यूपी में कानून का नहीं – क्रिमिनल्स का राज

यूपी में कानून का नहीं – क्रिमिनल्स का राज

लखनऊ! उत्तर प्रदेश के वजीर-ए-आला योगी आदित्यनाथ के कानून का राज नाफिज करने का दावा खोखला नजर आता है। जिस तरह से सूबे में चोरी, लूट, डकैती और कत्ल के जरायम का सैलाब आया हुआ है उसे देखकर लगता है कि यूपी में कानून का नहीं बल्कि क्रिमिनल्स का राज चल रहा है। जिस तरह दिन दहाड़े कत्ल, लूट और डकैती पड़ रही है उससे योगी पुलिस का इकबाल लगता है पूरी तरह से खत्म हो चुका है और क्रिमिनल्स के हौसले बढे हुए हैं। सीतापुर में हुए ट्रिपल मर्डर से यह बात पूरी तरह साफ हो जाती है कि नज्म व नस्क (कानून व्यवस्था) के मोर्चें पर योगी सरकार पूरी तरह नाकाम हो चुकी है।

प्रदेश में क्रिमिनल्स को पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है। सीतापुर में हुई वारदात से तो यही साबित होता है। छः जून की रात नौ बजे सीतापुर शहर कोतवाली के सिविल लाइंस चर्च रोड पर रहने वाले दालों के थोक व्यापारी साठ साल के सुनील जायसवाल, उनके 25 साल के बेटे रितिक और बीवी कामिनी को तीन नकाबपोश हमलावरों ने गोलियां बरसा कर महज पांच मिनट में तीनों को कत्ल कर दिया और फरार हो गए। बदमाश इतने बेखौफ थे कि जब बाहर टहल रहे लोगों ने उन्हंे पकड़ना चाहा तो उन्होने उनपर भी गोलियां चला दीं जिसमें मनीष नाम का शख्स जख्मी हो गया। जिस तरीके से वारदात अंजाम दी गई उससे साफ होता है कि यह पेशेवर कातिलों का काम है और किसी ने सुनील के बीवी व बेटे को कत्ल करवाया है। खबर लिखे जाने तक पुलिस लकीर पीटने वाले अंदाज मंे तलाशी मुहिम चला रही है।

सीतापुर मे तिहरे कत्ल के अलावा आगरा में बीजेपी लीडर नाथुराम वर्मा को उन्हीं की कार में सवार सुधीर और समर ने गोली मार कर कत्ल कर दिया। उन लोगों को भागते वक्त गांव वालों ने पकड़ लिया और इतना मारा कि सुधीर सिंह ने अस्पताल पहुच कर दम तोड़ दिया। पुलिस वालों ने जब मुल्जिमीन को भीड़ से बचाने की कोशिश की तो भीड़ ने पुलिस वालों पर हमला कर दिया उनके सर फोड़ दिए और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद मुल्जिमीन की पिटाई से यह साफ हो गया कि उन लोगों को पुलिस का कोई खौफ नहीं था। चूंकि बीजेपी लीडर का कत्ल हुआ था इसलिए कातिलों को खुद सजा देना उनके हामियों ने जरूरी समझा और एक मुल्जिम सुधीर को पीट-पीटकर कत्ल कर दिया जबकि दूसरा समर अस्पताल मंे भर्ती है। पुलिस ने बताया कि किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

गुण्डों बदमाशों के बढे हुए हौसलों का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने कारों पर ‘बाहुबलि’ लिखा देखकर उसकी फोटांे खींच ली तो गुण्डे उनके घर तक धमकाने पहुच गए। जबकि विकास नगर के सेक्टर-3 में जवाहर लाल सोनी की कन्हैया लाल पुरवा में ज्वेलरी की दुकान है। दिन दहाडे़ एक शख्स ने दुकान में घुस कर 22300 रूपए, सोने के लाकेट बारह टाप्स और आठ नाक की कील व दीगर जेवरात उठा लिए। यह बताता है कि क्रिमिनल्स में पुलिस का कोई खौफ नहीं रहा गया है।

रायबरेली के एल्डिको गार्डन में रहने वाले आरएस राठौर फौज से कैप्टन के ओहदे से रिटायर होने के बाद ओरिएंटल बैक आफ कामर्स में चीफ मैनेजर के ओहदे पर काम कर रहे हैं। चोरों ने उनके घर में घुसकर दस लाख के जेवर, 1.5 लाख रूपए कैश, दो नाली बंदूक व 20 कारतूस समेट लिए। चोरोे ने इतनी सफाई से काम अंजाम दिया कि दूसरे कमरे में सो रहे कैप्टन के बेटों और बीवी को उसकी भनक नहीं लगी। चोरांेे के हौसले का अंदाजा इसी से लगता है कि जिस कालोनी में चोरी हुई उसके अंदर सात गेट लगे हुए हैं और गार्ड भी हैं। चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होने घर खंगालने के बाद कार की चाबी उठाई और उसी कार में सामान रखकर फरार हो गए।

पीजीआई के ही इलाके में फौज मे हवलदार ऋषिकेश राय के घर चोरों ने धावा बोला और एक लाख रूपए के जेवरात, इनवर्टर गैस सिलेण्डर, घर में रखी नकदी लेकर फरार हो गए। चोर बल्ली के सहारे घर के अंदर घुसे थें ऋषिकेश राय ने बताया कि वह दिल्ली में तैनात हैं इसलिए अपनी ड्यूटी पर थे  जबकि बीवी बच्चे गांव गए हुए थे। उन्हंे चोरी की इत्तेला पड़ोसियों ने दी। ऋषिकेश राय का कहना था कि लोगों के तहफ्फुज में पीजीआई पुलिस निकम्मी साबित हो रही है। एक के बाद एक ताबड़तोड़ वारदाते ंहो रही हैं मगर पुलिस के हाथ किसी भी वारदात मे ंमुल्जिमान तक नहीं पहुच सके हैं। वह कहते हैं कि साल भर पहले भी उनके घर में चोरी हुई थी तब छः लाख के जेवरात चोरी हुए थे पीजीआई पुलिस ने उस चोरी का खुलासा करने का दावा तो किया मगर एक अंगूठी तक बरामद नहीं करा पाई थी। उन्होने कहा कि हम लोग मुल्क की हिफाजत करंे या घर की , यही समझ में नहीं आ रहा है।

उत्तर प्रदेश के वजीर-ए-आला योगी आदित्यनाथ कानून के राज की बात कहते नहीं थकते हैं जबकि असलियत यह है कि राजधानी में ही आशियाना थाने से महज दो सौ मीटर की दूरी पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रचार विभाग के नायब सदर विजय प्रताप सिंह के बहनोई और रियल एस्टेट के कारोबारी पंकज सिंह का घर है। योगी सरकार में वजीर स्वाति सिंह का मकान पंकज सिंह के मकान से सौ मीटर दूर  हैं। इसके बावजूद बखौफ चोरों ने पंकज सिंह के घर को बड़े इत्मीनान से खंगाला। पंकज सिंह अपने परिवार के साथ अपने आबाई वतन पटना गए हुए थे। चोर दस लाख रूपए के जेवरात, एलआईडी , टीवी, दो लैपटाप समेत पांच लाख का दीगर सामान बटोर ले गए। कालोनी थाने के सामने है। वजीर स्वाति सिंह के अलावा कई आईएएस और पीसीएस अफसरान रहते हैं मगर पुलिस इलाके में गश्त नहीं करती हैं। इसके अलावा वृंदावन कालोनी में रहने वाले राकेश श्रीवास्तव एक प्राइवेट होटल में मैनेजर हैं। उनके घर में घुसे चोरों ने पूरे घर को बेहोश करदिया मगर घर में ज्यादा पैसे नहीं थे इसलिए बहुत नुक्सान नहीं हुआ तो चिनहट के पास कमता में ताला तोड़कर चोरांेे ने लाखों  का माल  साफ कर दिया।

इन वारदातो ंसे पहले 30 मई को गोमतीनगर के विरामखण्ड में रहने वाले इंडो गल्फ फर्जीलाइजर मे कंसल्टेट सैयद मोहम्मद रिजवी उर्फ हशम के घर में डकैत घुसे। उसकी बीवी और सास को बांधकर घर में रखे दो लाख के जेवरात, उनकी बीवी के हीरे के टाप्स और सास के बेहद कदीम सोने के कंगन भी ले गए साथ ही घर मे रखे चालीस हजार रूपए भी ले गए। एसएम रिजवी सीतापुर से लोक सभा मेम्बर रह चुके समाजवादी लीडर मुख्तार अनीस के छोटे भाई हैं। उनसे पहले 28 मई को इंटलीजेंस के ब्यूोरो के एसपी ओएल श्रीवास्तव के बंद मकान का ताला तोड़कर लाखों की चोरी हुई 25 मई को सेल्स टैक्स के बाबू राकेश सिंह के घर में घुसकर चोरों ने लाखों के जेवर और कैश चुरा लिए और फर्टीलाइजर के मैनेजर अनुभव मित्तल के घर का ताला तोड़कर लाखों की चोरी की गई। विवेकखण्ड मे प्रापर्टी डीलर चमन लाल दिवाकर के घर चोरी हुई।

योगी सरकार बनने के एक-डेढ महीने के अंदर लखनऊ की सीनियर पुलिस कप्तान मंजिल सैनी को हटाकर 28 अप्रैल को दीपक कुमार को लखनऊ का एसएसपी बनाया गया था तो यह माना जा रहा था कि वह क्राइम पर काबू करने मे कामयाब होंगे। मगर दीपक कुमार क्रिमिनल्स के आगे बिल्कुल बेबस नजर आ रहे हैं। उनके पुलिस कप्तान बनने के बाद से राजधानी में क्राइम का ग्राफ बढता जा रहा है। बरेली के आलम गिरि गंज के प्रदीप अग्रवाल अपने ससुर अविनाश के साथ लखनऊ सोना खरीदने आए थे। आठ किलो सोना खरीदने के बाद प्रदीप लखनऊ में रूक गए जबकि ड्राइवर इमरान और मुलाजिम रामचन्द्र व महेन्द्र के साथ अविनाश के साथ जा रहे थे तभी फतेहगंज के पास हाईवे पर बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। बदमाशों के पास इतनी सटीक मुखबिरी थी कि उन्होनेे सबसे पहले चारों के जूते उतरवाए जहां उन लोगों ने एक-एक किलो सोना छुपा रखा था। इस तरह बदमाश आठ किलो सोना लेकर फरार हो गए। हाई वे पर जेवर में रेप जैसे वाक्यात होनेे के बावजूद हाईवे पर पुलिस पेट्रोलिंग करती नजर नहीं आती  है। कुल मिलाकर लखनऊ क्राइम सिटी बनता नजर आ रहा है। ऐसे में कानून के राज के बजाए चोरों, लुटेरों और डकैतों का राज ही नजर आ रहा है और पुलिस कदमताल तो वजीर-ए-आला बयानबाजी करने में लगे हैं।

 

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