योगी की हिन्दू युवा वाहिनी बेलगाम

योगी की हिन्दू युवा वाहिनी बेलगाम

लखनऊ! उत्तर प्रदेश जैसे मुल्क के सबसे बड़े प्रदेश का वजीर-ए-आला बनने के बाद आदित्यनाथ योगी ने भले ही कई बार मीडिया के जरिए यह कहा है कि प्रदेश में मजहब और तबके के नाम पर किसी के साथ कोई ज्यादती और नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। उनकी अपनी बनाई हुई फौज ‘हिन्दू युवा वाहिनी’ के नाम पर शहरों मंे दहशत फैलाने वाले कुछ लोगांे पर योगी के एलान का कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है। हिन्दू युवा वाहिनी के लोगांे का हौसला पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा बढा हुआ दिखता है। योगी सरकार बनते ही प्रदेश मंे एण्टी रोमियो मुहिम चली तो जैसे प्रदेश भर में हिन्दू युवा वाहिनी और बजरंग दल के नाम पर हंगामा करने वालों को सड़कों पर मनमानी करने का लाइसेस मिल गया। चूंकि पुलिस इन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने के बजाए इन्हीं लोगों का साथ देती है इसलिए यह लोग कानून अपने हाथों मे लेने से बिल्कुल भी डरते नहीं हैं।

मेरठ का ही यह दूसरा वाक्या बहुत ही खतरनाक है। शास्त्री नगर मे सुखवीर सिंह त्यागी के मकान में किराए पर एक कमरा लेकर रहने वाले मुजफ्फरनगर के मोहम्मद वसीम के कमरे पर बारह अप्रैल को हिन्दू युवा वाहिनी के लोगों ने धावा बोला और इल्जाम लगाया कि लव जेहाद के तहत ही वसीम ने अपने कमरे में एक हिन्दू लड़की रख रखी है। इसलिए उन्हें सबक सिखाना जरूरी है। वसीम के कमरे या सुखवीर सिंह त्यागी के मकान के दूसरे हिस्सांे में कोई लड़की या औरत नहीं पाई गई लेकिन हिन्दू युवा वाहिनी के पच्छिमी उत्तर प्रदेश के सदर नागेन्द्र प्रताप सिंह तोमर, सचिन मित्तल, रूबी परवीन और उपेन्द्र  सिंह वगैरह यही कहते रहे कि कमरे में उन्होनंे वसीम के साथ एक लड़की को काबिले एतराज हालत में देखा है। अगर कमरे में लड़की दिखी थी और युवा वाहिनी के तकरीबन पचास लोगों ने कमरे को घेर रखा था तो वह लड़की गायब कहां हो गई? इसका जवाब न तो युवा वाहिनी के पास है न मेरठ पुलिस के पास। इसके बावजूद मेरठ पुलिस ने वसीम के खिलाफ दफा-294 का मुकदमा लिख कर उसे जेल भेज दिया।

मेरठ पुलिस और हिन्दू युवा वाहिनी दोनों के हंगामे से मकान मालिक सुखवीर सिहं त्यागी इतना खौफजदा हो गए कि  वह इस मसले पर कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। सब इंस्पेक्टर मोहन सिंह ने कास्टेबिल सुनील शर्मा की जानिब से वसीम के खिलाफ जो रिपोर्ट दर्ज कराई उसमें लिखा गया कि वह (सुनील शर्मा) शास्त्रीनगर में जा रहा था तो सड़क के किनारे खड़ा एक नौजवान लड़कियों को देखकर बदतमीजी की हरकतें कर रहा था। लड़कियांे और औरतों को देखकर वह किसीसे कहता था ‘डार्लिग तुम बहुत अच्छी लग रही हो’ तो किसी को देखकर गाने गाता था। इसलिए उसे गिरफ्तार किया गया।

वसीम ने बताया कि वह कम्प्यूटर अप्लीकेशन्स मे मास्टर डिग्री (एमसीए) के लिए पढाई कर रहा है और एक टेलीफोन कम्पनी के लिए काम भी करता है। उसपर सिर्फ इसलिए हमला किया गया कि वह मुसलमान है और शास्त्री नगर के हिन्दू मकान मालिक के घर में किराए पर रहता है। एक ही मामले मंे हिन्दू युवा वाहिनी के अलग-अलग लोगों के अलग-अलग बयानात और पुलिस का तीसरा, चैथा बयान, इसके बावजूद पुलिस ने वसीम को जबरदस्ती मुल्जिम बनाकर जेल भेज दिया। इस बात से मेरठ के मुसलमानों में गुस्सा भी है और खौफ भी। लेकिन चूंकि योगी की हुकूमत है और उन्हीं की बनाई हुई हिन्दू युवा वाहिनी बेलगाम होकर काम कर रही है इसलिए कोई कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।

मेरठ में हिन्दू युवा वाहिनी के लोगांे ने तो उस वक्त इंतेहा कर दी जब एक हिन्दू नौजवान असीम वल्द राजेश और उसकी महबूबा को एक होटल में पकड़ा और लड़के पर इल्जाम लगा दिया कि वह मुसलमान है और लवजेहाद की मुहिम में उसने हिन्दू लड़की को अपने जाल में फंसाया है। लड़के ने जब सफाई दी कि वह तो हिन्दू ही है और उसकी दोस्त भी हिन्दू है तो हिन्दू युवा वाहिनी के मेरठ सदर ने कहा तू पहले मुसलमान था क्या अपना मजहब तब्दील करके तू हिन्दू बना है? उसने कहा कि वह तो पैदाइशी हिन्दू है तो उसे धक्का देते हुए हिन्दुत्व के ठेकेदारों ने धमकी दी कि अभी मार-मार कर उसे भूत बनाते हैं। वह सहम गया। दरवाजे के बाहर भीड़ लग गई भीड़ में शामिल कुछ लड़कियों और औरतों ने हिन्दू युवा वाहिनी की इस हरकत की मुखालिफत मंे आवाज उठाई तो हिन्दुत्व के ठेकेदारों ने उन्हें भी धमकाते हुए कहा कि अगर कोई बीच में बोला तो वह दोनों को मार-मार कर भूत बना देंगे। दरवाजे के बाहर सिर्फ लोग ही इकट्ठा नहीं हुए थे। पुलिस भी इस अंदाज में खड़ी थी जैसे वह इन ठेकेदारों के हुक्म के इंतजार में हो। गाली गलौच और बुरी तरह दहशतजदा करके दोनों को थाने ले जाया गया। पुलिस ने लड़की को छोड़ दिया और लड़के को अवामी मकाम पर नाजेबा (अश्लील) हरकतें करने के झूटे इल्जाम में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। लड़के को जूडीशियल कस्टडी मंे जेल भेजने वाले जज ने भी नहीं सोचा कि लड़के की गलती क्या है?

एक वाक्या कानपुर जैसे हस्सास शहर में पेश आया। सरफराज नाम का एक मुस्लिम नौजवान अपनी बीवी और बहन के साथ जा रहा था दोनों लड़कियां बुर्के में थीं उन्हें सड़क पर रोक लिया गया। सरफराज ने बताया कि दोनों में एक उसकी बीवी दूसरी उसकी बहन है लेकिन खुद को कानून से ऊपर समझने वालों ने उसकी बात पर यकीन नहीं किया। उससे कहा कि वह अपने घर पर फोन से बात करा दे अगर सच बोल रहा होगा तो उसे जाने दिया जाएगा। मौके पर भीड़ जमा हो गई तो सरफराज की बीवी ने कहा आप लोग क्यों हमारे पीछे पड़े हैं और सड़क पर हमारा तमाशा बना रहे हैं। इसपर एक बजरंगी ने इंतेहाई बदतमीजी से उसे डांटते हुए कहा ज्यादा टीं टीं करेगी तो अभी यहीं बता देंगे कि किसके साथ उसका पाला पड़ा है। इस दरम्यान सरफराज ने अपनी बड़ी बहन से गरोह के लीडर की मोबाइल से बात कराई तो बड़ी बहन से इस गरोह के सरगना ने पूछा कि सरफराज आपका कौन है उन्होने कहा मेरा छोटा भाई है। दूसरा सवाल हुआ क्या इसकी शादी हो चुकी है बहन ने कहा हां हो चुकी है। वह अपनी बीवी के साथ घर से बाहर गया है। घबराहट में सरफराज की बड़ी बहन ने तेज आवाज में पूछ लिया कि आखिर हुआ क्या है जो इतनी पूछगछ  की जा रही है। इस पर गरोह के सरगना ने बड़ी बहन से बदतमीजी करते हुए बोला तेज आवाज मंे बात मत कर मैं तुझसे ज्यादा तेज बोल सकता हूं। भीड़ भी बढ चुकी थी शायद भीड़ देखकर ही बजरंग दल के समाज के इन खुदसाख्ता (स्वयंभू) बनेे ठेकेदारों ने सरफराज उसकी बीवी और बहन को जाने दिया।

हिन्दू युवा वाहिनी और बजंरग दल के लोग सड़कों पर जो कुछ करते हैं उसकी बाकायदा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते रहते हैं। प्रदेश पुलिस के किसी भी अफसर में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह वीडियो में दिखने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई कर सकें। ऐेसे वीडियो सोशल मीडिया पर भरे पड़े हैं। समाज, सरकार बीजेपी, समाजवादी पार्टी, कांगे्रस, बीएसपी और पुलिस उनके खिलाफ जबान खोलने के लिए तैयार नहीं है अदालतें भी सोमोटो नोटिस नहीं ले रही है। इन हरकतो का क्या अंजाम होगा यह रोकी जाएंगी या नहीं कोई नहीं जानता। लेकिन यह वीडियो है बहुत ही खौफनाक और आम लोगांें को दहशतजदा करने वाले। शायद दहशत पैदा करने के लिए ही यह सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही हैं।

ऐसा ही एक दहशतनाक वीडियो फेसबुक पर वायरल हो रहा है जिसमें चार-पांच गुण्डे किस्म के लोग मुंह और गले में भगवा कपड़ा डाले हैं यह सब मिलकर सड़क पर सरेआम एक लड़के और लड़की को मोटे-मोटे डंडों से जानवरों की तरह पीटते दिख रहे हैं। लड़का और लड़की दोनों मोटर साइकिल से जा रहे थे उन्हें रोक कर उनके साथ मार पीट की गई। शायद समाज के ठेेकेदारों को अंदाजा लग गया था कि लड़का लड़की दोनों पड़ोस के गांव के रहने वाले हिन्दू ही हैं इसी लिए दोनों को बुरी तरह पीटते हुए यह गुण्डे कह रहे थे तुम दोनों ‘छिनराई’ करते फिर रहे हो तुम्हें समाज की भी फिक्र नहीं है।

गुडफ्राइडे के मौके पर गोरखपुर से मिले हुए महाराजगंज जिले के डथौली में बने पुराने चर्च में गुडफ्राइडे की प्रेयर के लिए इलाके के तकरीबन डेढ सौ ईसाई इकट्ठा हुए थे। इनमें दस अमरीकी शहरी भी थे। गुडफ्राइडे की प्रेयर चल रही थी कि मोेटर साइकिलों पर सवार हिन्दू युवा वाहिनी के सैकड़ों लोग भगवा झंडे लिए नारे लगाते हुए चर्च मंे पहुच गए और यह कह कर प्रेयर रूकवा दी कि चर्च में हिन्दुओं का मजहब तब्दील करके उन्हें ईसाई बनाने की हरकत की जा रही है। हिन्दू युवा वाहिनी के लोगों का कहना था कि अमरीका से आए दस ईसाई बड़ी मिकदार (मात्रा) में डालर लेकर आए हैं जो हिन्दुओं का मजहब तब्दील कराने के काम मंेे खर्च किए जाने थे।

हिन्दू युवा वाहिनी के लोग शायद पुलिस को इत्तेला देकर आए थे इसीलिए डथौली के इंचार्ज दारोगा आनन्द कुमार गुप्ता भी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुच गए। फौरन ही युवा वाहिनी ने उन्हें एक कम्पलेंट सौंपी जिसमें लिखा था कि चर्च के पादरी योहन्ना एडम चर्च में हिन्दुओं का मजहब तब्दील करा रहे हैं। थानेदार आनन्द कुमार गुप्ता भी फौरन युवा वाहिनी की जुबान बोलते हुए कहने लगे कि गुडफ्राइडे की प्रेयर के लिए चर्च  के पास्टर ने पहले से कोई इजाजत नहीं ली है यह गैर कानूनी काम है। अब हिन्दुत्व के रंग में शराबोर इस दारोगा से कौन पूछता कि गुडफ्राइडे के मोैके पर पूरे मुल्क के चर्चों में खुसूसी प्रेयर होती है। चूंकि यह प्रेयर अवामी जगह पर नहीं होकर चर्च के अंदर बंद हाल में होती है इसलिए इसकी इजाजत लेना कानूनन जरूरी नहीं है। हां  अगर चर्च के बाहर मैदान मंे ईसाइयों का कोई मजहबी प्रोग्राम हो रहा होता तो उसके लिए इजाजत जरूरी थी।

दारोगा गुप्ता ने चर्च में हो रही प्रेयर रूकवा दी अमरीकी शहरियों और उनके सामान की सख्ती के साथ तलाशी ली गई। बाद में दारोगा ने कहा कि हिन्दू युवा वाहिनी की जानिब से उन्हें शिकायत मिली है कि चर्च में हिन्दुओं का मजहब तब्दील कराया जा रहा था। इसकी तहकीकात की जाएगी। अगर शिकायत सही पाई गई तो चर्च और उसके पास्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर युवा वाहिनी की शिकायत को ही सही मानकर उसपर पुलिस को कार्रवाई करनी है तो मौके पर जब हिन्दू युवा वाहिनी के लोग चर्च के बाहर उसे घेरे खडे़ थे पुलिस मौके पर थी तो चर्च के पास्टर से कह कर पुलिस को उसी वक्त अंदर जाकर वहां मौजूद सभी डेढ सौ लोगों से पूछगछ करके मालूम कर लेना चाहिए था कि क्या चर्च में कोई  हिन्दू भी मौजूद था जिसे युवा वाहिनी के मुताबिक मजहब तब्दील कराने के लिए बुलाया गया था। पुलिस ने ऐसा नहीं किया ताकि बाद मेें कुछ फर्जी लोगों का बयान दर्ज करके चर्च पर मजहब तब्दील कराने का इल्जाम लगाया जा सके।

गोरखपुर के ही नजदीकी जिले गोण्डा में हिन्दू युवा वाहिनी के लोग मोदी सरकार के उस एलान पर अमल कराने पहुच गए कि अब कोई भी सरकारी डाक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करेगा। इन लोगोें ने अपने तरीके और अपनी जुबान (भाषा) में गोण्डा में तैनात सरकारी डाक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस न करने का सबक दे डाला। युवा वाहिनी के तौर तरीकों से नाराज जिले में आधा दर्जन डाक्टरों ने इस्तीफा देकर अपनी इज्जत बचाना ही मुनासिब समझा। इस्तीफा देने वाले डाक्टरों में फिजिशियन डाक्टर समीर गुप्ता, डाक्टर आलोक शुक्ला, चाइल्ड स्पेशलिस्ट डाक्टर घनश्याम गुप्ता, सर्जन शादाब जमा खान, ईएमओ डाक्टर अजीत सिंह और आर्थोपैडिक सर्जन डाक्टर डीके राव शामिल गोण्डा जिले के चीफ मेडिकल सुप्रीटेडेंट डाक्टर रतन कुमार ने इन सभी डाक्टरों के इस्तीफे की तस्दीक तो की लेकिन यह भी कहा कि इस्तीफे मंजूर करने का अख्तियार उन्हें नहीं है।

इस तरह योगी की अपनी जाती सेना हिन्दू युवा वाहिनी का दखल सरकारी कामकाज में बराबर बढता ही जा रहा है। लेकिन बजाहिर खबर लिखे जाने तक आदित्यनाथ योगी ने हिन्दू युवा वाहिनी को कानून के दायरे मंे रहने की हिदायत नहीं दी थी।

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