वोटर्स को गुमराह करने वाले साजिशी सर्वे

वोटर्स को गुमराह करने वाले साजिशी सर्वे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश असम्बली का एलक्शन नजदीक आया तो तरह-तरह के झूटे सर्वे करने वाली कम्पनियों की जालसाजी भी तेजी पकड़ गई है। अब तक जितने भी सर्वे आए है सभी ने अलग-अलग तरह के नतीजों का अंदाजा पेश किया है सर्वे करने वालों की हकीकत से वाकिफ कई माहिरीन का कहना है कि इन कम्पनियों को जिस जिस ने ज्यादा पैसा दिया कम्पनी ने अपने सर्वे में उसी को ज्यादा सीटें दे दी। इन सर्वे के नतीजे हमेशा गलत ही साबित होते है इसके बावजूद यह लोग अपना अपना सर्वे अवाम के सामने लाते है और कई टी.वी. चैनल इन सर्वेज़ पर अपने स्टूडियो में घंटो की बहस कराते हैं। टी.वी. चैनल भी मोटी-मोटी रकमें लेकर यह बहसें कराते हैं, और कुछ इस अंदाज में सर्वे के नतीजे पेश करते हैं जैसे वह सर्वे के न होकर अस्ल एलक्शन के नतीजे ही बयान कर रहे हों।

अब यह बात साबित हो चुकी है कि मुल्क या प्रदेशों के वोटर्स को मुतास्सिर करके किसी खास पार्टी की जानिब उनके वोट और हिमायत करना होता है। इस काम के लिए इन कम्पनियों और टीवी चैनलों को कालेधन से भुगतान किया जाता है जो करोड़ों में होता। यह लोग बहुत ही शातिराना तरीके से अपनी साजिश को अंजाम देते है। लोकसभा एलक्शन में अभी तकरीबन सवा दो साल का वक्त बाकी है। चूंकि पांच प्रदेश असम्बलियों उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, पंजाब, गोवा और अरूणाचल प्रदेश असम्बलियों के एलक्शन हो रहे हैं इसलिए इन प्रदेशों के वोटर्स पर असर डालने के लिए एक सर्वे कम्पनी, एक बड़े अखबार और चैनल ने मिलकर साजिश रची। एक सर्वे करके यह बताया कि अगर आज लोकसभा एलक्शन हो जाए तो भारतीय जनता पार्टी लोकसभा की 360 सीटें जीत लेगी।

इस सर्वे का सिर्फ और सिर्फ यह मकसद है कि पांच प्रदेशों के अवाम पर एक नफ्सियाती दबाव यह बनाया जाए कि नरेन्द्र मोदी ही इस वक्त मुल्क में सबसे ज्यादा मकबूल (लोकप्रिय) लीडर हैं। इसलिए उन्हीं की पार्टी बीजेपी को वोट दिए जाने चाहिए। आज की तारीख में लोकसभा एलक्शन से मुताल्लिक सर्वे का क्या जवाज (औचित्य) है जवाज तो कोई नहीं बड़ी साजिश जरूर है। इस सर्वे के जरिए यह भी बताने की कोशिश की गई है कि एक भी वादा पूरा न कर पाने और नोटबंदी के बावजूद नरेन्द्र मोदी ही मुल्क में सबसे बड़े लीडर हैं। इससे बड़ा झूट और क्या हो सकता है।

उत्तर प्रदेश असम्बली एलक्शन के लिए जो मुबय्यना (कथित) सर्वे किए गए है, उनके नतीजों से ही पता चलता है कि सर्वे करने वाले कितने बड़े झूटे और गुमराह करने वाले लोग है। ए.बी.पी. न्यूज ने लोकनीति और सीएसडीएस का सर्वे पेश किया उसमें बताया गया कि यू.पी. में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और राहुल की कांग्रेस पार्टी मिलकर प्रदेश की 187 से 197 तक सीटें जीत लेगी। ए.बी.पी. ने भारतीय जनता पार्टी को 118 से 128 तक और मायावती की बहुजन समाजपार्टी को 76 से 86 तक ही सीटें दी हैं। टाइम्स आॅफ इ ण्डिया के चैनल टाइम्स नाऊ और वी.एम.आर. ने मिलकर भारतीय जनता पार्टी को मुकम्मल अक्सरियत ही दे दी और कहा कि भारतीय जनता पार्टी को नरेन्द्र मोदी की मकबूलियत की वजह से 202 सीटें मिलेंगी। इन्होंने अखिलेश यादव और राहुल गांधी के गठजोड़ को 147 सीटें तो मायावती की बहुजन समाज पार्टी को सिर्फ 47 सीटों पर ही निबटा दिया है। द वीक और हंसा रिसर्च ने तो हद ही कर दी उसने मायावती की बहुजन समाज पार्टी को 20 से 24 सीटों पर ही जीतता बताया है। हंसा और वीक के सर्वे के मुताबिक उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज्यादा 192 से 196 सीटें जितवा दी तो कांग्रेस और अखिलेश गठजोड़ को दूसरे नम्बर पर 178 से 182 सीटों पर ही रखा है। एक सर्वे के.एम.पी.आई. का आया है उन्होंने 31 जनवरी 2017 तक किए गए अपने सर्वे में मायावती की बीएसपी को 220 सीटों पर जीतने का अंदाजा लगाया है। बीजेपी को 90 और कांग्रेस व समाजवादी गठजोड़ को 65 सीटों के अलावा 28 सीटों पर राष्ट्रीय लोकदल और दीगर छोटी-छोटी पार्टियों और आजाद उम्मीदवारों को जीतना बताया है।

 

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