उत्तर प्रदेेश असम्बली एलक्शन के तीसरे दौर की पोलिंग खत्म होते ही बौखलाए मोदी और अमित शाह – मोदी चले जहरीली चाल

उत्तर प्रदेेश असम्बली एलक्शन के तीसरे दौर की पोलिंग खत्म होते ही बौखलाए मोदी और अमित शाह – मोदी चले जहरीली चाल

”कब्रस्तान और श्मशान बनवाने की बातें करके मोदी ने साफ इशारा कर दिया कि आने वाले दिनों में वह उत्तर प्रदेश को भी 2002 का गुजरात बनाना चाहते हैं। यादवों को ही नौकरियां देने की बात करके उन्होने हिन्दुओं में भी झगड़ा कराने की कोशिश की। रमजान में बिजली दी जाए तो दीवाली पर भी दी जानी चाहिए यह बोल कर मोदी ने बताया कि रमजान और ईद पर सप्लाई होने वाली बिजली सिर्फ मुसलमानों को तो दीवाली और होली पर सिर्फ हिन्दुओं के ही घर रौशन करती है। वाह रे वजीर-ए-आजम और उनकी अक्ल।“

 

”अखिलेश यादव ने मोदी को मुंह तोड़ जवाब देते हुए उन्हें खुली बहस का चैलेंज दिया तो मोदी समेत पूरी बीजेपी की बोलती बंद हो गई अखिलेश ने इशारों-इशारों में मोदी और अमित शाह पर सख्त हमला करते हुए अमिताभ बच्चन से कहा कि वह गुजरात के गधों का इश्तेहार करना बंद कर दें। कहा कि गुजरात के लोग तो गधों का भी इश्तेहार कराते हैं। डिम्पल यादव ने कहा कि मोदी वगैरह का न काम अच्छा, न सोच अच्छी,न बोली अच्छी इसीलिए तो सिर्फ जहर उगलते रहते हैं।“

 

”मायावती ने भी नरेन्द्र मोदी की सतह से गिरी जुमलेबाजी का सख्त जवाब देते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी का मतलब ‘निगेटिव दलित मैन’ यानी दलित मुखालिफ शख्स है। उन्होेने कहा मोदी यह न भूलें कि दलित की यह बेटी जुमलेबाजी करने में उनसे चार कदम आगे है। उन्होने कहा कि बीजेपी तो भारतीय जुमला पार्टी है। जबकि उनकी बीएसपी एक पार्टी होने से पहले एक आंदोलन है। उन्होने कहा कि हार दिख रही है तो मोदी बौखला गए हैं।“

 

लखनऊ! उत्तर प्रदेश असम्बली एलक्शन जैसे-जैसे अपने आखिरी दौर की जानिब बढ रहा है बदजुबानी के बाद अब  फिरकापरस्ती और जहरीली जुबान का इस्तेमाल होने लगा है। इस जहरीली जुबान का इस्तेमाल किसी और ने नहीं खुद वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी ने शुरू किया है। कोई वजीर-ए-आजम वह भी सवा करोड़ के अजीम मुल्क के अजीम (महान) जम्हूरी सिस्टम के मुखिया ने जिस किस्म की जुबान बोली उन्होने सड़कांे पर फिरने वाले मामूली गुण्डों की जुबान को भी पीछे छोड़ दिया है। नरेन्द्र मोदी ने सिर्फ हिन्दू और मुसलमानोें के दरम्यान नफरत फैलाने का काम नहीं किया, उन्होनेे यादवों को ही पुलिस में भर्ती किए जाने की बात करके हिन्दू समाज में भी तबकाती जंग शुरू करने का गुनाह किया है। उन्होने कहा कि पुलिस में ज्यादातर यादवों को ही भर्ती किया गया है। यादवों से कुछ बचा तो मुसलमानों को दे दिया गया। यह किस किस्म के वजीर-ए-आजम हैं जो इस तरह समाज में जहर घोल कर खानाजंगी (गृहयुद्ध) जैसे हालात पैदा करने की कोशिशें करते फिर रहे हैं। इससे पहले उन्होने अपना अस्ल चेहरा दिखाते हुए कहा था कि अगर उत्तर प्रदेश के गांवों में कब्रस्तान बने हैं तो श्मशान भी बनने चाहिए, अगर रमजान में बिजली दी जाती है तो दीवाली परभी मिलनी चाहिए। होली और ईद दोनों मौकोें पर बिजली मिलनी चाहिए। याद रहे कि कब्रस्तान कहीं बनवाए नहीं जाते गांव-गांव में कब्रस्तानों की जमीनें हजारों सालों से हैं। रेवेन्यू रिकार्ड्स में वह दर्ज भी हैं इसी तरह श्मशान भी दर्ज हैं। अखिलेश यादव सरकार को जब बड़े पैमाने पर शिकायतें मिली कि कब्रस्तानों की जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं जिससे गांव-गांव में झगड़े और टकराव के हालात पैदा हो रहे हैं तो सरकार ने फैसला किया कि रेवेन्यू रिकाडर््स में दर्ज रकबे के मुताबिक पैमाइश कराकर कब्रस्तानों और श्मशान की जमीनों की बाउण्ड्री बनवा दी जाए। मोदी इसी को फिरकावाराना रंग दे रहे थे जैसे प्रदेश सरकार नए कब्रस्तानों की तामीर करा रही हो। इंतेहाई कम अक्ली का सुबूत देते हुए उन्होने कहा कि अगर रमजान में बिजली दी जाती है तो दीवाली पर भी दी जाए इसी तरह होली और ईद पर दी जाए। मोदी शायद अपनी अक्ल के मुताबिक यह समझ रहे हैं कि ईद और रमजान के दिनों में सप्लाई होने वाली बिजली सिर्फ मुसलमानों के घरों को तो दीवाली और होली पर सप्लाई होेने वाली बिजली सिर्फ हिन्दुओं के घरों को ही रौशन करती है। सियासी हलकोें में मोदी की इन बातों को घटिया जेहन का नतीजा बताया जा रहा है। मोदी के कठपुतली सदर अमित शाह ने तकरीरें शुरू कर दीं कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनते ही रात बारह बजे से पहले प्रदेश के तमाम स्लाटर हाउसेज को बंद कर दिया जाएगा। याद रहे कि मोदी और अमित शाह ने बिहार असम्बली एलक्शन के दौरान भी इसी तरह गाय और पिंक रिवोल्यूशन यानी गोश्त के कारोबार में इंकलाब जैसी जहरीली मुहिम छेड़ी थी तो बिहार के लोगों ने अपने वोटों के जरिए दोनों को थप्पड़ मारकर लालू-नितीश और कांग्रेस गठजोड़ के पीछे ढकेल दिया था। मोदी और अमित शाह ने उत्तर प्रदेश असम्बली एलक्शन के तीसरे दौर की पोलिंग के बाद यह जहरीली, सतही और घटिया बयानबाजी शुरू की थी क्योंकि तीसरा दौर मुकम्मल होेने तक 209 असम्बली हलकोें के एलक्शन हो चुके थे जिनमें बीजेपी को ज्यादा सीटें मिलने की कोई तवक्को नहीं दिखी तो बाकी चार दौर की पोलिंग में हिन्दू वोटर्स को पोलराइज करके उनके वोट ठगने की गरज से इन लोगों ने इतना घटिया रास्ता अख्तियार किया। खबर लिखे जाने तक चैथे दौर की भी पोलिंग खत्म हो चुकी थी जिसमें 61 फीसद लोगों ने अपने वोट का इस्तेमाल किया चैथे दौर की पालिंग मुकम्मल होने से 262 सीटों के उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला वोटिंग मशीनों में कैद हो चुका था।

नरेन्द्र मोदी और अमित शाह ने तीसरे दौर की पोलिंग खत्म होते ही बिलावजह जहर उगलना शुरू नहीं किया है। यह नरेन्द्र मोदी की बाकायदा तयशुदा हिकमते अमली (रणनीति) का हिस्सा है। पहले दो मरहलों की पोलिंग पच्छिमी उत्तर प्रदेश में हुई थी जहां जहर उगलने के लिए उन्होनेे सच्चिदानन्द साक्षी और आदित्यनाथ जैसे पियादों का इस्तेमाल किया था। इनका ख्याल शायद यह था कि पच्छिम में हिन्दुत्व के जज्बात भड़काने के लिए उनके छुट भैय्या पियादे काफी हैं। उनकी जहरीली तकरीरों का कोई फायदा वोटों में नहीं हुआ इसका अंदाजा होते ही नरेन्द्र मोदी और अमित शाह ने खुद ही कमान संभाल कर जहर उगलना शुरू कर दिया। यह मोदी की पुरानी आदत है गुजरात असम्बली के एलक्शन में एक बार उन्होने चार बीवी पच्चीस बच्चों का नारा उछाला था फिर मियां मुशर्रफ उनका पसंदी नारा बन गया उसके बाद चीफ एलक्शन कमिशनर जे एम लिंगदोह का पूरा नाम जेम्स माइकल लिंगदोह लेकर उन्होने सोनिया गांधी से उनका रिश्ता कायम करने की कोशिशें की थीं। आखिरी एलक्शन में उनका नारा था मियां अहमद पटेल। झूटों के  बादशाह बन चुके अमित शाह सरकार बनने पर उत्तर प्रदेश के स्लाटर हाउस बंद कराने का नारा लगा रहे हैं लेकिन उत्तर प्रदेश से पहले वह अपनी सरकार वाले प्रदेशों के स्लाटर हाउस बंद कराने और महाराष्ट्र समेत बीजेपी सरकारों वाले दूसरे प्रदेशो के स्लाटर हाउस बंद कराने की हिम्मत नहीं कर पाए हैं।

अखिलेश यादव ने तरक्कियाती कामों पर मोदी को खुली बहस का चैलेंज दिया तो मोदी ही नहीं पूरी बीजेपी दुम दबाकर भाग खड़ी हुई। अखिलेश ने कहा कि वह तो गंगा मैय्या के बुलाने पर बनारस आने की बातें करते थे आएं और गंगा की कसम खाकर बताएं कि हमने बनारस को चैबीस घंटे बिजली नहीं दी है। उन्होने कहा कि कब्रस्तानों की बाउण्ड्री हो या श्मशान की हमारी सरकार ने दोनों में कोई फर्क नहीं किया। प्रदेश मे जो भी काम हुए हैं सभी तबकों और फिरकों के लिए कराए गए हैं। हम बीजेपी की तरह समाज में जहर फैलाने या किसी एक तबके के लोगों के साथ जानिबदारी (पक्षपात) का रवैय्या अख्तियार नहीं करते। इसी के बाद अखिलेश अमिताभ बच्चन के जरिए किए जाने वाले गुजरात के गधों के एडवरटाइजमेंट का जिक्र करके मोदी एण्ड कम्पनी पर इशारों-इशारों मे उन्ही की जुबान (भाषा) में जो जवाब दिया उसने मोदी को बैकफुट पर जाने को मजबूर कर दिया।

नरेन्द्र मोदी ने सिर्फ फिरकावाराना कशीदगी फैलाने की ही कोशिश नहीं की उन्होने बहुजन समाज पार्टी पर भी सतही हमला करते हुए कह दिया कि बीएसपी का मतलब ‘बहन जी सम्पति(मायावती की जायदाद) पार्टी है।’ मायावती ने मोदी को मुंह तोड़ जवाब देते हुए कहा कि मोदी यह न भूलें कि जुमलेबाजी में यह दलित की बेटी उनसे चार कदम आगे है। मायावती ने कहा कि नरेन्द्र मोदी का मतलब है निगेटिव दलित मैन यानी दलित मुखालिफ शख्स। उन्होने कहा कि हजारों करोड़ रूपए खर्च करने के बाद भी तीसरे दौर की पोलिंग मुकम्मल होते ही मोदी एण्ड कम्पनी को अंदाजा लग गया कि प्रदेश के अवाम ने फिरकापरस्तों और मगरूरों को रिजेक्ट कर दिया है। इसी बौखलाहट में मोदी अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं।

वजीर-ए-आला अखिलेश यादव और उनकी लोक सभा मेम्बर बीवी डिम्पल यादव ने मोदी और अमित शाह को मुंह तोड़ जवाब दिया तो मोदी औैर अमित शाह समेत पूरी बीजेपी तिलमिला उठी। अखिलेश यादव ने मोदी को सीधे-सीधे बेअक्ल कहने के बजाए इशारों-इशारों में उनपर बहुत ही सख्त हमला कर दिया। उन्होेंने कहा कि वह सदी के महानायक कहे जाने वाले (अमिताभ बच्चन) से कहंेगे कि अब गुजरात के गधों का एडवरटाइजमेंट न करें। भला कोई गधों का भी एडवरटाइजमेंट करता है। उन्होनेे कहा कि गुजरात के लोग तो ऐसे हैं जो अपने गधों का भी एडवरटाइजमेंट कराते हैं। याद रहे कि छोटा रण आफ कच्छ कहे जाने वाले गुजरात के सुरेन्द्र नगर जिले में जंगली गधों की एक नस्ल पाई जाती है जो पूरी दुनिया में सिर्फ सुरेन्द्र नगर जिले में ही पाए जाते हैं। छोटा रण आफ कच्छ में पाए जाने वाले इन गधों का  एडवरटाइजमेंट गुजरात टूरिज्म मोहकमे ने अमिताभ बच्चन से कराया जो तमाम टीवी चैनलों पर दिखाया भी जाता है। अखिलेश यादव का निशाना तो कहीं और था उन्होने गधों के इस एडवरटाइजमेंट का फायदा उठाकर मोदी और अमित शाह पर सख्त हमला कर दिया। अखिलेश ने मोदी को खुली बहस का चैलेंज दे डाला तो मोदी दुम दबाकर भाग खड़े हुए।

अखिलेश यादव की लोक सभा मेम्बर बीवी डिम्पल यादव ने भी मोदी और अमित शाह पर सख्त हमले किए। उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 2014 में अपनी तारीख (इतिहास) में सबसे ज्यादा 73 लोक सभा सीटें नरेन्द्र मोदी को दीं थीं। अगर वह ईमानदार होते तो तभी से प्रदेश मंे तरक्कियाती काम शुरू करा देते। भारत सरकार की जानिब से वह काश्तकारों के कर्ज माफ कर सकते थे। उन्होनेे कर्ज माफ नहीं किए क्योंकि उन्हें करना नहीं था। मोदी ने प्रदेश के लिए कुछ भी नहीं किया। न इनका काम अच्छा, न यह अच्छे दिन ला पाए, न इनकी सोच (जेहनियत) अच्छी है, न इनके बोल और जुबान (भाषा), इसीलिए तो यह लोग जहर उगल रहे हैं। डिम्पल ने कहा कि जिनका काम अच्छा नहीं होता जुबान अच्छी नहीं होती सोच अच्छी नहीं होती वह सिर्फ और सिर्फ जहर ही उगल सकते हैं। इसीलिए मोदी अमित शाह और पूरी बीजेपी जहर ही उगल रही है।

नरेन्द्र मोदी की सतही जुमलेबाजी पर राहुल गांधी ने तो इंतेहाई संजीदगी से जवाब दिया। उन्होने कहा कि मोदी और उनकी पार्टी के लोग उनका (राहुल का) चाहे जितना मजाक क्यांे न उड़ा लें मुझपर कोई फर्क नहीं पड़ता मैं उसकी परवा भी नहीं करता मेरा तो एक ही निशाना है पहले उत्तर प्रदेश में हम फिरकापरस्तों को पैर जमाने नहीं देंगे फिर 2019 मे मोदी को वापस गुजरात भेज देंगे। उन्होने कहा कि हर तरफ नाकामी नजर आ रही है इसीलिए नरेन्द्र मोदी और उनकी पार्टी सतही जुमलेबाजी पर उतर आई है। उन्होने कहा कि हम उतना नीचे गिर कर न तो तकरीर कर सकते हैं और न ही किसी पर सतह से गिरी जुमलेबाजी कर सकते हैं। लेकिन प्रदेश के लोग सबकुछ बहुत अच्छी तरह से देख और सुन रहे हैं। प्रदेश के अवाम ही उन्हें सबक सिखाएंगे। ग्यारह मार्च को उन्हें सजा भी हो जाएगी।

समाजवादी पार्टी की जानिब से नरेन्द्र मोदी की जहरीली जुबान का जो जवाब वजीर-ए-आला अखिलेश यादव ने इशारों में दिया था, मोदी के कठपुतली वजीर-ए-आला विजय रूपानी ने उसपर जुबान खोलकर यह बता दिया कि गधों के इश्तेहार के अखिलेश यादव के बयान में किस पर चोट थी। रूपानी ने कहा कि अखिलेश यादव ने गुजरात के गधों के इश्तेहार पर एतराज करके पूरे गुजरात की तौहीन की है। अब रूपानी से कौन पूछे कि गधों के इश्तेहार से पूरे गुजरात की इज्जत या तौहीन का क्या ताल्लुक है? सिर्फ विजय रूपानी ही नहीं बीजेपी के बेश्तर लीडरान और पार्टी तर्जुमानों ने इस बात पर तो खूब शोर मचाया कि अखिलेश यादव ने गुजरात के गधों के इश्तेहार की बात करके बहस की सतह को गिराया है। लेकिन मोदी ने कब्रस्तान और श्मशान रमजान में बिजली तों दीवाली पर भी बिजली की जो इंतहाई जहरीली बातें कहीं उनकी क्या सतह है। मोदी के लिए इस किस्म की बातें कहना कहां तक मुनासिब थीं क्या उत्तर प्रदेश के लोगों ने कभी यह भी शिकायत की थी कि रमजान के महीने में तो बिजली आती है लेकिन दीवाली के मौके पर नहीं आती। वह तो अब मुल्क के वजीर-ए-आजम हैं एक मिनट में वह किसी भी प्रदेश से कोई भी इत्तेला हासिल कर सकते हैं। आखिर उत्तर प्रदेश के बिजली मोहकमे ने मोदी के बयान के चंद घंटों के अंदर ही बिजली सप्लाई का पुराना रिकार्ड जारी करके मोदी को झूटा साबित कर दिया। प्रदेश पावर कारपोरेशन के रिकार्ड के मुताबिक पिछली ईद के मौके पर 6 जुलाई 2016 को प्रदेश में 13500 मेगावाट बिजली सप्लाई की गई और दीवाली के मौके पर 28 अक्टूबर से 3 नवम्बर 2016 को भैय्या दवीज तक रोजाना 15400 मेगावाट बिजली सप्लाई की गई। यहां यह वजाहत एक बार फिर जरूरी है कि मौका कोई भी कोई भी त्यौहार का हो बिजली सप्लाई का फायदा तो हिन्दू मुसलमान सभी को होता है।

अखिलेश यादव के मुंह तोड़ जवाब के बाद समाजवादी पार्टी के तर्जुमान और रियासती वजीर राजेन्द्र चैधरी ने नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के बयानात पर सख्त एतराज करते हुए उन दोनों को सियासी दहशतगर्द तक करार दे दिया। इन सबके बावजूद अमित शाह समेत बीजेपी लीडरान की बदजुबानी बंद नहीं हुई। सुल्तानपुर की एक रैली में उन्होने कांग्र्र्र्र्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को पाकिस्तानी दहशतगर्द ‘कसाब’ करार देते हुए कहा कि अस्ली कसाब को तो 21 नवम्बर 2012 को फांसी दे दी गई लेकिन उत्तर प्रदेश के ‘कसाब’ को सजा मिलनी बाकी है। उन्होने कहा कि ‘क’ से मतलब कांगे्रस, ‘सा’ का मतलब समाजवादी पार्टी और ‘ब’ का बहुजन समाज पार्टी है। अमित शाह ने एक बार फिर साबित किया कि वह झूटों के बादशाह हैं। उन्हीं की नरेन्द्र मोदी सरकार के नेशनल क्राइम ब्योरो की रिपोर्ट है कि रेप के सबसे ज्यादा मामले मध्य प्रदेश और राजस्थान में होते हैं, लेकिन सुल्तानपुर में अमित शाह कह रहे थे कि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा रेप होते हैं। दिन में कम से कम चार बार कीमती कपड़े बदलने वाले नरेन्द्र मोदी के खुशामदी अमित शाह अपनी रैली में अखिलेश यादव और राहुल गांधी को शहजादे करार देते हुए कह रहे थे कि दोनों शहजादे नए-नए कपड़े पहन कर आते हैं और प्रदेश के लोगों को गुमराह करते हैं। जिस तरह बिहार में उन्होनेे शेख चिल्लियांे जैसी बयानबाजी की थी उसी तरह सुल्तानपुर मे भी कहा कि ग्यारह मार्च को दिन में एक बजे तक अखिलेश की सरकार चली जाएगी और भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन जाएगी।

 

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