समाजवादी लीडरान का इल्जाम – रोजगार छीन रही है योगी सरकार

समाजवादी लीडरान का इल्जाम – रोजगार छीन रही है योगी सरकार

लखनऊ! वजीर-ए-आला योगी आदित्यनाथ ने अपने आका वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी के नक्शे कदम पर चलते हुए एलान कर दिया कि उनकी सरकार हर साल चैदह लाख लोगों को रोजगार देगी लेकिन अमली तौर पर योगी सरकार लोगों को बेरोजगार करने का काम कर रही है। इसी इल्जाम के साथ समाजवादी पार्टी के लीडरान ने विधान परिषद में योगी सरकार को घेरा तो उसके लीडरान को कोई जवाब देते नहीं बना। अपनी झेंप मिटाने के लिए कौंसिल में बीजेपी के लीडर डाक्टर दिनेश शर्मा ने उल्टे समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर इल्जाम लगा दिया कि उसने जाब्तों (नियमों) के खिलाफ भर्तियां कर ली थीं लेकिन वह इस बात का जवाब नहीं दे सके कि जो भर्तियां जाब्तों (नियमों) के मुताबिक चल रही थी उनपर रोक क्यों लगाई गई।

लोक सभा एलक्शन से पहले नरेन्द्र मोदी अपनी हर तकरीर में दावा कर रहे थे कि सरकार बनते ही हर साल दो करोड़ लोगों को नौकरियां दी जाएंगी। इस झांसे में आकर बड़ी तादाद में यूथ ने उन्हें वोट दिया था लेकिन मरकज में बीजेपी सरकार और नरेन्द्र मोदी के वजीर-ए-आजम बने साढे तीन साल का अर्सा गुजर चुका है इस दौरान रोजगार मिलना तो दूर लाखों लोग बेरोजगार अलग हो गए हैं। नरेन्द्र मोदी के जैसा ही झांसा देने की कोशिश उत्तर प्रदेश का वजीर-ए-आला बनते ही योगी आदित्यनाथ ने शुरू की है और पंाच साल में सत्तर लाख लोगों को रोजगार देने का एलान किया है यानि हर महीने एक लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देने का एलान किया। जबकि असलियत यह है कि योगी सरकार बनते ही प्रदेश में लाखों लोगों को बेरोजगार कर दिया गया। योगी सरकार की बिजली सबसे ज्यादा टीचरों पर गिरी और सरकार बनते ही सबसे पहला काम उन्होने टीचरों की भर्ती रोकने का किया।

इसी इश्यू पर समाजवादी लीडरान ने योगी सरकार को कौसिल में घेरा। समाजवादी लीडरान ने वक्फा-ए-सिफर (शून्यकाल) में यह मुद्दा उठाया। उन लोगों ने इल्जाम लगाया कि योगी सरकार एक तरफ हर साल चैदह लाख लोगों को रोजगार देने का वादा कर रही है जबकि प्राइमरी स्कूलों में 12460 टीचरों की और चार हजार उर्दू मोअल्लिम टीचरों की भर्ती के लिए चल रही कांउसिलिंग बीच में ही रूकवा दी गई। जबकि यह भर्तियां तो जाब्तों (नियमों) के मुताबिक हो रही थी। न तो इन भर्तियों की कोई जांच चल रही थी न ही किसी किस्म की शिकायत थी फिर भी प्रदेश सरकार ने यह भर्तियां सिर्फ इसलिए रोक दीं क्योंकि यह समाजवादी सरकार ने निकाली थीं और योगी सरकार नहीं चाहती थी कि इन भर्तियों का क्रेडिट अखिलेश सरकार को मिले। लिहाजा गलत जज्बे (दुर्भावना) की वजह से टीचरों की भर्तियां रोक कर उन्हें रोजगार से महरूम कर दिया।

समाजवादी लीडरों ने कहा कि योगी सरकार ने तो अपने मेनीफेस्टो (संकल्प पत्र) में शिक्षा मित्रों का साथ देने का वादा किया था लेकिन अब खामोशी अख्तियार किए हुए हैं। इन लीडरान ने कहा कि शिक्षा मित्रों के मामले में वह अदालत के फैसले का पूरा एहतराम करते हैं लेकिन सरकार को भी चाहिए कि वह अच्छी नियत के साथ फैसले ले। दस दिन हो चुके हैं शिक्षा मित्र सड़कों पर हैं रोज किसी न किसी की मौत हो रही है और सरकार हमदर्दी का मरहम लगाने के बजाए धमकी का नमक जख्मों पर छिड़क रही है। बेसिक एजूकेशन का ढांचा चरमरा रहा है सरकार तमाशा देख रही है।

योगी सरकार बनने के बाद से प्रदेश मे किसी भी तरह का कोई तरक्कियामी काम नहीं शुरू हुआ है। पांच साल में 70 लाख लोगों को रोजगार देने का शोशा छोड़ने वाली योगी सरकार का आलम यह है कि सरकार बने अभी पांच महीने भी नहीं हुए हैं जबकि लाखों लोग बेरोजगार हो चुके हैं। उसने न सिर्फ काउंसिलिंग हो चुकी टीचरों की भर्ती रूकवा दी बल्कि दारोगाओं की भर्ती पर भी रोक लगा दी। यही नहीं उन्होने यूपीएससी की भर्तियों की जांच कराने का हुक्म दे दिया। सवाल यह है कि एक तरफ योगी सरकार दावा कर रही है कि वह हर साल 14 लाख लोगों को रोजगार देगी दूसरी तरफ रोजगार पाने वालों के रास्ते में रूकावट डाल रही है। ऐसे में योगी सरकार के दावे पर कैसे यकीन किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट से झटका खाए शिक्षा मित्र सड़क पर हैं रोज किसी न किसी की मौत भी हो रही है। लेकिन योगी सरकार उनकी बातें सुनने के लिए तैयार नहीं है। इसके बजाए वह टीचरों को ही आपस मंे  टकराने का इरादा रखती है। लेकिन वह यह भूल गई कि गांवों के दूरदराज इलाकों में न शहर का कोई टीचर पढाने में दिलचस्पी रखता है न कोई डाक्टर मरीजों का इलाज करने में। यही वजह है कि दूरदराज देही इलाकों में शिक्षा मित्रों से पढाने का काम लेना पड़ा और झोला छाप डाक्टर इलाज करने का काम कर रहे हैं। अगर देही इलाकों के बच्चों को तालीम और लोगों को इलाज देने के लिए प्रदेश सरकार वाकई संजीदा है तो योगी सरकार को चाहिए कि टीचरों और डाक्टरों को गांवों के दूरदराज इलाकों में तैनात कर दे ताकि स्कूलों में बच्चों को पढाई और लोगों को इलाज मिल सके।