अहमद पटेल से मोदी को इतना खौफ क्यों

अहमद पटेल से मोदी को इतना खौफ क्यों

बंगलौर! मुल्क में सिर्फ मैं-मैं और मैं ही रहूंगा, मेरे अलावा कोई नहीं, न कोई लीडर, न सियासी पार्टी, कोई रह सकेगा तो मेरी मर्जी से। इस फार्मूले पर चलते हुए वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी ने अपनी पार्टी के सदर अमित शाह के साथ मिलकर मुल्क में सियासत का जो नया रास्ता अख्तियार किया है वह रास्ता सिर्फ और सिर्फ डिक्टेटरशिप की तरफ जाता है। गुजरात की तीन में से एक राज्य सभा सीट से कांग्रेस के सीनियर लीडर अहमद पटेल नुमाइंदगी करते रहे है। इस बार वह राज्य सभा न पहुच सके, मोदी और शाह ने इसके लिए तमाम कोशिशें की, कामयाबी मिलती न देख आखिर मंे इनकमटैक्स मोहकमे का इस्तेमाल भी कर लिया।

गुजरात में कांगे्रस के 57 मेम्बरान असम्बली थे उनमें से छः को इस्तीफा दिलाकर बीजेपी मंे शामिल कर लिया गया बाकी बचे 51 में से बारह को तोडने की कोशिश इस हद तक हुई कि कांगे्रस के इल्जाम के मुताबिक इस्तीफा देने के लिए उसके मेम्बरान को पन्द्रह करोड़ तक रूपए और इस साल के आखिर में होेने वाले असम्बली एलक्शन में बीजेपी के टिकट की पेशकश कर दी गईं। मेम्बरान असम्बली को डराया धमकाया भी गया, उन्हें तोडा न जा सके इसके लिए कांग्रेेस ने चवालीस मेम्बरान को बंगलौर के नजदीक एक रिसोर्टस ‘ईगल टन’ मंे ले जाकर रखा। मेम्बरान के खाने पीने के बंदोबस्त की निगरानी के लिए कर्नाटक के बिजली वजीर डी के शिव कुमार की ड्यूटी लगाई गई डीके शिव कुमार दो अगस्त को जब गुुजराती मेम्बरान असम्बली के साथ नाश्ते  की तैयारी कर रहे थे उसी वक्त इनकम टैक्स अफसरान की टीम ने मरकजी फोर्सेज और मकामी पुलिस के साथ जाकर रिसोर्टस पर छापा मार दिया। कहा यह गया कि शिवकुमार रात से ही घर पर नहीं थे सुबह सवेरे उनके घर पर इनकम टैक्स मोहकमे ने छापा मारा था, इसलिए उन्हे लाने के लिए इनकमटैक्स की टीम रिसोर्टस में गई थी।

शिव कुमार न तो भगोडे थे न उनके खिलाफ कोई रिपोर्ट, उनके घर पर छापे के दौरान या उसके बाद उनकी जरूरत थी तो महज एक फोन काल करके उन्हेे बुलाया जा सकता था। लेकिन अफसरान ने उन्हेे बुलाने के बजाए रिसोर्टस पर छापा मारना मुनासिब समझा। शायद ऐसी ही हिदायत उन्हें दिल्ली में बैठे उनके आकाओे से मिली थी। कांगे्रस लीडरान के मुताबिक यह सारी कार्रवाई वजीर-ए-आजम की हिदायत पर हुई है। ताकि गुजरात केे मेम्बरान असम्बली को खौफजदा किया जा सके।

इस मसले पर दो अगस्त को ही पार्लियामेट के दोनों एवानों (सदनों) में कांगे्रस ने जबरदस्त हंगामा किया। राज्य सभा में लीडर आफ अपोजीशन गुलाम नबी आजाद और आनन्द शर्मा तो लोक सभा में पार्टी लीडर मल्लिकार्जुन खडगे ने इल्जाम लगाया कि एक अकेले अहमद पटेल को राज्य सभा पहुचने से रोकने के लिए वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी इस तरह इनकम टैक्स और दूसरी सरकारी एजेंसियों का बेजा इस्तेमाल कर रहे हैं। इन लोगों ने बंगलौर से फोन पर मिली तफसीलात के मुताबिक ही पार्लियामेट में यह मसला उठाया था। सरकार की तरफ से जवाब देते हुए फाइनेस मिनिस्टर अरूण जेटली ने कहा कि इनकम टैक्स मोहकमे की टीम ईगल टन रिसोर्टस या वहां रह रहे गुजरात के मेम्बरान असम्बली पर छापा मारने नहीं गई थी बल्कि डीके शिव कुमार का बयान लेने गई थी। सवाल यह है कि अगर इनकमटैक्स मोहकमे के अफसरान बंगलौर में यह कह रहे हैं कि वह शिव कुमार को लेने गए थे और दिल्ली में बैठकर अरूण जेटली कह रहे है कि टीम उनका बयान लेने गई थी तो इन दोनों में झूट कौन बोल रहा है?

अहमद पटेल को रोकने के लिए एलक्शन कमीशन का भी इस्तेमाल कर लिया गया। यह पहला मौका है  जब एलक्शन कमीशन राज्य सभा के एलक्शन में भी ‘नोटा’ का इस्तेमाल कर रहा है। यानि कोई वोटर चाहे तो ‘नोटा’ को टिक करके किसी भी उम्मीदवार को वोट देने से इंकार कर सकता है। जुलाई के शुरू में पुराने चीफ एलक्शन कमिशनर डाक्टर नसीम जैदी के रिटायर होते ही नरेन्द्र मोदी ने गुजरात काडर के एक आईएएस अफसर अचल कुमार ज्योति को सीधे चीफ एलक्शन कमिशनर बना दिया था। उस वक्त कुछ लोगों ने शक किया था कि  अब नरेन्द्र मोदी अपने सियासी मकासिद के लिए एलक्शन कमीशन का भी इस्तेमाल करेगे, वह शक अब यकीन में बदल गया है। नोटा का इस्तेमाल ऐसे एलक्शन में कैसे किया जा सकता है जिसमें पार्टी उम्मीदवार को वोट न देने वाले मेम्बरान की मेम्बरशिप चली जाती है। कांगे्रस ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक पटीशन दायर करके राज्य सभा एलक्शन में नोटा का इस्तेमाल रोकने की अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने स्टे देने से मना कर दिया और अगली तारीख तेरह अगस्त की लगा दी। जबकि राज्य सभा एलक्शन आठ अगस्त को होना है।  अब कांगे्रस को यह शक है कि भारतीय जनता पार्टी अहमद पटेल को हराने के लिए उसके कुछ मेम्बरान असम्बली को डरा धमका कर नोटा का इस्तेमाल  करा सकती है। कर्नाटक सरकार की जानिब से एलान किया गया है कि उनके बिजली वजीर डी के शिव कुमार पर सियासी मकासिद के लिए छापा डलवाया गया है। इसलिए पार्टी और सरकार दोनों अपने वजीर के साथ खडे है। यूथ कांगे्रस और महिला कांगे्रस ने इस छापेमारी के खिलाफ बंगलौर से दिल्ली तक मजाहिरे किए दूसरी तरफ इनकमटैक्स असफरान का कहना है कि शिव कुमार के दर्जनों ठिकानोें पर छापांे में ग्यारह करोड से ज्यादा की नकदी और बडे पैमाने पर जायदाद के कागजात बरामद हुए है।