पाकिस्तान में दिहाड़ी प्राइम मिनिस्टर

पाकिस्तान में दिहाड़ी प्राइम मिनिस्टर

इस्लामाबाद (एजेेसीज)! दिहाड़ी मजदूर और कन्टेªक्ट पर मजदूर तो सुने जाते रहे हैं लेकिन पाकिस्तान मे प्राइम मिनिस्टर के ओहदे के लिए फिलहाल कोई उम्मीदवार न मिलने की वजह से शाहिद खकान अब्बासी को पैतालीस दिनों यानी डेढ महीने के लिए पाकिस्तान का नया वजीर-ए-आजम बनाया गया है। याद रहे कि पाकिस्तानी प्राइम मिनिस्टर नवाज शरीफ को पनामा पेपर्स लीक मामले में बड़े पैमाने पर काला धन पनामा में रखने के मामले में कुसूरवार ठहरा कर सुप्रीम कोर्ट ने ओहदे से हटने का आर्डर दे दिया था। पाकिस्तान की 342 मेम्बरान वाली नेशनल असम्बली (लोक सभा) मंे नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग के मेम्बरान की तादाद 188 है उन्हेे आजाद और दूसरी छोटी पार्टियों के 33 मेम्बरान की हिमायत भी हासिल है। इसके बावजूद उनमें एक भी मेम्बर ऐसा नहीं है जिसे वह मुस्तकिल तौर पर मुल्क की बागडोर सौंप सकेें। इसीलिए उन्होने अपने छोटे भाई शाहबाज शरीफ को ही अपना जानशीन बनाने का फैसला किया। शहबाज शरीफ फिलहाल पंजाब सूबे के चीफ मिनिस्टर हैं वह पहले नेशनल असम्बली का एलक्शन लड़ेगे तभी वजीर-ए-आजम बन सकेंगे। पाकिस्तान में नेशनल असम्बली का मेम्बर बने बगैर कोई भी लीडर मुल्क का वजीर-ए-आजम नहीं बन सकता है।

नवाज शरीफ की बर्खास्तगी के वक्त कुछ लोगों का ख्याल था कि शायद मुल्क के सदर मामून हुसैन अपनी पसंद के किसी मेम्बर को इण्टरिम प्राइम मिनिस्टर बनाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ उन्होनेे नवाज शरीफ की पसंद पर ही मोहर लगाकर अब्बासी को हलफ दिला दिया। नवाज शरीफ की एक बडी परेशानी यह भी है कि सुप्रीम कोर्ट ने उनके साथ उनके दोनों बेटों हुसैन और हसन के अलावा उनकी जानशीन समझी जाने वाली बेटी मरियम शरीफ को भी पनामा लीक्स मामले में मुजरिम करार देकर उन तीनों के लिए सियासी रास्ते बंद कर दिए हैं।

शाहिद खाकान अब्बासी ने वजीर-ए-आजम की हैसियत से नेशनल असम्बली में अपनी पहली तकरीर में नवाज शरीफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और अदालत दोनों पर सख्त हमले करते हुए कहा कि भले ही सुप्रीम कोर्ट ने नवाज शरीफ को नेशनल असम्बली की मेम्बर शिप और वजीर-ए-आजम के ओहदे के लिए नाअहल (अयोग्य) ठहरा दिया है लेकिन पाकिस्तानी अवाम के वजीर-ए-आजम वहीं बने रहेगे। वही अवाम के दिलों पर आज भी राज करते हैं। याद रहे कि जिस दिन अदालत का फैसला आया था उसी दिन मरियम नवाज शरीफ ने कहा था कि उनके वालिद फिर जीत कर आएंगे। पाक नेशनल असम्बली का एलक्शन अगले साल 2018 में होना है। फिलहाल नवाज शरीफ की पार्टी के खिलाफ कोई मजबूत मुतबादिल (विकल्प) नजर नहीं आता है।