यह है आरएसएस मार्का इंसाफ

यह है आरएसएस मार्का इंसाफ

नई दिल्ली! सुप्रीम कोर्ट के किसी फैसले की तरह पार्लियामेंट के दोनों एवानों यानी लोक सभा के स्पीकर और राज्य सभा के चेयरमैन के किसी भी फैसले पर उंगली नहीं उठाई जा सकती लेकिन कुछ फैसले ऐसे भी होते हैं जिनसे जानिबदारी (पक्षपात) की झलक साफ नजर आती है तो ऐसे फैसलों पर उंगली उठना लाजमी हो जाता है। ऐसा ही एक फैसला गुजिश्ता दिनों लोक सभा स्पीकर ने भी किया है। बीजेपी के शिमला से लोक सभा मेम्बर अनुराग सिंह ठाकुर को लोक सभा के अंदर अपोजीशन मेम्बरान के हंगामे की वीडियो फिल्म बनाते पकड़ा गया था। अपोजीशन मेम्बरान ने उनकी इस हरकत पर हंगामा कर दिया। स्पीकर की हिदायत पर अनुराग ठाकुर ने अपनी इस गलती के लिए माफी मांग ली तो स्पीकर ने बड़ा दिल दिखाते हुए उन्हें फौरन माफ कर दिया और वार्निंग देकर छोड़ दिया।

इसी लोक सभा में गुजिश्ता बरस आम आदमी के लोक सभा मेम्बर भगवत मान को भी ऐसी ही वीडियो बनाते पकड़ा गया था। मान के खिलाफ बीजेपी मेम्बरान ने हंगामा किया और उनकी मेम्बरशिप ही खत्म करने का मतालबा स्पीकर से किया। कई दिनों तक भगवत मान की गर्दन पर मेम्बरी खत्म किए जाने का खतरा मंडराता रहा। क्योकि मान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के मतालबे पर बीजेेपी ने एवान (सदन) की कार्रवाई कई दिनों तक नहीं चलने दी थी। आखिर में स्पीकर ने भगवत मान को दो एजलासों (सत्रों) के लिए मुअत्तल कर दिया था। अनुराग ठाकुर ने तो जुबानी माफी मांगी थी जबकि भगवत मान ने बाकायदा स्पीकर को खत लिखकर माफी मागी थी।

अनुराग ठाकुर को महज एक वार्निंग देकर छोड़ दिया गया। जबकि भगवत मान को दो एजलास के लिए मुअत्तल किया गया था। वह भी एक ही स्पीकर के जरिए। इस फैसले पर अपोजीशन मेम्बरान ने सख्त एतराज किया लेकिन स्पीकर ने उनकी एक न सुनी और अनुराग को एक दिन के लिए भी मुअत्तल नहीं किया। इसी को तो लोग आरएसएस मार्का इंसाफ कहते हैं।