मरकजी बजट अकलियतों के लिए कितना साजगार?

मरकजी बजट अकलियतों के लिए कितना साजगार?

नई दिल्ल! एक तरफ जहां अपोजीशन सरकार पर इल्जाम लगा रहा हैं कि वह अकलियतों के तयीं सर्दमेहरी का मुजाहिरा कर रही है  वहीं मोदी सरकार का दावा है कि वह अपने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे पर अमल करते हुए अकलियतों की फलाह के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है।

अकलियती मामलों के मरकजी वजीर मुख्तार अब्बास नकवी पुर उम्मीद हैं कि मरकजी बजट 2017-18 से अकलियतोें को समाजी, मआशी और तालीमी तौर पर मुस्तहकम बनाने में बहुत मददगार साबित होगा। मुख्तार अब्बास नकवी का कहना है कि बजट में अकलियतोें के लिए 2600 करोड़ रुपये से ज्यादा मुख्तलिफ स्कालरशिप, फैलोशिप और महारत की तरक्की के लिये अलाट किया गया है जो उन शोबोें की तरक्की के लिए बेहद मुफीद साबित होगा।

काबिले जिक्र है कि 2017-18 के मरकजी सरकार के बजट में अकलियती मामलात की वजारत के लिए 4195.48 करोड़ रुपये अलाट किया गया है। यह पिछले बजट के 3827.25 करोड़ रुपये के मुकाबले 368.23 करोड़ रुपये यानी तकरीबन 9 फीसद ज्यादा है। मुख्तार अब्बास नकवी के मुताबिक मरकजी सरकार अकलियतोें को बेहतर तालीम देने के साथ ही उनकी महारत की तरक्की पर भी जोर दे रही है ताकि अकलियती बिरादरी के नौजवानों को बेहतर रोजगार के मौके मुहैया कराए जा सकें।

बजट में 2600 करोड़ रुपये से ज्यादा मुख्तलिफ स्कालरशिप, फैलोशिप और महारत की तरक्की के मंसूबों जैसे ‘सीखो और कमाओ’ ‘नई मंजिल’, ‘नई रोशनी’, ‘उस्ताद’, ‘गरीब नवाज महारत की  तरक्की के मरकज’ ‘बेगम हजरत महल स्कालरशिप’ पर खर्च किए जाने की तजवीज है। इसके अलावा कसीर इलाकाई तरक्कियात प्रोग्राम (एमएसडीपी) के तहत भी तालीमी तरक्की की सरगर्मियों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर रकम खर्च की जाएगी। मेरिट कम-मेन्स स्कालरशिप पर 393.54 करोड़ रुपये, प्री मैट्रिक स्कालरशिप पर 950 करोड़ रुपये, पोस्ट-मैट्रिक स्कालरशिप पर 550 करोड़ रुपये, ‘सीखो और कमाओ’ पर पिछले साल के मुकाबले 40 करोड़ रुपये के इजाफे के साथ 250 करोड़ रुपये , ‘नई मंजिल’ पर 56 करोड़ रुपये के इजाफे के साथ 176 करोड़ रुपये, मौलाना आजाद फैलोशिप स्कीम पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाने कर तजवीज है। मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के लिए 113 करोड़ रुपये का बंदोबस्त किया गया है। मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि अकलियतों के हुनर को फरोग देने, उन्हें मुल्क और विदेशी बाजार मुहैया कराने के लिए ‘उस्ताद’ मंसूबाबंदी के तहत 22 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा कसीर जहती  तरक्कियाती प्रोग्राम’ (एमएसडीपी) के लिए पिछले साल के 141 करोड़ रुपये को मजीद बढ़ाकर इस बार के बजट में 1200 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। एमएसडीपी का मकसद अकलियत अक्सरियती इलाकांें में बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे स्कूल, अस्पताल, सड़क, ‘सदभावमंडप’ वगैरह मुहैया कराना है।

मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कहा 2017-18 में 35 लाख से ज्यादा तलबा को मुख्तलिफ स्कालरशिप दी जाएगी। 2 लाख से ज्यादा नौजवानों को रोजगार से मुताल्लिक टेªनिंग दी जाएगी। इसके अलावा अकलियतों की समाजी, मआशी और तालीमी तरक्की और उन्हें बाअख्तियार बनाने में वजीर-ए-आजम का नया 15 नुकाती प्रोग्राम अहम रोल अदा कर  रहा है। इस स्कीम में 11 वजारतों और मोहकमों के 24 प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। मुख्तलिफ वजारतें अपने फंड का तकरीबन 15 फीसद अकलियतों की तरक्की पर खर्च कर रही हैं। बजट 2017-18 में इस मंसूबे के तहत मुख्तलिफ वजारतों और मोहकमों के जरिए खर्च किए जाने वाले बजट में तकरीबन 19 फीसद का  इजाफा किया गया है। पिछले बजट में एलानशुदा 3827 करोड़ में से तकरीबन 2800 करोड़ रुपये स्कालरशिप, टेªनिंग समेत दीगर तालीमी सरगर्मियों के लिए खर्च किए गए। इनमें 1816 करोड़ रुपये के स्कालरशिप शामिल हैं। पिछले साल तकरीबन 90 हजार अकलियती तबके के नौजवानों को ‘सीखो और कमाओ’ के तहत टेªनिंग दी गई। तकरीबन 70 हजार औरतों को ‘नई रोशनी’ के तहत टेªनिंग दी गई। इसके अलावा एमएसडीपी के तहत 650 करोड़ रुपये तालीमी इंफ्रास्ट्रक्चर के फरोग पर खर्च किए गए हैं।

अकलियतोें को बाअख्तियार बनाने के लिए की जा रही कोशिशों में ‘प्रोग्रेस पंचायत’, ‘हुनर हाट’, ‘गुरुकुल जैसे स्कूलों के कयाम, ‘गरीब नवाज स्किल डेवलपमेंट सेंटर शुरू करने, तालिबात के लिए ‘बेगम हजरत महल स्कालरशिप’ अकलियतों के लिए 5 आलमी तालीमी इदारे कायम करने और 500 से ज्यादा आला तालीमी मेयार  से भरपूर रिहाइशी स्कूल और रोजगार पर मरकूज महारत की तरक्की के सेंटर्स शामिल हैं। इसके अलावा 12 वीं पंजसाला मंसूबे में एमएसडीपी में मुख्तलिफ रियासतों को तकरीबन 5300 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।

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