पनामा पेपर्स लीक में शामिल नाम – नवाज की कुर्सी गई,हिन्दुस्तान में तहकीकात भी नहीं

पनामा पेपर्स लीक में शामिल नाम – नवाज की कुर्सी गई,हिन्दुस्तान में तहकीकात भी नहीं

नई दिल्ली! पाकिस्तान जो आज तक एक मुल्क ही नहीं बन पाया वहां भी अदलिया (न्यायपालिका) का दबदबा इतना बाकी है कि पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आर्डर के जरिए पनामा पेपर्स लीक मामले में वजीर-ए-आजम नवाज शरीफ को कुर्सी छोड़ने पर मजबूर कर दिया। लेकिन हिन्दुस्तान में ईमानदारी के सबसे बड़े अलमबरदार बनकर बैठे वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी ने अभी तक उन लोगों के खिलाफ तहकीकात तक करने की इजाजत नहीं दी। वजह यह है कि पनामा पेपर्स लीक में जिन तकरीबन 500 लोगों के नाम आए थे उनमें मोदी के कई नजदीकी अमिताभ बच्चन, उनकी बहू ऐश्वर्या राय और मोदी के प्रोग्रामों में पैरवी करने वाले अदाकारा काजोल के  शौहर अजय देवगन, छत्तीसगढ के चीफ मिनिस्टर रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह, कोलकाता में बीजेपी के सबसे बड़े सपोर्टर शिशिर बजोरिया और अनुराग केजरीवाल वगैरह शामिल है। मोदी की सतह पर इसे हठधर्मी ही कहा जाएगा कि जिस मामले में पड़ोसी मुल्क के वजीर-ए-आजम को कुर्सी छोड़नी पड़ी हो उसी मामले में हिन्दुस्तान के जिन लोगोें के नाम आए उनके खिलाफ तहकीकात तक नहीं कराई जा रही है। यह मोदी और उनकी सरकार का गरूर ही है कि वह अपनों पर लगे किसी भी इल्जाम की तहकीकात तक नहीं कराएंगे। जिस अंदाज में मोदी सरकार काम कर रही है अगर तहकीकात होती तो रिपोर्ट वही आती जो सरकार चाहती लेकिन अवाम और दुनिया को दिखाने के लिए तहकीकात की फर्ज अदाएगी तो होनी चाहिए थी।

जब पनामा पेपर्स लीक का मामला सामने आया था उस वक्त भी रमन सिंह ने खामोशी ही अख्तियार कर ली थी। उन्होने आज तक यह नहीं बताया कि आखिर उनके बेटे अभिषेक सिंह के पास इतनी बेशुमार दौलत कहां से आ गई? अमिताभ बच्चन ने महज एक बयान सोशल मीडिया के जरिए देकर सिर्फ इतना कह दिया था कि पनामा पेपर्स लीक से उनका कुछ लेनादेना नहीं है। उनका नाम गलत तरीके से लिया गया है। अब चूंकि मोदी सरकार के दौरान अमिताभ बच्चन को भगवान का दर्जा दे दिया गया है। इसलिए भगवान की बातों को सिर्फ सुना ही जा सकता है। उसपर सवाल नहीं उठाया जा सकता। ऐश्वर्या राय बच्चन और अजय देवगन ने तो सफाई तक देना जरूरी नहीं समझा। इस फेहरिस्त में एक नाम विनोद अडानी का भी है जो मोदी के सबसे नजदीकी गौतम अडानी के बड़े भाई हैं किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई या तहकीकात की जरूरत नहीं समझी गई।

फेसबुक पर सहाफी गिरजेश वशिष्ठ का एक पोस्ट वायरल हो रहा है। खत में पनामा लीक की जानकारी भी है और यह भी बताया गया है कि पनामा मामले में भारत की सरकार पाकिस्तान से काफी पीछे दिखाई दे रही है। वजीर-ए-आजम मोदी के नाम लिखे खत में उन्होने लिखा कि आज पकिस्तान की तारीफ का मौका है। पाकिस्तान ने साबित कर दिया है कि वहां कानून का राज है। कोई कितनी भी  बेईमानी की बातें करे लेकिन वहां करप्शन के मुद्दे पर माफी नहीं हैं। वहां घोटाला करके वजीर-ए-आजम भी नहीं बचता लेकिन हमारे यहां वजीर-ए-आजम की मेहरबानी से कइयों की नैया पार हो जाती है। जिस पनामा लीक केस में नवाज शरीफ की सरकार गई है उसी पनामा लीक में मोदी जी के देश के 500 नाम हैं। इंडियन एक्सप्रेस बाकायदा लिस्ट भी छाप चुका है।

नाम जानना चाहते हैं तो फिर बता देता हूं। लिस्ट में मोदी जी के सगे गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद अडानी का नाम है। मोदी के सबसे नजदीकी सितारे अमिताभ बच्चन का नाम है, उनकी बहू ऐश्वर्या राय का नाम है, देशभक्त एक्टर अजय देवगन का नाम है। जो मशहूर अदाकारा काजोल के शौहर हैं और आजकल वजीर-ए-आजम मोदी (बाकी पेज चैदह पर) साहब आपके नजदीकी हैं।

मोदी साहब आपके सगे चीफ मिनिस्टर रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह का नाम भी उसी केस में है जिसमें पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ को मुजरिम माना गया और उन्हें सजा भी होगी। बंगाल के शिशिर बजोरिया का नाम है और अनुराग केजरीवाल का भी नाम है। रमन सिंह के बेटे के पास यह दौलत कहां से आई होगी इसके लिए अलग से जानकारी देने की जरूरत नहीं हैं। मोदी साहब सबसे समझदार पीएम हैं  अंदाजा आसानी से लगा सकते हैं।

चलो यह सब तो मोदी जी और उनकी पार्टी के सगे हैं लेकिन इकबाल मिर्ची का आपकी सरकार कुछ क्यों नही बिगाड़ सकी। इंडिया बुल्स के मालिक भी पनामा में नोटों का खेल खेलकर इस मजे में हैं, इन दोनों से आपके क्या रिश्ते हैं।

आप ईमानदारी के नाम पर बिहार की सरकार पलट देते हैं लेकिन इस मामले में कुछ नहीं कर पाते। जरा पाकिस्तान से सीखिए जहां की सुप्रीम कोर्ट ने वजीर-ए-आजम नवाज शरीफ को सलाखों का रास्ता दिखा दिया। आइसलैंड से सीखिए जहां के पीएम ने इस्तीफा दे दिया। आप तो कहते थे कि मैं न खाऊंगा न खाने दूंगा लेकिन यह नोटों का खजाना लिए घूम रहे नाम क्या आपने अखबार में नहीं पढ़े। क्या पनामा लीक्स के बारे में आपको कुछ नहीं पता।

खैर नहीं पता तो बता देता हूं वैसे भी यह वह देश है जहां का टूर अभी तक आपने नहीं किया है।

पनामा वुस्ती (मध्य) अमरीका का एक छोटा सा देश है। पनामा में विदेशी सरमायाकारी (निवेश) पर कोई टैक्स नहीं लगता है इसी वजह से पनामा में तकरीबन साढ़े तीन लाख सीक्रेट कंपनियां है। पनामा में सेक फाॅन्सेका नाम की फर्म विदेशियों को पनामा में शेल कंपनी (फर्जी कंपनी) बनाने में मदद करती है जिसके जरिए कोई भी शख्स अपना नाम पता बताए बगैर यहां जायदाद खरीद सकता है।

इसी कंपनी के लीक हुऐ दस्तावेजों में दुनिया भर के बडे लीडरान, मशहूर खिलाडियों और दीगर बडी हस्त्तियों के नाम सामने आये हैं जिन्होनें अरबो डालर की रकम पनामा में छुपाई हुई है।

इनमें आइसलैंड और पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम नवाज शरीफ , यूक्रेन के सदर, सऊदी अरब के बादशाह और ब्रिटेन के साबिक वजीर-ए-आजम डेविड कैमरून के वालिद के नाम खास है।

इनके अलावा लिस्ट में रूस के सदर व्लादिमीर पुतिन के करीबियों, अदाकार जैकी चाॅन और फुटबालर लियोनेल मेसी का नाम भी है। दुनिया भर में इन दस्तावेजों की बुनियाद पर एक्शन हो रहे हैं। मोदी साहब आप क्या कर रहे हैं। कुछ कर डालिए आपसे देश के इतिहास कों सबसे ज्यादा उम्मीदें हैं।