कांग्रेस के मेनीफेस्टो में नौजवानों व किसानों पर फोकस

कांग्रेस के मेनीफेस्टो में नौजवानों व किसानों पर फोकस

लखनऊ! कांग्रेस नायब सदर राहुल गांधी ने समाजवादी पार्टी से गठजोड़ होने से पहले अपनी जो यात्राएं प्रदेश में निकाली थीं उस दौरान अवाम से जो वादे किए थे उन्हीं वादों का अक्स कांगे्रस के जरिए आठ फरवरी को जारी किए गए एलक्शन मेनीफेस्टो में नजर आता है। कांगे्रस ने अपने मेनीफेस्टो में ख्वातीन,नौजवानों और किसानों पर खुसूसी फोकस किया है। इसमें कई वादे ऐसेे हैं जो समाजवादी पार्टी के मेनीफेस्टो में भी शामिल हैं लेकिन किसानों के कर्जे माफ औार बिजली का बिल हाफ यानि आधा करने का वादा किसी भी पार्टी के मेनीफेस्टो में शामिल नहीं है। यहा वादा राहुल गांधी ने अपनी खाट सभाओं और देवरिया से दिल्ली तक की बस यात्रा के दौरान किसानों से किया था। मेनीफेस्टो मे उसे शामिल करके यह बताने की कोशिश की गई है कि कांग्रेस अपने वादे के लिए संजीदा है अगर यूपी में समाजवादी पार्टी कांगे्रस गठजोड़ की हुकूमत बनती है तो इसपर अमल कराया जाएगा।

अपनी बस यात्राओं के जरिए राहुल गांधी ने किसानों से जो वादे किए थे उन्हें ेइस मेनीफेस्टो मंे जगह दी गई है। किसानों के कर्जे माफ करने और उनके बिजली के बिल आधे करने के वादेे के साथ-साथ घरेलू और छोटी सनअतों को कम कीमत पर बिजली देने का वादा भी इसमें शामिल है। इससे छोटे बुनकरों और दस्तकारी का काम करने वालों को राहत मिलेगी। कांग्रेस ने एक जरई कीमत (कृषि मूल्य) कमीशन बनाने की बात भी कही हैं इसके जरिए किसानों को उनकी फसल की मरकजी सरकार के जरिए एलान कर्दा कम से कम सहारा कीमत से ज्यादा कीमत दिलाई जाएगी। पंचायतों में ख्वातीन को पचास फीसद का रिजर्वेशन और पांच साल में 50 लाख नौजवानों को रोजगार देने की बात भी इसमें शामिल है। लड़कियांे को साइकिल देने का वादा समाजवादी पार्टी के मेनीफेस्टो में भी शामिल है। कांग्रेस ने भी दर्जा नौ से इंटर मीडिएट तक की लड़कियों को साइकिल देने का वादा किया है। दरअस्ल बिहार मे ंसबसे पहले नितीश कुमार ने लड़कियों को साइकिल देने की पहल की थी जिसका उन्हें फायदा भी पहुचा था। इसके अलावा  सूबे में 150 दिन का रोजगार गारंटी कानून लागू किया जाएगा। हर परिवार के एक मेम्बर को नौकरी देने का वादा भी किया गया है। हर जिले में तीन महिला थाने खोलने की बात भी कही गई है। कावड़ यात्रा के दौरान पेश आने वाले हादसों और टकराव से बचने के लिए एक अलग से ‘आस्था पथ’ बनाने की बात कही है जिसका इस्तेमाल जायरीन भी उर्स वगैरह के दौरान कर सकेंगे।

अकलियती तबके के नौजवानों और ख्वातीन को खुद का कारोबार शुरू करने के लिए उन्हंे दो लाख रूपए तक का कर्ज कम सूद पर मुहैया कराया जाएगा। इसके अलावा अट्ठारह साल पूरे करने वाली हर लड़की को 50 हजार से एक लाख रूपए तक की मदद दी जाएगी। पिछड़े तबके के स्टूडेंट्स को रिहाइशी और स्कालरशिप के लिए पांच हजार रूपए दिए जाएंगे जबकि पिछडे़ तबके की बेटियों की शादी के लिए मौजूदा इमदाद के अलावा दस हजार रूपए दिए जाएंगे। पिछड़े नौजवानों को तीन लाख रूपए तक कर्ज का बंदोबस्त किया जाएगा। इलेक्ट्रानिक अदालतों के वादे के साथ जिला अदालतों को हाई कोर्ट से वीडियो कांफ्रेंसिंग से जोड़ा जाएगा। होम गार्डाे के मसायल दूर करने का भी वादा किया गया है। शिक्षा मित्रों को असिस्टेंट टीचर के तौर पर समायोजित करने का वादा भी कांगे्रस के मेनीफेस्टो में शामिल है।

कांगे्रस के कौमी जनरल सेक्रेटरी और यूपी के इंचार्ज गुलाम नबी आजाद प्रदेश कांगे्रस के सदर राज बब्बर, दिल्ली की वजीर-ए-आला रहीं शीला दीक्षित, राजस्थान के वजीर-ए-आला रह चुके अशोक गहलौत, सलामान खुर्शीद और निर्मल खत्री ने प्रदेश कांगे्रस के दफ्तर में अपना चुनावी मंशूर (घोषणा पत्र) जारी किया। इस मौके पर गुलाम नबी आजाद ने तीन तलाक के मसले पर बीजेपी को घेरते हुए कहा कि बीजेपी को एलक्शन के वक्त ही ऐसी बातें याद आती हैं। उन्होने कहा कि खुद सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि एलक्शन में मजहब की बात नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद बीजेपी के मेनीफेस्टो में कुछ काबिले एतराज बाते शामिल हैं। एलक्शन कमीशन को इस पर गौर करके कार्रवाई करनी चाहिए। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमारा मुकाबला उन ताकतो से है जो समाज को बांट कर वोट हासिल करना चाहती है। उन्होने कहा कि प्रदेश में भाई चारा एकता और हमाहंगी बरकरार रखने के लिए कांगे्रस व समाजवादी पार्टी मिलकर काम करेंगी।

प्रदेश सदर राज बब्बर ने कहा कि  होम गार्डों को उनका हक दिलाया जाएगा और अगर जरूरत पड़ी तो उसके लिए कमीशन भी बनाया जाएगा। नौजवान लड़के-लड़ियों को टेªण्ड करने के लिए उत्तर प्रदेश महारत (कौशल) और रोजगार मिशन शुरू कराया जाएगा। पांच साल में 50 लाख लड़के-लड़कियों को रोजगार मुहैया कराया जाएगा। मंडी सिस्टम मंे सुधार के साथ खाद डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम को बेहतर बनाया जाएगा। कांग्रेेस ने अपना मेनीफेस्टो तीनों जबानों (हिन्दी, उर्दू और अंगे्रजी) में छपवाया ताकि सभी तबके के लोग कांगे्रस के वादों से वाकिफ हो सकें। वैसे कांग्रेस के इस मेनीफेस्टो मंे ज्यादापर वादे तकरीबन वैसे ही हैं जैसे समाजवादी पार्टी ने अपने मेनीफेस्टो में किए हैं। चूंकि समाजवादी पार्टी ने अपना मेनीफेस्टो पहले जारी कर दिया था इसलिए दोनों का कोई कामन मिनिमम प्रोग्राम जारी नहीं हो सका। लेकिन अगर कांगे्रस समाजवादी का गठजोड़ प्रदेश में सरकार बनाने की पोजीशन में आता है तो दोनों का एक कामन मिनिमम प्रोग्राम जारी कर दिया जाएगा। इसका इशारा अखिलेश यादव और राहुल गांधी दोनों अपनी प्रेस कांफ्रेंस में पहले ही दे चुके हैं।

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