोतल बंद पानी और सडक पर सोने के लिए चटाइयों तक का बंदोबस्त करते देखे गए। पंजाब.हरियाणा कोर्ट ने 24 अगस्त को सख्ती दिखाते हुए सरकार को आर्डर दिया कि वह गुरमीत के गुण्डों से पंचकुला को खाली कराएं। खट्टर  हुकूमत ने अदालत की आंखों में द्दूल झोकने के लिए दफा.144 लगाने का आर्डर तो किया लेकिन उस आर्डर में यह तक नहीं लिखा कि पांच या उससे ज्यादा लोग एक साथ कहीं इकट्ठा नहीं हो सकते। हाई कोर्ट ने डांटा तो सरकार की तरफ से कह दिया गया कि टाइप की गलती से ऐसा हो गया।

सरकार की पुश्तपनाही में गुरमीत के गुण्डों के हौसले इतने बुलंद थे कि वह किसी पुलिस अफसर को भी कुछ समझने के लिए तैयार नहीं थे। इसीलिए जैसे ही अदालत के जरिए उसे मुजरिम करार दिए जाने की खबर फैली गुरमीत के गुण्डों ने पूरे पंचकुला को यरगमाल ;बंद्दकद्ध बना लिया। देखते ही देखते 32 लोगों की जाने चली गई। 25 अगस्त को पंचकुला की अदालत में हाजिर होने के लिए गुरमीत सिंह सिरसा के अपने डेरे से निकला तो उसकी अपनी प्राइवेट फायर ब्रिगेड गाड़ियों समेत 300 से ज्यादा गाड़ियां उसके काफिले में थी। हरियाणा सरकार ने उन्हें रोकने की कोई कोशिश नहीं की। काफिले मंे दर्जन भर से ज्यादा खुली जीपें थीं जिनपर लदे गुरमीत के प्राइवेट कमाण्डों हथियार और रायफले लहराते चल रहे थे। प्राइवेट फायर ब्रिगेड की जो गाड़ी उस काफिले में शामिल थी अगले दिन उसकी तलाशी हुई  तो उसमें  पानी के बजाए तेज जलने वाला ;ज्वलनशीलद्ध केमिकल भरा था। गुरमीत के जो हथियार बंद गुण्डे स्पेशल सीबीआई अदालत से पांच किलोमीटर के दायरे में पहुच चुके थे उनमें से दो.तीन पकड़े गए तो उन्होंने बताया कि उनकी साजिश गुरमीत के अदालत से निकल जाने के बाद अदालत की इमारत जज और दीगर मुलाजमीन को जलाने की थी। इसीलिए आग बुझाने की गाड़ी में तकरीबन डेढ हजार लीटर तेजी से जलने वाला केमिकल लाया गया था।

खट्टर सरकार के इशारे पर हरियाणा पुलिस और जेड सिक्योरिटी के नाम पर उसे मिले कमाण्डो इतने बेलगाम हो चुके थे कि मुल्जिम करार दिए जाने के बाद जब गुरमीत को जेल ले जाया जा रहा था तो उसने अपनी गाडी में जाने की बात कही मौके पर मौजूद करनाल जोन के आईजी ने कहा कि नहींए सरकारी गाड़ी में ही जाना पड़ेगा तो एक कमाण्डो ने आईजी को थप्पड़ मार दिया और सिक्योरिटी में शामिल कास्टेबिल ने आईजी पर गोली चला दी उनकी किस्मत अच्छी थी कि वह बच गए। पंचकुला से मुजरिम गुरमीत को जिस अगस्ता वेस्टलैण्ड हेलीकाप्टर के जरिए रोहतक की सुनारिया जेल ले जाया गया उस तरह के हेलीकाप्टर मुल्क में सिर्फ दो है। जो अडानी ग्रुप के पास है। वजीर.ए.आजम नरेन्द्र मोदी अडानी ग्रुप के उस हेलीकाप्टर में एलक्शन मुहिम के दौरान महीनों सफर करते रहे है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह हराम के हेलीकाप्टर गुरमीत के लिए वजीर.ए.आजम मोदी ने ही भिजवाया थाघ् बीजेपी लीडरान में गुरमीत की खिदमत करने की ऐसी होड़ लगी रही है कि अपनी फिल्म के सिलसिले में वह मुंबई गया  तो महाराष्ट्र के वजीर.ए.आला देवेन्द्र फण्डनवीस ने उसकी इज्जत अफजाई के लिए उसे ‘वर्सेटाइल पर्सनाल्टी’ अवार्ड देने का भारी भरकम जलसा कर डाला। जोकर किस्म के इस मुजरिम की शख्सियत में कौन सी वर्सेटिलिटी फण्डनवीस को दिखी इसका जवाब किसी के पास नहीं है।